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Kaushambi News: मौसम ने बदली करवट, अस्पतालों में बढ़े टॉन्सिल के मरीज
Wed, 12 Nov 2025 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 12 Nov 2025 12:36 AM IST
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ओपीडी में मरीज का इलाज करते ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. पंकज तिवारी। संवाद
- फोटो : शांती नगर मोहल्ले में मंगलवार को चोरी के बाद बिखरा पड़ा सामान।
मौसम में आए बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। सुबह-शाम ठंड बढ़ने और दिन में हल्की गर्माहट के कारण गला संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज में टॉन्सिल, खांसी और गले में सूजन की शिकायत लेकर आने वालों की भीड़ लगातार बढ़ रही हैं। यहां ईएनटी विभाग की ओपीडी में रोजाना 150 से अधिक मरीज आते हैं, जिनमें अधिकतर टॉन्सिल की समस्या से पीड़ित हैं।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में नाक-कान-गला विभाग में डॉ. पंकज तिवारी ने बताया कि तापमान में उतार-चढ़ाव, ठंडे पानी का सेवन, धूल-धूप और तैलीय व मसालेदार भोजन का सेवन टॉन्सिल की समस्या को बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों और युवाओं में यह बीमारी अधिक दिखाई देती है, क्योंकि इस मौसम में लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।
अस्पताल में आने वाले मरीजों को डॉ. पंकज तिवारी सलाह देते हैं कि सुबह-शाम ठंड से बचाव करें, गुनगुने पानी का सेवन करें और अत्यधिक ठंडी व तली-भुनी चीजें खाने से परहेज करें। जिन लोगों को गले में दर्द, निगलने में दिक्कत, सूजन या बुखार की शिकायत हो, वे स्वयं दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर परामर्श लें।
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जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज में बढ़ती मरीज की संख्या को देखते जूनियर डॉक्टरों को भी लगाया गया है, ताकि दूरदराज से आने वाले मरीजों को अधिक समय तक इंतजार न करना पड़े। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि टॉन्सिल की तकलीफ बार-बार होती है और लंबे समय तक बनी रहती है तो समय रहते परीक्षण और उपचार बेहद आवश्यक है, अन्यथा संक्रमण बढ़कर गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
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मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में नाक-कान-गला विभाग में डॉ. पंकज तिवारी ने बताया कि तापमान में उतार-चढ़ाव, ठंडे पानी का सेवन, धूल-धूप और तैलीय व मसालेदार भोजन का सेवन टॉन्सिल की समस्या को बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों और युवाओं में यह बीमारी अधिक दिखाई देती है, क्योंकि इस मौसम में लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।
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अस्पताल में आने वाले मरीजों को डॉ. पंकज तिवारी सलाह देते हैं कि सुबह-शाम ठंड से बचाव करें, गुनगुने पानी का सेवन करें और अत्यधिक ठंडी व तली-भुनी चीजें खाने से परहेज करें। जिन लोगों को गले में दर्द, निगलने में दिक्कत, सूजन या बुखार की शिकायत हो, वे स्वयं दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर परामर्श लें।
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जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज में बढ़ती मरीज की संख्या को देखते जूनियर डॉक्टरों को भी लगाया गया है, ताकि दूरदराज से आने वाले मरीजों को अधिक समय तक इंतजार न करना पड़े। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि टॉन्सिल की तकलीफ बार-बार होती है और लंबे समय तक बनी रहती है तो समय रहते परीक्षण और उपचार बेहद आवश्यक है, अन्यथा संक्रमण बढ़कर गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।