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Kaushambi News: शुरू होने के पहले ही बदहाल हो गया सामुदायिक शौचालय
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चरवा। मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुविधा के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चार महीने पहले तकरीबन 3.80 लाख रुपये से सामुदायिक शौचालय बनवाया गया था। मानकों को दरकिनार कर कराए गए निर्माण का ही नतीजा है कि शुरू होने के पहले ही चार महीने में सामुदायिक शौचालय बदहाल हो गया।
नगर पंचायत चरवा की ओर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 3.80 लाख रुपये से पांच सीट वाले सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया। चार महीने पहले यह बनकर तैयार हुआ था। अभी इसका इस्तेमाल शुरू नहीं हुआ था, लेकिन सामुदायिक शौचालय की स्थिति बद से बदतर हो गई। शौचालय के बनाए गए टैंक की एक दीवार धंस गई है। शौचालय के अंदर लगाए गए फ्लश भी टूट गए हैं। पानी की टंकी एक भी बार भरी नहीं गई और सबमर्सिबल पंप का स्टार्टर गायब हो गया है। पीएचसी के फार्मासिस्ट रमेश सिंह ने बताया की सामुदायिक शौचालय के निर्माण में धांधली हुई।
बताया कि निम्न स्तर की सामग्री का इस्तेमाल किया गया। फार्मासिस्ट धर्मेश तिवारी ने कहा कि पांच सीट के शौचालय के लिए 500 लीटर की टंकी रखी गई है, जो नाकाफी है। सबमर्सिबल पंप की बोरिंग कराई गई, लेकिन मोटर नहीं चली। इसका स्टार्टर ही गायब हो गया है। शौचालय के आस पास गंदगी का अंबार लगा है। संविदा स्टॉफ नर्स रेनू ने बताया की अस्पताल में हर महीने लगभग 80 से 90 प्रसव होते हैं। सामुदायिक शौचालय के सही न होने के कारण प्रसूताओं और तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पीएचसी के अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने भी इस पर नाराजगी जताई। निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने और शौचालय का दुरुस्त कराकर उसे शुरू कराने की मांग की।
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मामला संज्ञान में है। संबंधित ठेकेदार को जल्द से जल्द शौचालय को मानक के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। मानक के अनुसार काम होने पर ही भुगतान किया जाएगा।-सुभाष चंद्र सिंह, ईओ, नगर पंचायत
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नगर पंचायत चरवा की ओर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 3.80 लाख रुपये से पांच सीट वाले सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया। चार महीने पहले यह बनकर तैयार हुआ था। अभी इसका इस्तेमाल शुरू नहीं हुआ था, लेकिन सामुदायिक शौचालय की स्थिति बद से बदतर हो गई। शौचालय के बनाए गए टैंक की एक दीवार धंस गई है। शौचालय के अंदर लगाए गए फ्लश भी टूट गए हैं। पानी की टंकी एक भी बार भरी नहीं गई और सबमर्सिबल पंप का स्टार्टर गायब हो गया है। पीएचसी के फार्मासिस्ट रमेश सिंह ने बताया की सामुदायिक शौचालय के निर्माण में धांधली हुई।
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बताया कि निम्न स्तर की सामग्री का इस्तेमाल किया गया। फार्मासिस्ट धर्मेश तिवारी ने कहा कि पांच सीट के शौचालय के लिए 500 लीटर की टंकी रखी गई है, जो नाकाफी है। सबमर्सिबल पंप की बोरिंग कराई गई, लेकिन मोटर नहीं चली। इसका स्टार्टर ही गायब हो गया है। शौचालय के आस पास गंदगी का अंबार लगा है। संविदा स्टॉफ नर्स रेनू ने बताया की अस्पताल में हर महीने लगभग 80 से 90 प्रसव होते हैं। सामुदायिक शौचालय के सही न होने के कारण प्रसूताओं और तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पीएचसी के अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने भी इस पर नाराजगी जताई। निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने और शौचालय का दुरुस्त कराकर उसे शुरू कराने की मांग की।
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मामला संज्ञान में है। संबंधित ठेकेदार को जल्द से जल्द शौचालय को मानक के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। मानक के अनुसार काम होने पर ही भुगतान किया जाएगा।-सुभाष चंद्र सिंह, ईओ, नगर पंचायत