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लेखपाल के खिलाफ गरजे सयारा के ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Thu, 09 Apr 2015 12:40 AM IST
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मंझनपुर (ब्यूरो)। सुविधा शुल्क लेने के बाद वरासतन जमीन दर्ज नहीं करने का आरोप लगाते हुए सयारा मीठेपुर गांव के लोगों ने बुधवार को लेखपाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। गांववालों ने कलेक्ट्रेट में आकर प्रदर्शन किया। डीएम को शिकायती पत्र देकर जांच और कार्रवाई की मांग की। सुनवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन भी की चेतावनी दी है।
सिराथू तहसील क्षेत्र के सयारा मीठेपुर गांव निवासी बद्री प्रसाद, अजहर, कयामुद्दीन, अख्तर अहमद, जीतलाल, अमरनाथ, सलाउद्दीन आदि ने बताया कि उन लोगों से लेखपाल ने भू-अभिलेखों में वरासत जमीन दर्ज करने के लिए सुविधाशुल्क ली है। आरोप है कि सुविधा शुल्क लेने के कई महीने बाद भी अभिलेखों में जमीन उनके नाम दर्ज नहीं की जा सकी है। लोगों की मानें तो जब भी इस बावत लेखपाल से पूछताछ की जाती है, वह बहाने बनाकर टाल देता है।
ग्रामीणों की मानें तो अब तक लेखपाल उन्हें धमकाने भी लगा है। इतना ही नहीं कहीं भी शिकायत करने पर ग्रामसभा की जमीन पर कब्जे की झूठी शिकायत करके फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी जाती है। लेखपाल की इस मनमानी से त्रस्त ग्रामीणों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में आकर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर ग्रामीणों ने इसकी जांच कराने, लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई, उसके तबादले की मांग की। साथ ही भू-अभिलेखों में वरासतन जमीन उनके नाम दर्ज करवाए जाने की मांग की। जिलाधिकारी ने एसडीएम सिराथू को प्रकरण की जांच करके तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
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सिराथू तहसील क्षेत्र के सयारा मीठेपुर गांव निवासी बद्री प्रसाद, अजहर, कयामुद्दीन, अख्तर अहमद, जीतलाल, अमरनाथ, सलाउद्दीन आदि ने बताया कि उन लोगों से लेखपाल ने भू-अभिलेखों में वरासत जमीन दर्ज करने के लिए सुविधाशुल्क ली है। आरोप है कि सुविधा शुल्क लेने के कई महीने बाद भी अभिलेखों में जमीन उनके नाम दर्ज नहीं की जा सकी है। लोगों की मानें तो जब भी इस बावत लेखपाल से पूछताछ की जाती है, वह बहाने बनाकर टाल देता है।
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ग्रामीणों की मानें तो अब तक लेखपाल उन्हें धमकाने भी लगा है। इतना ही नहीं कहीं भी शिकायत करने पर ग्रामसभा की जमीन पर कब्जे की झूठी शिकायत करके फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी जाती है। लेखपाल की इस मनमानी से त्रस्त ग्रामीणों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में आकर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर ग्रामीणों ने इसकी जांच कराने, लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई, उसके तबादले की मांग की। साथ ही भू-अभिलेखों में वरासतन जमीन उनके नाम दर्ज करवाए जाने की मांग की। जिलाधिकारी ने एसडीएम सिराथू को प्रकरण की जांच करके तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
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