{"_id":"69ac784b51e4cf4c1506c0a5","slug":"the-number-of-patients-in-hospitals-increased-after-holi-kaushambi-news-c-261-1-kmb1002-137618-2026-03-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: होली के बाद अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: होली के बाद अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
Sun, 08 Mar 2026 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 08 Mar 2026 12:41 AM IST
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की उमड़ी भीड़। संवाद
होली के बाद तले-भुने पकवानों का असर लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। मैदा, बेसन और तेल से बने व्यंजनों का अधिक सेवन कई लोगों के लिए परेशानी बन गई है। शनिवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 1465 मरीजों ने उपचार कराया। इनमें उल्टी-दस्त, पेट दर्द, गैस, एलर्जी और खांसी की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या अधिक रही।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एके सिंह ने बताया कि होली पर तले-भुने और भारी भोजन का अधिक सेवन करने से पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। बालरोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश ने बताया कि होली में बच्चों ने भी गुझिया, पापड़ और तले-भुने खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन किया, जिससे कई बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की समस्या हो रही हैं।
वहीं, चेस्ट फिजिशियन डॉ. संजीव सिंह और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एमसी पाल ने बताया कि रंग-गुलाल और धूल के संपर्क में आने से लोगों को सांस लेने में तकलीफ, एलर्जी और खांसी की शिकायत बढ़ी है।
विज्ञापन
-- -- -
रंग-गुलाल से कान, गले और आंखों में बढ़ी परेशानी
फोटो नं- 31
:: मेडिकल कॉलेज के नाक-कान-गला (ईएनटी) विभाग की ओपीडी में शनिवार को मरीजों की अच्छी-खासी भीड़ रही। यहां कान दर्द, गले में खराश, जुकाम और आंखों में जलन की शिकायत लेकर मरीज उपचार कराने पहुंचे। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. ज्ञानेंद्रधर द्विवेदी ने बताया कि होली के दौरान रंगों के कण नाक और गले में जाने से जलन, खांसी और गले में सूजन जैसी समस्याओं से परेशान 40 से अधिक मरीजों ने ओपीडी में उपचार कराया।
-- -- -
कैसे करें बचाव
- त्योहार के बाद कुछ दिन तक हल्का भोजन करें।
- तले-भुने और ज्यादा मसालेदार खाद्य पदार्थों से परहेज रखें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- बाहर की खुली और बासी चीजें खाने से बचें।
- बच्चों को ज्यादा मिठाई और तले खाद्य पदार्थ न दें।
- पेट दर्द, उल्टी, सांस लेने में तकलीफ या एलर्जी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
विज्ञापन
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एके सिंह ने बताया कि होली पर तले-भुने और भारी भोजन का अधिक सेवन करने से पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। बालरोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश ने बताया कि होली में बच्चों ने भी गुझिया, पापड़ और तले-भुने खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन किया, जिससे कई बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की समस्या हो रही हैं।
विज्ञापन
वहीं, चेस्ट फिजिशियन डॉ. संजीव सिंह और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एमसी पाल ने बताया कि रंग-गुलाल और धूल के संपर्क में आने से लोगों को सांस लेने में तकलीफ, एलर्जी और खांसी की शिकायत बढ़ी है।
विज्ञापन
रंग-गुलाल से कान, गले और आंखों में बढ़ी परेशानी
फोटो नं- 31
:: मेडिकल कॉलेज के नाक-कान-गला (ईएनटी) विभाग की ओपीडी में शनिवार को मरीजों की अच्छी-खासी भीड़ रही। यहां कान दर्द, गले में खराश, जुकाम और आंखों में जलन की शिकायत लेकर मरीज उपचार कराने पहुंचे। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. ज्ञानेंद्रधर द्विवेदी ने बताया कि होली के दौरान रंगों के कण नाक और गले में जाने से जलन, खांसी और गले में सूजन जैसी समस्याओं से परेशान 40 से अधिक मरीजों ने ओपीडी में उपचार कराया।
कैसे करें बचाव
- त्योहार के बाद कुछ दिन तक हल्का भोजन करें।
- तले-भुने और ज्यादा मसालेदार खाद्य पदार्थों से परहेज रखें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- बाहर की खुली और बासी चीजें खाने से बचें।
- बच्चों को ज्यादा मिठाई और तले खाद्य पदार्थ न दें।
- पेट दर्द, उल्टी, सांस लेने में तकलीफ या एलर्जी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की उमड़ी भीड़। संवाद

मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की उमड़ी भीड़। संवाद