{"_id":"57bc937e4f1c1b774cd4fe4e","slug":"tarai-area","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश और बाढ़ से तराई में बिगड़ रहे हालात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश और बाढ़ से तराई में बिगड़ रहे हालात
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Tue, 23 Aug 2016 11:58 PM IST
विज्ञापन
other
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोआबा में बारिश और बाढ़ से यमुना की तराई में बसे गांवों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। नेवादा ब्लॉक के तीन गांवों के लोगों ने घर छोड़कर टापू पर डेरा डाल लिया तो सरसवां इलाके के कई गांव टापू नजर आने लगे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का डीएम, एसपी, एडीएम, एसडीएम लगातार जायजा लेकर जरूरी दिशा निर्देश मातहतों को जारी कर रहे हैं।
दोआबा के यमुना की तराई में बसे दर्जनभर गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। विकास खंड नेवादा के मल्हीपुर, बेनपुर कटैया और कौशाम्बी ब्लॉक के कटैया के ग्रामीणों ने गांव के टापू पर डेरा डाल लिया है। जबकि सरसवां ब्लॉक क्षेत्र के हटवा अब्बासपुर, भवनसुरी, शाहपुर, कटरी, डेढ़ावल, पभोषा, बड़हरी पूरी तरह से पानी से घिर गए हैं। इनमें हटवा अब्बासपुर, भवनसुरी और शाहपुर टापू की तरह नजर आने लगे हैं।
उफनाई यमुना से बाढ़ की चपेट में आए गांवों का जायजा लेने के लिए सोमवार को डीएम अखंड प्रताप सिंह, एसपी बीके मिश्र ने सरसवां इलाके का दौरा कर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश जारी किए। जबकि नेवादा ब्लॉक क्षेत्र में एडीएम और एसडीएम चायल ने कई गांवों का दौरा कर बाढ़ का जायजा लिया।
विज्ञापन
मल्हीपुर के 70 बाढ़ पीड़ितों को पहुंचा राशन
बाढ़ की चपेट में आए मल्हीपुर के ग्रामीण एक टापू पर शरण लिए हुए हैं। सोमवार को एडीएम श्रीकृष्ण और एसडीएम चायल अश्वनी कुमार श्रीवास्तव ने गांव का दौरा किया था। पीड़ितों की हालत देख एडीएम के निर्देश पर एसडीएम चायल ने मंगलवार को 70 पीड़ितों के लिए पर्याप्त मात्रा में आटा, दाल, चावल, सब्जी, तेल आदि सामग्री ग्राम प्रधान प्रतिनिधि हीरा लाल को पहुंचाया। निर्देशित किया कि हर हाल में सुबह और शाम को बाढ़ पीड़ित परिवारों को ग्राम प्रधान भोजन बनवाकर मुहैया कराएं। किसी भी दशा में बाढ़ पीड़ित भूखे नहीं रहना चाहिए।
मल्हीपुर पहुंचे सीवीओ ने पशुओं का कराया टीकाकरण
बाढ़ से मल्हीपुर गांव में जनमानस के साथ-साथ मवेशियों का भी हाल बेहाल है। इसकी जानकारी होने पर सीवीओ एसपी पांडेय मंगलवार को मल्हीपुर गांव पहुंचे। पशुपालकों से मुलाकात करने के बाद उन्होंने पशु चिकित्सकों की टीम से एक-एक पशुओं का टीकाकरण कराया। चारे का संकट देख उन्होंने पशुपालकों को आश्वासन दिया कि जल्द ही पशुओं के चारे का इंतजाम कराया जाएगा। सीवीओ ने बाढ़ पीड़ित गांवों में पशुओं के टीकाकरण को लेकर इलाकाई पशु चिकित्सकों की टीम को अलर्ट कर दिया है।
पभोषा और पाली का संपर्क टूटा
