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टीकरडीह हादसा : गमगीन माहौल में हुआ देवरानी-जेठानी का अंतिम संस्कार
Wed, 30 Apr 2025 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 30 Apr 2025 01:52 AM IST
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भरवारी के टीकरडीह गांव में घटना के दूसरे दिन अंतिम संस्कार में पहुंचे प्रतिनिधि। संवाद
- फोटो : सीएसजेएमयू
टीकरडीह गांव में सोमवार को मिट्टी खोदाई के दौरान मौत का शिकार हुई देवरानी-जेठानी के शवों का अंतिम संस्कार दूसरे दिन मंगलवार की दोपहर गमगीन माहौल में गंगा नदी के संदीपनघाट पर किया गया। भरवारी और मंझनपुर नगर पालिका अध्यक्षों समेत कई जनप्रतिनिधि अंतिम संस्कार में शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवारों से मिलकर ढांढ़स बंधाते हुए हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
नगर पालिका के वार्ड नंबर-6 बालाजी नगर (टीकरडीह) में सोमवार सुबह तालाब से मिट्टी खोदते समय टीला ढहने से पांच महिलाओं की मौत हो गई थी। मलबे में दबने से चार लोग जख्मी हो गए थे। घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के साथ ही मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। पोस्टमार्टम के बाद शाम को पांचों शव गांव लाए गए थे। इनमें से वृद्धा कछरही के साथ ही छात्रा खुशी और सुमन के शवों का परिजनों ने देर शाम संदीपन घाट में अंतिम संस्कार कर दिया था।
वहीं, ममता उर्फ सुनीता के पति अवधेश सरोज और उसकी देवरानी ललिता के पति राजेश के बाहर होने से दोनों के शवों का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका था। हाथरस व अलीगढ़ के ईंट-भट्ठों पर मजदूरी करने वाले अवधेश और राजेश हादसे की खबर सुन मंगलवार सुबह घर आए। दोनों भाई अपनी-अपनी पत्नियों के शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोते रहे। इस दौरान मौजूद परिजनों, रिश्तेदारों एवं ग्रामीणों की भी आंखें नम हो गईं। सभी लोग दिलासा देते रहे।
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दोपहर में देवरानी-जेठानी के शवों को संदीपनघाट ले जाया गया। जहां गमगीन माहौल में परिजनों, रिश्तेदारों की मौजूदगी में शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भरवारी नगर अध्यक्ष कविता पासी, मंझनपुर के अध्यक्ष वीरेंद्र फौजी,भाजपा नेता लवकुश मौर्य, आशीष पासी, ओमप्रकाश पासी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
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बच्चों के सिर से उठा मां, चाची व बड़ी मां का साया, परवरिश का संकट
-- टीकरडीह हादसे में मौत का शिकार हुई पांचों महिलाओं के परिवारों पर गमों का पहाड़ टूटा है। सुनीता और ललिता की मौत ने सभी को झकझोर दिया है। ललिता और सुनीता आपस में देवरानी-जेठानी थीं। दरअसल, इन महिलाओं की मौत से इनके बच्चों के सिर से मां का साया छिन गया। ललिता के पति अवधेश सरोज हाथरस में और सुनीता के पति राजेश अलीगढ़ स्थित ईंट-भट्ठे में मजदूरी करते हैं। घर पर अवधेश की पत्नी 11 वर्षीय बेटे सोम, बेटी शालिनी, सुषमा व सुमित समेत चार बच्चों के साथ रहती थीं। इसी तरह से राजेश की पत्नी भी पांच वर्षीय बेटे हिमांशु, बेटी हिमांशी व प्रियांशु समेत तीन बच्चों के साथ रह रही थीं। हादसे में दोनों महिलाओं की मौत से बच्चे बिना मां, चाची व बड़ी मां के हो गए। घटना के बाद से बच्चे बिलख रहे हैं। उधर, पत्नियों के मौत से दोनों भाई स्तब्ध हैं। उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि अब बच्चों की परवरिश कैसे होगी, कौन उन्हें खाना बनाकर खिलाएगा, घर की देखभाल कौन करेगा। यही सब सोच कर दोनों भाइयों के आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं।
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नगर पालिका के वार्ड नंबर-6 बालाजी नगर (टीकरडीह) में सोमवार सुबह तालाब से मिट्टी खोदते समय टीला ढहने से पांच महिलाओं की मौत हो गई थी। मलबे में दबने से चार लोग जख्मी हो गए थे। घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के साथ ही मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। पोस्टमार्टम के बाद शाम को पांचों शव गांव लाए गए थे। इनमें से वृद्धा कछरही के साथ ही छात्रा खुशी और सुमन के शवों का परिजनों ने देर शाम संदीपन घाट में अंतिम संस्कार कर दिया था।
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वहीं, ममता उर्फ सुनीता के पति अवधेश सरोज और उसकी देवरानी ललिता के पति राजेश के बाहर होने से दोनों के शवों का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका था। हाथरस व अलीगढ़ के ईंट-भट्ठों पर मजदूरी करने वाले अवधेश और राजेश हादसे की खबर सुन मंगलवार सुबह घर आए। दोनों भाई अपनी-अपनी पत्नियों के शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोते रहे। इस दौरान मौजूद परिजनों, रिश्तेदारों एवं ग्रामीणों की भी आंखें नम हो गईं। सभी लोग दिलासा देते रहे।
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दोपहर में देवरानी-जेठानी के शवों को संदीपनघाट ले जाया गया। जहां गमगीन माहौल में परिजनों, रिश्तेदारों की मौजूदगी में शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भरवारी नगर अध्यक्ष कविता पासी, मंझनपुर के अध्यक्ष वीरेंद्र फौजी,भाजपा नेता लवकुश मौर्य, आशीष पासी, ओमप्रकाश पासी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बच्चों के सिर से उठा मां, चाची व बड़ी मां का साया, परवरिश का संकट