{"_id":"fd58194563ede4ab4d5fb949add64790","slug":"three-banks-fell-victim-to-careless-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाह तीन बैंकों पर गिरी गाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाह तीन बैंकों पर गिरी गाज
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Sat, 03 Jan 2015 12:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंझनपुर। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बैंकों को महंगी पड़ी है। प्रबंधकों की मनमानी पर मुख्य विकास अधिकारी ने जिलास्तरीय अफसरों को स्टेट बैंक, इलाहाबाद और बड़ौदा पूर्वी उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंकों में रखी सरकारी धनराशि को हटाने का निर्देश जारी किया है। सीडीओ ने पत्र भेजकर अग्रणी बैंक प्रबंधक को संबंधित बैंकों को काली सूची में डालने की चेतावनी दी है, इससे हड़कंप मचा है।
दोआबा के बैंक सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में फिसड्डी साबित हुए हैं। शाखा प्रबंधकों की मनमानी के कारण योजनाएं परवान नहीं चढ़ पा रही हैं। ज्यादातर योजनाएं सिर्फ फाइलों में सिमट चुकी हैं। सप्ताहभर पहले कलेक्ट्रेट में हुई उद्यमियों की बैठक में इसका खुलासा हुआ है। मुख्य विकास अधिकारी बीएन मिश्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री ग्रामद्योग योजना, कामधेनु, मिनी कामधेनु डेयरी योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) आदि योजनाओं के चयनित लाभार्थियों के फाइलें बड़ी संख्या में स्वीकृत होने के बाद बैंकों में लंबित हैं। इससे उद्योग स्थापित होने में दिक्कतें आ रही हैं। बैंक अफसरों की मनमानी पर जिलाधिकारी खफा है।
डीएम ने सीडीओ को सरकारी योजनाओं के क्रियान्यवन में लापरवाही करने वाले बैंकों को चिह्नित करके वहां से सरकारी धन को हटाने का निर्देश दिया था। सीडीओ ने बताया कि जिले में स्टेट बैंक, इलाहाबाद और बड़ौदा पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सरकारी फाइलों को निपटाने आनाकानी की है। सीडीओ ने बृहस्पतिवार को पत्र भेजकर सभी जिलास्तरीय अफसरों को इन बैंकों सरकार रकम हटाने का निर्देश दिया है। साथ ही पत्र भेजकर अग्रणी बैंक प्रबंधक को संबंधित बैंकों को काली सूची में डालने का निर्देश दिया है। डीएम राजमणि यादव का कहना है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्यवन में मनमानी कतई बर्दाश्त नहीं होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
दोआबा के बैंक सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में फिसड्डी साबित हुए हैं। शाखा प्रबंधकों की मनमानी के कारण योजनाएं परवान नहीं चढ़ पा रही हैं। ज्यादातर योजनाएं सिर्फ फाइलों में सिमट चुकी हैं। सप्ताहभर पहले कलेक्ट्रेट में हुई उद्यमियों की बैठक में इसका खुलासा हुआ है। मुख्य विकास अधिकारी बीएन मिश्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री ग्रामद्योग योजना, कामधेनु, मिनी कामधेनु डेयरी योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) आदि योजनाओं के चयनित लाभार्थियों के फाइलें बड़ी संख्या में स्वीकृत होने के बाद बैंकों में लंबित हैं। इससे उद्योग स्थापित होने में दिक्कतें आ रही हैं। बैंक अफसरों की मनमानी पर जिलाधिकारी खफा है।
विज्ञापन
डीएम ने सीडीओ को सरकारी योजनाओं के क्रियान्यवन में लापरवाही करने वाले बैंकों को चिह्नित करके वहां से सरकारी धन को हटाने का निर्देश दिया था। सीडीओ ने बताया कि जिले में स्टेट बैंक, इलाहाबाद और बड़ौदा पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सरकारी फाइलों को निपटाने आनाकानी की है। सीडीओ ने बृहस्पतिवार को पत्र भेजकर सभी जिलास्तरीय अफसरों को इन बैंकों सरकार रकम हटाने का निर्देश दिया है। साथ ही पत्र भेजकर अग्रणी बैंक प्रबंधक को संबंधित बैंकों को काली सूची में डालने का निर्देश दिया है। डीएम राजमणि यादव का कहना है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्यवन में मनमानी कतई बर्दाश्त नहीं होगी।
विज्ञापन