बाढ़ के चलते पभोषा और पाली गांव जाने वाली सड़कों से आवागमन बाधित हो गया है। दोनों गांव को जाने वाली सड़कों पर सोमवार की शाम बाढ़ का पानी पहुंच गया। इससे गांव पहुंचने के लिए सड़क का संपर्क टूट गया है। पभोषा प्राइमरी स्कूल में पानी घुस चुका है। अब लोगों ने बाढ़ के पानी में नाव के सहारे आवागमन शुरू कर दिया है। इससे लोगों को कठिनाई के दौर से गुजरना पड़ रहा है।
घर में घुसने को बेताब बाढ़ का पानी
विकास खंड कौशाम्बी के गढ़वा गांव में बाढ़ का पानी दर्जनभर लोगों के घरों में घुस चुका है। इसके चलते लोगों ने गांव के बाहर स्थित टापू पर डेरा डाल लिया है। इनके अलावा गांव के अमृतलाल, राजेश, बाबूलाल, धनपतिया, राजू आदि के घर कभी भी बाढ़ का पानी घुस सकता है। बाढ़ के पानी को घर के मुहाने पर देख लोगों की नींद हराम है। वह रात भर जागकर बाढ़ के पानी पर नजर रखे हुए हैं। इन लोगों की माने तो वह घर छोड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार हो गए हैं। जैसे ही बाढ़ का पानी घर में घुसना शुरू होगा वह गांव छोड़कर रिश्तेदारी चले जाएंगे।
भाजपा नेता ने जताई नाराजगी
चायल इलाके के बाढ़ प्रभावित गांवों का भाजपा नेता अभिषेक तिवारी ने भ्रमण किया। उन्होंने पीड़ितों से हाल जाना। प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने पर भाजपा नेता ने नाराजगी जताई। इस मौके पर धर्मेंद्र सिंह, छोटे लाल, मयंक त्रिपाठी, दशरथ लाल साहू, मधुसूदन तिवारी, अनिल सोनी आदि साथ रहे।
यमुना की तराई में बसे गांवों में जल स्तर बढ़ा है। बाढ़ की जद में अब तक कई गांव आ चुके हैं लेकिन घरों में पानी घुसने जैसी स्थिति ज्यादा नहीं है। प्रशासनिक अमले को इसके लिए अलर्ट कर दिया गया है। प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है।
अखंड प्रताप सिंह, डीएम कौशाम्बी
पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ से निपटने के लिए पुलिस के जवान भी रिजर्व कर लिए गए हैं। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
बीके मिश्र, एसपी कौशाम्बी
विज्ञापन
दोआबा के यमुना की तराई में बसे दर्जनभर गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। विकास खंड नेवादा के मल्हीपुर, बेनपुर कटैया और कौशाम्बी ब्लॉक के कटैया के ग्रामीणों ने गांव के टापू पर डेरा डाल लिया है। जबकि सरसवां ब्लॉक क्षेत्र के हटवा अब्बासपुर, भवनसुरी, शाहपुर, कटरी, डेढ़ावल, पभोषा, बड़हरी पूरी तरह से पानी से घिर गए हैं। इनमें हटवा अब्बासपुर, भवनसुरी और शाहपुर टापू की तरह नजर आने लगे हैं।
विज्ञापन
उफनाई यमुना से बाढ़ की चपेट में आए गांवों का जायजा लेने के लिए सोमवार को डीएम अखंड प्रताप सिंह, एसपी बीके मिश्र ने सरसवां इलाके का दौरा कर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश जारी किए। जबकि नेवादा ब्लॉक क्षेत्र में एडीएम और एसडीएम चायल ने कई गांवों का दौरा कर बाढ़ का जायजा लिया।
विज्ञापन
मल्हीपुर के 70 बाढ़ पीड़ितों को पहुंचा राशन
