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Kaushambi News: साख बचाने की कोशिश...दुष्कर्म के आरोपी प्रधानाचार्य को घटना से आठ दिन पहले किया गया था निलंबित
Sun, 09 Jun 2024 03:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 09 Jun 2024 03:48 AM IST
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सरस्वती विद्या मंदिर के प्रबंधन ने कहा कि आरोपी काम में आरोपी काम में दिलचस्पी नहीं लेता था, इसलिए किया गया निलंबित
स्कूल परिसर के भवन में ही आरोपी प्रधानाचार्य का रहता है परिवार
संवाद न्यूज एजेंसी
भरवारी। किशोरी को अपनी हवस का शिकार बनाने वाला आरोपी प्रधानाचार्य डीके मिश्रा घटना से आठ दिन पहले 20 मई को निलंबित कर दिया गया था। स्कूल प्रबंधन का ऐसा दावा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामला उजागर होने के बाद साख बचाने के लिए ऐसा कहा जा रहा है।
दुष्कर्म का आरोपी डीके मिश्रा मूलरूप से पूरब शरीरा का रहने वाला है। भरवारी के जिस सरस्वती विद्या मंदिर में वह प्रधानाचार्य है, वहीं दूसरे तल पर प्रधानाचार्य का परिवार अब भी रह रहा है। उसके साथ एक सहायक अध्यापिका की भी तैनाती थी।
जन शिक्षा विकास समिति की तरफ से जिले में चार विद्यालय संचालित है। समिति का जिले में कार्यभार देख रहे सुरेंद्र त्रिपाठी की तैनाती कोरोना काल में हुई थी। उन्होंने बताया कि डीके मिश्रा पर स्कूल में बच्चों के नामांकन कराने में दिलचस्पी, अन्य कार्यक्रमों से दूरी बनाने का आरोप था। इसी वजह से 20 मई को डीके मिश्रा को निलंबित कर दिया गया था।
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इस मामले में लोगों का कहना है कि मई में तो विद्यालय बंद रहते हैं। ऐसे में नामांकन में दिलचस्पी न लेने पर प्रधानाचार्य को हटाने की बात गले नहीं उतरती। चर्चा यह भी है कि घटना के बाद पुरानी तारीख पर निलंबन किया गया है।
मामले में सीओ सिराथू अवधेश विश्कर्मा का कहना है कि घटना में जिनकी भी भूमिका संदिग्ध होगी, सभी पर कार्रवाई की जाएगी।
इनसेट
पीड़िता के पिता को मजदूरी के लिए बुलाया जाता था
लोगों ने बताया दुष्कर्म पीड़िता के पिता को विद्यालय की साफ-सफाई के लिए अक्सर डीके मिश्रा बुलाता था। इस बहाने उसके घर के भी संपर्क में था। घटना वाले दिन घर बुलाने गया था। किशोरी ने बताया कि घर पर कोई नहीं है। इसके बाद उसकी नीयत डोल गई और दुष्कर्म कर डाला।
आजाद समाज पार्टी ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
मंझपुर। किशोरी के साथ दुष्कर्म की घटना व पीड़िता द्वारा खुदकुशी के लिए कदम उठाए जाने की घटना की आजाद समाज पार्टी ने निंदा की है। शनिवार को जिलाध्यक्ष डॉ. सुनील भारतीय की अगुवाई में जिला अस्पताल पहुंचे प्रतिनिधि मंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इसके बाद वह लोग डीएम को ज्ञापन देने आए लेकिन वह अपने अपने दफ्तर में नहीं मिले। संवाद
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स्कूल परिसर के भवन में ही आरोपी प्रधानाचार्य का रहता है परिवार
संवाद न्यूज एजेंसी
भरवारी। किशोरी को अपनी हवस का शिकार बनाने वाला आरोपी प्रधानाचार्य डीके मिश्रा घटना से आठ दिन पहले 20 मई को निलंबित कर दिया गया था। स्कूल प्रबंधन का ऐसा दावा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामला उजागर होने के बाद साख बचाने के लिए ऐसा कहा जा रहा है।
दुष्कर्म का आरोपी डीके मिश्रा मूलरूप से पूरब शरीरा का रहने वाला है। भरवारी के जिस सरस्वती विद्या मंदिर में वह प्रधानाचार्य है, वहीं दूसरे तल पर प्रधानाचार्य का परिवार अब भी रह रहा है। उसके साथ एक सहायक अध्यापिका की भी तैनाती थी।
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जन शिक्षा विकास समिति की तरफ से जिले में चार विद्यालय संचालित है। समिति का जिले में कार्यभार देख रहे सुरेंद्र त्रिपाठी की तैनाती कोरोना काल में हुई थी। उन्होंने बताया कि डीके मिश्रा पर स्कूल में बच्चों के नामांकन कराने में दिलचस्पी, अन्य कार्यक्रमों से दूरी बनाने का आरोप था। इसी वजह से 20 मई को डीके मिश्रा को निलंबित कर दिया गया था।
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इस मामले में लोगों का कहना है कि मई में तो विद्यालय बंद रहते हैं। ऐसे में नामांकन में दिलचस्पी न लेने पर प्रधानाचार्य को हटाने की बात गले नहीं उतरती। चर्चा यह भी है कि घटना के बाद पुरानी तारीख पर निलंबन किया गया है।
मामले में सीओ सिराथू अवधेश विश्कर्मा का कहना है कि घटना में जिनकी भी भूमिका संदिग्ध होगी, सभी पर कार्रवाई की जाएगी।
इनसेट
पीड़िता के पिता को मजदूरी के लिए बुलाया जाता था
लोगों ने बताया दुष्कर्म पीड़िता के पिता को विद्यालय की साफ-सफाई के लिए अक्सर डीके मिश्रा बुलाता था। इस बहाने उसके घर के भी संपर्क में था। घटना वाले दिन घर बुलाने गया था। किशोरी ने बताया कि घर पर कोई नहीं है। इसके बाद उसकी नीयत डोल गई और दुष्कर्म कर डाला।
आजाद समाज पार्टी ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
मंझपुर। किशोरी के साथ दुष्कर्म की घटना व पीड़िता द्वारा खुदकुशी के लिए कदम उठाए जाने की घटना की आजाद समाज पार्टी ने निंदा की है। शनिवार को जिलाध्यक्ष डॉ. सुनील भारतीय की अगुवाई में जिला अस्पताल पहुंचे प्रतिनिधि मंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इसके बाद वह लोग डीएम को ज्ञापन देने आए लेकिन वह अपने अपने दफ्तर में नहीं मिले। संवाद