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Kaushambi News: मूरतगंज के दधिकांदो मेले में चौकियों ने सबका मन मोहा
Mon, 18 Aug 2025 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 18 Aug 2025 12:39 AM IST
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मूरतगंज के पक्का तालाब में लगे दधीकांदो मेले मेला देखने उमड़ी महिलाओं की भीड़। संवाद
नगर स्थित मूरतगंज पक्का तालाब का दधिकांदो मेला रविवार को धूमधाम से आयोजित हुआ। मेले में सुबह से ही भीड़ उमड़ पड़ी। देर शाम राम-लक्ष्मण की भव्य झांकी निकाली गई जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इसके बाद रात को रोशनी चौकियों की झलक देखने को मिली। मूरतगंज के अलग-अलग मोहल्लों और क्षेत्रों से चौकियां निकाली गईं जिनमें आकर्षक सजावट और मनमोहक झांकियां देखने को मिलीं।
भरवारी रोड से निकली राम-लक्ष्मण की रोशनी चौकी और जीटी रोड की तरफ से आई चौकियां आकर्षण का केंद्र बनीं। करीब आधा दर्जन चौकियां निकाली गईं। इसी दौरान डांस कंपटीशन भी हुआ, जिसमें विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, पक्का तालाब का यह मेला पिछले 30 वर्षों से जन्माष्टमी के अवसर पर लगातार आयोजित होता आ रहा है और हर साल यहां भारी भीड़ जुटती है।
17 अगस्त की शाम 6 बजे से 18 अगस्त की सुबह 8 बजे तक यातायात को डायवर्ट किया गया। कानपुर से प्रयागराज जाने वाले वाहन सकाढ़ा तिराहा, रोही चौराहा, असवां से होते हुए चरवा, मनौरी और पूरामुफ्ती के रास्ते प्रयागराज भेजे गए। प्रयागराज से कानपुर जाने वाले वाहन: पूरामुफ्ती, चायल, चरवा होकर असवां, रोही चौराहा और सकाढ़ा तिराहा से कानपुर की ओर डायवर्ट किए गए। जिला प्रशासन ने मेले के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया।
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प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम बने आकर्षण
मेले का मुख्य आकर्षण डीजे और झांकियों का कंपीटिशन रहा। इस बार प्रतियोगिता और भी भव्य रही क्योंकि इसमें न सिर्फ कौशाम्बी बल्कि प्रतापगढ़, खागा और प्रयागराज से भी टीमें शामिल हुईं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कलात्मक झांकियों ने श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया।
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भरवारी रोड से निकली राम-लक्ष्मण की रोशनी चौकी और जीटी रोड की तरफ से आई चौकियां आकर्षण का केंद्र बनीं। करीब आधा दर्जन चौकियां निकाली गईं। इसी दौरान डांस कंपटीशन भी हुआ, जिसमें विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, पक्का तालाब का यह मेला पिछले 30 वर्षों से जन्माष्टमी के अवसर पर लगातार आयोजित होता आ रहा है और हर साल यहां भारी भीड़ जुटती है।
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17 अगस्त की शाम 6 बजे से 18 अगस्त की सुबह 8 बजे तक यातायात को डायवर्ट किया गया। कानपुर से प्रयागराज जाने वाले वाहन सकाढ़ा तिराहा, रोही चौराहा, असवां से होते हुए चरवा, मनौरी और पूरामुफ्ती के रास्ते प्रयागराज भेजे गए। प्रयागराज से कानपुर जाने वाले वाहन: पूरामुफ्ती, चायल, चरवा होकर असवां, रोही चौराहा और सकाढ़ा तिराहा से कानपुर की ओर डायवर्ट किए गए। जिला प्रशासन ने मेले के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया।
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प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम बने आकर्षण
मेले का मुख्य आकर्षण डीजे और झांकियों का कंपीटिशन रहा। इस बार प्रतियोगिता और भी भव्य रही क्योंकि इसमें न सिर्फ कौशाम्बी बल्कि प्रतापगढ़, खागा और प्रयागराज से भी टीमें शामिल हुईं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कलात्मक झांकियों ने श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया।