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फर्जी क्यूआर कोड के सहारे ऑनलाइन ठगी करने वाले बदमाश गिरफ्तार
Mon, 30 Aug 2021 03:54 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 30 Aug 2021 03:54 PM IST
सार
पुलिस ऑफिस में प्रेसवार्ता के दौरान एसपी राधेश्याम ने बताया कि पिछले दिनों जिले में पे फोन के जरिए फ्राड के मामले काफी सामने आ रहे थे। लगातार मिल शिकायतों को लेकर उन्होंने घटना के खुलासे की जिम्मेदारी एसओजी प्रभारी संजय गुप्ता को दी।
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विस्तार
अगर आप बड़े कारोबारी हैं और आपके यहां कोई ग्राहक खरीदारी के बाद फोन पे करता है तो पैसा ट्रांसफर होने के बाद ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है। पहले अपने मोबाइल का बैलेंस चेक कर लें कि पैसा वास्तव में खाते में आया है नहीं। दरअसल, साइबर अपराधियों ने ऐसे ही ऑनलाइन ठगी का नायाब तरीका खोज निकाला है। रविवार को एसओजी के हत्थे चढ़े दो बदमाशों के कुबूलनामे के बाद खुद पुलिस अफसर भी भौचक्क रह गए।
पुलिस ऑफिस में प्रेसवार्ता के दौरान एसपी राधेश्याम ने बताया कि पिछले दिनों जिले में पे फोन के जरिए फ्राड के मामले काफी सामने आ रहे थे। लगातार मिल शिकायतों को लेकर उन्होंने घटना के खुलासे की जिम्मेदारी एसओजी प्रभारी संजय गुप्ता को दी। संजय गुप्ता अपनी टीम के राजेंद्र प्रसाद, प्रमोद कुमार, सुरेंद्र सिंह, कमलेश यादव, विजय सिंह, धर्मेंद्र यादव, मनोज यादव, सरताज अहमद और मनीष कुमार व मंझनपुर कोतवाली के एसआई भगवान यादव, भरत मौर्य, संतोष के साथ लगे। पुलिस ने मुखबिर तंत्र फैलाया और जल्द ही सफलता मिल गई। रविवार को समदा के पास से सरायअकिल कोतवाली के फैजुल्लापुर निवासी अमन दुबे और मुलायपुर के पीयूष सिंह पकड़े गए।
दोनों के पास से सात मोबाइल फोन, एक बाइक और 11 हजार 280 रुपये बरामद हुए। एसपी ने बताया कि दोनों ने एक क्लोन तैयार किया था। बड़े दुकानदारों के यहां से खरीदारी करते थे। इसके बाद फोन पे के जरिए अपने फोन से दिखा दिया जाता था कि उसके खाते में पैसा ट्रांसफर हो गया। दुकानदार जब तक कुछ समझ पाता तब तक बाहर उसका बाइक स्टार्ट किए हुए साथी की गाड़ी से भाग निकलते थे।
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बीएसएसी का छात्र है पीयूष
पकड़ा गया पीयूष इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएसएसी कर रहा है। पैसा और अय्याशी के कारण उसकी आदत बिगड़ गई। पीयूष के खिलाफ प्रयागराज के करछना में दो और जार्जटाउन व मुट्ठीगंज थाने में एक-एक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा जिले में कोखराज में दो और और मंझनपुर कोेतवाली में एक मामला दर्ज है। पीयूष के पड़ोसी गांव का अमन इंटर का छात्र है। इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह प्रयागराज में पीयूष की संगत में आकर जुर्म की दलदल में पहुंच गया।
पीयूष और अमन अपराध की दुनिया में तेजी से अपना नाम कमाना चाहते थे। पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं करती तो एक नामचीन हस्ती की हत्या की सुपारी भी उन्होंने ले रखी थी। फिलहाल, गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम का कार्य सराहनीय रहा। इसके लिए टीम को पुरस्कृत किया जाएगा। राधेश्याम, एसपी
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पुलिस ऑफिस में प्रेसवार्ता के दौरान एसपी राधेश्याम ने बताया कि पिछले दिनों जिले में पे फोन के जरिए फ्राड के मामले काफी सामने आ रहे थे। लगातार मिल शिकायतों को लेकर उन्होंने घटना के खुलासे की जिम्मेदारी एसओजी प्रभारी संजय गुप्ता को दी। संजय गुप्ता अपनी टीम के राजेंद्र प्रसाद, प्रमोद कुमार, सुरेंद्र सिंह, कमलेश यादव, विजय सिंह, धर्मेंद्र यादव, मनोज यादव, सरताज अहमद और मनीष कुमार व मंझनपुर कोतवाली के एसआई भगवान यादव, भरत मौर्य, संतोष के साथ लगे। पुलिस ने मुखबिर तंत्र फैलाया और जल्द ही सफलता मिल गई। रविवार को समदा के पास से सरायअकिल कोतवाली के फैजुल्लापुर निवासी अमन दुबे और मुलायपुर के पीयूष सिंह पकड़े गए।
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दोनों के पास से सात मोबाइल फोन, एक बाइक और 11 हजार 280 रुपये बरामद हुए। एसपी ने बताया कि दोनों ने एक क्लोन तैयार किया था। बड़े दुकानदारों के यहां से खरीदारी करते थे। इसके बाद फोन पे के जरिए अपने फोन से दिखा दिया जाता था कि उसके खाते में पैसा ट्रांसफर हो गया। दुकानदार जब तक कुछ समझ पाता तब तक बाहर उसका बाइक स्टार्ट किए हुए साथी की गाड़ी से भाग निकलते थे।
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बीएसएसी का छात्र है पीयूष
पकड़ा गया पीयूष इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएसएसी कर रहा है। पैसा और अय्याशी के कारण उसकी आदत बिगड़ गई। पीयूष के खिलाफ प्रयागराज के करछना में दो और जार्जटाउन व मुट्ठीगंज थाने में एक-एक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा जिले में कोखराज में दो और और मंझनपुर कोेतवाली में एक मामला दर्ज है। पीयूष के पड़ोसी गांव का अमन इंटर का छात्र है। इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह प्रयागराज में पीयूष की संगत में आकर जुर्म की दलदल में पहुंच गया।
पीयूष और अमन अपराध की दुनिया में तेजी से अपना नाम कमाना चाहते थे। पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं करती तो एक नामचीन हस्ती की हत्या की सुपारी भी उन्होंने ले रखी थी। फिलहाल, गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम का कार्य सराहनीय रहा। इसके लिए टीम को पुरस्कृत किया जाएगा। राधेश्याम, एसपी