{"_id":"5f0769548ebc3e63673c9df3","slug":"the-manjhanpur-market-closed-again-kaushambi-news-ald280620284","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंद हुआ बाजार, एक बार फिर से घर बैठने पर मजबूर हुए व्यापारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंद हुआ बाजार, एक बार फिर से घर बैठने पर मजबूर हुए व्यापारी
विज्ञापन
the manjhanpur market closed again
- फोटो : KAUSHAMBI
संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा होने से मंझनपुर का बाजार एक बार फिर से बंद हो गया। बाजार बंद हो जाने से व्यापारी घरों में बैठने को विवश हो गए हैं। तीन माह से अधिक समय से बंद पड़ा बाजार कायदे से पखवाड़े भर के लिए ही खुल सका। सोमवार से सारा बाजार फिर से बंद पड़ा है। गुरुवार को नगर में पूरी तरह से बंदी रही। व्यापारियों की व्यवस्था जानने के लिए अमर उजाला टीम कारोबारियों के घर पहुंची। बाजार बंद होने से व्यापारियों की व्यथा जानी। नगर के इलेक्ट्रानिक व्यापारी सिंटू केसरवानी परेशान दिखे।
उनका कहना है कि तकरीबन तीन माह तक दुकानें बंद रही, जिसके कारण लाखों रुपए का नुकसान हुआ। पता नहीं दुकानें कब तक बंद रहेगी। व्यापारी दुकानों में सैनिटाइजर, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग सहित सभी सावधानियों का पालन कर रहे हैं। इसके बाद भी संक्रमण बढ़ रहा है। यही नहीं यदि कोई ग्राहक मास्क यह सोशल डिस्टेंसिंग का नियम तोड़ता भी है तो वह उसको सामान नहीं बेचते हैं। इसके बावजूद भी बाजार बंद होना किसी के भी हित में नहीं है। टेलीकॉम की दुकान चलाने वाले राजू धुरिया का कहना है कि उनके कारोबार में मॉडल बदलते रहते हैं। मोबाइलों के मॉडल अधिक दिनों तक नहीं चल पाते। पहले खरीदा हुआ माल लॉकडाउन के दौरान फंस गया था। जिसके कारण काफी नुकसान हो रहा था।
अनलॉक में जैसे ही बाजार खुला वैसे ही किसी तरह नया माल मंगवाया गया। पर, एक बार फिर से बाजार बंद होने से उन्हें यह चिंता खाए जा रही है कि अब क्या होगा। उनका कहना है कि ढाई सौ मीटर का कंटेनमेंट जोन तय करने के बाद पूरा बाजार बंद करना सही नहीं है। रेडीमेड व्यापारी अभिषेक केसरवानी का कहना है कि कपड़ों का हर समय डिजाइन बदलती रहती है। सीजन से पहले खरीदा गया माल लॉक डाउन में फंस गया है। अनलॉक में दुकान खुलने पर थोड़ा-बहुत बिक्री शुरू ही हुई थी कि एक बार फिर से बाजार बंद हो गए। कास्मेटिक विक्रेता पवन गुप्ता का कहना है की तीन महीने से दुकान बंद होने के कारण काफी नुकसान हो रहा है। अनलॉक में बाजार खुले ज्यादा दिन नहीं हुए थे कि संक्रमितों की संख्या बढ़ने से एक बार फिर से लॉक डाउन सरीखे परेशानियों का एहसास होने लगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
उनका कहना है कि तकरीबन तीन माह तक दुकानें बंद रही, जिसके कारण लाखों रुपए का नुकसान हुआ। पता नहीं दुकानें कब तक बंद रहेगी। व्यापारी दुकानों में सैनिटाइजर, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग सहित सभी सावधानियों का पालन कर रहे हैं। इसके बाद भी संक्रमण बढ़ रहा है। यही नहीं यदि कोई ग्राहक मास्क यह सोशल डिस्टेंसिंग का नियम तोड़ता भी है तो वह उसको सामान नहीं बेचते हैं। इसके बावजूद भी बाजार बंद होना किसी के भी हित में नहीं है। टेलीकॉम की दुकान चलाने वाले राजू धुरिया का कहना है कि उनके कारोबार में मॉडल बदलते रहते हैं। मोबाइलों के मॉडल अधिक दिनों तक नहीं चल पाते। पहले खरीदा हुआ माल लॉकडाउन के दौरान फंस गया था। जिसके कारण काफी नुकसान हो रहा था।
विज्ञापन
अनलॉक में जैसे ही बाजार खुला वैसे ही किसी तरह नया माल मंगवाया गया। पर, एक बार फिर से बाजार बंद होने से उन्हें यह चिंता खाए जा रही है कि अब क्या होगा। उनका कहना है कि ढाई सौ मीटर का कंटेनमेंट जोन तय करने के बाद पूरा बाजार बंद करना सही नहीं है। रेडीमेड व्यापारी अभिषेक केसरवानी का कहना है कि कपड़ों का हर समय डिजाइन बदलती रहती है। सीजन से पहले खरीदा गया माल लॉक डाउन में फंस गया है। अनलॉक में दुकान खुलने पर थोड़ा-बहुत बिक्री शुरू ही हुई थी कि एक बार फिर से बाजार बंद हो गए। कास्मेटिक विक्रेता पवन गुप्ता का कहना है की तीन महीने से दुकान बंद होने के कारण काफी नुकसान हो रहा है। अनलॉक में बाजार खुले ज्यादा दिन नहीं हुए थे कि संक्रमितों की संख्या बढ़ने से एक बार फिर से लॉक डाउन सरीखे परेशानियों का एहसास होने लगा।
विज्ञापन