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खाकी के तेवर से सहमा कुनबा
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Sun, 12 Jul 2015 01:37 AM IST
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मंझनपुर। खाकी के तेवर से चिल्ला-मुंजफ्ता गांव का कुनबा सहमा हुआ है। पांच दिन पहले चौकी प्रभारी रहीमाबाद युवक को पीटने के बाद जेल भेज दिया। कारागार से रिहा होने के बाद शनिवार को मंझनपुर पहुंचे पीड़ित ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री समेत डीजीपी, आईजी, जिलाधिकारी से की
पिपरी कोतवाली क्षेत्र के चिल्ला-मुंजफ्ता गांव निवासी नागेन्द्र सिंह उर्फ पिंटू ने बताया कि 6 जुलाई को वह एलएलबी की परीक्षा देकर घर जा रहा था। आरोप है कि कादिलपुर बाजार के समीप चौकी प्रभारी रहीमाबाद उसकी गाड़ी रोककर तलाशी ली। जब कुछ नहीं मिला तो उसकी लाईसेंसी पिस्टल छीन लिया। इसके बाद फर्जी तरीके से तमंचा रखने का आरोप लगा दिया। विरोध करने पर सरेराह बेरहमी से पिटाई कर दी। लोग बीच-बचाव की हिम्मत नहीं जुटा सके। जानकारी होने पर भाई ज्ञानेन्द्र बीच-बचाव करने पहुंचा तो उसे भी फर्जी मुुकदमे में फंसाने की धमकी दी। आरोप है कि पिटाई करने के बाद दरोगा ने उसके पास से 31 हजार रुपये छीन लिए।
इसके बाद रात भर भूखे-प्यासे चौकी में रखने के बाद सुबह जेल भेज दिया। आरोप है कि बेगारी में गाड़ी नहीं देने पर दरोगा उससे खुन्नस रखता है। खाकी के खौफ से भुक्तभोगी का कुनबा सहमा हुआ है। जेल से रिहा होने के बाद शनिवार को भुक्तभोगी मंझनपुर पहुंचा और फैक्स से शिकायत मुख्यमंत्री, डीजीपी, आईजी, जिलाधिकारी से की। मामले में सीओ चायल आलोक मिश्र का कहना है कि फिलहाल उन्हें ऐसी जानकारी नहीं है। यदि दरोगा ने मनमानी की है तो जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पिपरी कोतवाली क्षेत्र के चिल्ला-मुंजफ्ता गांव निवासी नागेन्द्र सिंह उर्फ पिंटू ने बताया कि 6 जुलाई को वह एलएलबी की परीक्षा देकर घर जा रहा था। आरोप है कि कादिलपुर बाजार के समीप चौकी प्रभारी रहीमाबाद उसकी गाड़ी रोककर तलाशी ली। जब कुछ नहीं मिला तो उसकी लाईसेंसी पिस्टल छीन लिया। इसके बाद फर्जी तरीके से तमंचा रखने का आरोप लगा दिया। विरोध करने पर सरेराह बेरहमी से पिटाई कर दी। लोग बीच-बचाव की हिम्मत नहीं जुटा सके। जानकारी होने पर भाई ज्ञानेन्द्र बीच-बचाव करने पहुंचा तो उसे भी फर्जी मुुकदमे में फंसाने की धमकी दी। आरोप है कि पिटाई करने के बाद दरोगा ने उसके पास से 31 हजार रुपये छीन लिए।
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इसके बाद रात भर भूखे-प्यासे चौकी में रखने के बाद सुबह जेल भेज दिया। आरोप है कि बेगारी में गाड़ी नहीं देने पर दरोगा उससे खुन्नस रखता है। खाकी के खौफ से भुक्तभोगी का कुनबा सहमा हुआ है। जेल से रिहा होने के बाद शनिवार को भुक्तभोगी मंझनपुर पहुंचा और फैक्स से शिकायत मुख्यमंत्री, डीजीपी, आईजी, जिलाधिकारी से की। मामले में सीओ चायल आलोक मिश्र का कहना है कि फिलहाल उन्हें ऐसी जानकारी नहीं है। यदि दरोगा ने मनमानी की है तो जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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