बाढ़ की चपेट में आए मल्हीपुर के ग्रामीण एक टापू पर शरण लिए हुए हैं। सोमवार को एडीएम श्रीकृष्ण और एसडीएम चायल अश्वनी कुमार श्रीवास्तव ने गांव का दौरा किया था। पीड़ितों की हालत देख एडीएम के निर्देश पर एसडीएम चायल ने मंगलवार को 70 पीड़ितों के लिए पर्याप्त मात्रा में आटा, दाल, चावल, सब्जी, तेल आदि सामग्री ग्राम प्रधान प्रतिनिधि हीरा लाल को पहुंचाया। निर्देशित किया कि हर हाल में सुबह और शाम को बाढ़ पीड़ित परिवारों को ग्राम प्रधान भोजन बनवाकर मुहैया कराएं। किसी भी दशा में बाढ़ पीड़ित भूखे नहीं रहना चाहिए।
मल्हीपुर पहुंचे सीवीओ ने पशुओं का कराया टीकाकरण
बाढ़ से मल्हीपुर गांव में जनमानस के साथ-साथ मवेशियों का भी हाल बेहाल है। इसकी जानकारी होने पर सीवीओ एसपी पांडेय मंगलवार को मल्हीपुर गांव पहुंचे। पशुपालकों से मुलाकात करने के बाद उन्होंने पशु चिकित्सकों की टीम से एक-एक पशुओं का टीकाकरण कराया। चारे का संकट देख उन्होंने पशुपालकों को आश्वासन दिया कि जल्द ही पशुओं के चारे का इंतजाम कराया जाएगा। सीवीओ ने बाढ़ पीड़ित गांवों में पशुओं के टीकाकरण को लेकर इलाकाई पशु चिकित्सकों की टीम को अलर्ट कर दिया है।
पभोषा और पाली का संपर्क टूटा
बाढ़ के चलते पभोषा और पाली गांव जाने वाली सड़कों से आवागमन बाधित हो गया है। दोनों गांव को जाने वाली सड़कों पर सोमवार की शाम बाढ़ का पानी पहुंच गया। इससे गांव पहुंचने के लिए सड़क का संपर्क टूट गया है। पभोषा प्राइमरी स्कूल में पानी घुस चुका है। अब लोगों ने बाढ़ के पानी में नाव के सहारे आवागमन शुरू कर दिया है। इससे लोगों को कठिनाई के दौर से गुजरना पड़ रहा है।
घर में घुसने को बेताब बाढ़ का पानी
विकास खंड कौशाम्बी के गढ़वा गांव में बाढ़ का पानी दर्जनभर लोगों के घरों में घुस चुका है। इसके चलते लोगों ने गांव के बाहर स्थित टापू पर डेरा डाल लिया है। इनके अलावा गांव के अमृतलाल, राजेश, बाबूलाल, धनपतिया, राजू आदि के घर कभी भी बाढ़ का पानी घुस सकता है। बाढ़ के पानी को घर के मुहाने पर देख लोगों की नींद हराम है। वह रात भर जागकर बाढ़ के पानी पर नजर रखे हुए हैं। इन लोगों की माने तो वह घर छोड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार हो गए हैं। जैसे ही बाढ़ का पानी घर में घुसना शुरू होगा वह गांव छोड़कर रिश्तेदारी चले जाएंगे।
भाजपा नेता ने जताई नाराजगी
चायल इलाके के बाढ़ प्रभावित गांवों का भाजपा नेता अभिषेक तिवारी ने भ्रमण किया। उन्होंने पीड़ितों से हाल जाना। प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने पर भाजपा नेता ने नाराजगी जताई। इस मौके पर धर्मेंद्र सिंह, छोटे लाल, मयंक त्रिपाठी, दशरथ लाल साहू, मधुसूदन तिवारी, अनिल सोनी आदि साथ रहे।
यमुना की तराई में बसे गांवों में जल स्तर बढ़ा है। बाढ़ की जद में अब तक कई गांव आ चुके हैं लेकिन घरों में पानी घुसने जैसी स्थिति ज्यादा नहीं है। प्रशासनिक अमले को इसके लिए अलर्ट कर दिया गया है। प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है।
अखंड प्रताप सिंह, डीएम कौशाम्बी
पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ से निपटने के लिए पुलिस के जवान भी रिजर्व कर लिए गए हैं। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
बीके मिश्र, एसपी कौशाम्बी