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हजारों बीघे फैले ताल में लहलहा रही खेती

Sun, 05 Mar 2017 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी Updated Sun, 05 Mar 2017 11:48 PM IST
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tal agriculture
कौशाम्बी
फतेहपुर-कौशाम्बी की सरहद पर स्थित मोंगरी ताल खतरे में है। इसका दायरा सिमटता जा रहा है। हजाराें बीघे फैले इस ताल में बरसात के ही दिन में पानी रहता है। बरसात बाद इस ताल में खेती शुरू कर दी जाती है। प्रशासन के तमाम प्रयास के बाद भी यह ताल कब्जे से मुक्त नहीं हो सका। गर्मी के दिन में यहां एक बूंद पानी नहीं रहता।
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   सिराथू तहसील के मोंगरी, उदिहिन, जगन्नाथपुर, खांडेपुर के अलावा फतेहपुर के अमदरा, सेमरहटा, बछरौली, केटमई गांव के बीच मोंगरी ताल फैला है। कौशाम्बी में इस ताल का क्षेत्रफल 12 सौ बीघे से ज्यादा है। बाकी का क्षेत्रफल फतेहपुर में आता है। यह ताल यहां के किसानों के लिए वरदान साबित हो सकता है, लेकिन सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। कब्जे धारकों ने इस ताल की सूरत बदल दी है। ताला के अधिकांश हिस्से में खेती होती है। मौजूदा समय यहां गेहूं की खेती लहलहा रही है। गेहूं की फसल काटने की लोग तैयारी कर रहे हैं।
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इस ताल का अस्तित्व खत्म हो रहा है। इस ताल को सुरक्षित करने की फिलहाल कोई पहल नहीं हो रही है। न तो प्रशासन ध्यान दे रहा है, न ही जनप्रतिनिधियों ने अब तक कोई पहल की है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि सरकार ध्यान दे तो यह ताल किसानों की मददगार साबित हो सकती है। बारिश के दिन में यह ताल झील में तब्दील हो जाता है। दूर-दूर तक पानी ही पानी दिखता है। अवैध कब्जा करने वालों ने इस ताल के दायरे को समेटना भी शुरू कर दिया है। इसको पाटकर कब्जा किया जा रहा है। क्षेत्र के रामबहादुर, संजय कुमार, जगन्नाथ, दिलीप आदि का कहना है कि बारिश के मौसम में ही इस ताल में पानी रहता है। इसके बाद लोग खेती करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि ताल का सुंदरीकरण करा दिया जाए तो आने वाले दिनों में इसके बहुत लाभ मिल सकते हैं।
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दो गांवों में तालाबों पर हो रहा कब्जा
सदर तहसील के बकोढ़वा के तालाब पर मकानों का निर्माण कार्य शुरू है। तहसील प्रशासन दावा कर रहा है कि उन्होंने अभियान चालू कर रखा है। उनके इस दावे की बकोढ़वा गांव के दबंग धज्जियां उड़ा रहे हैं। इस गांव के लोगों ने शिकायत भी दर्ज कराई है, इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं रोका गया। तालाब पर कब्जा तेजी से किया जा रहा है। स्थानीय लेखपाल ने भी अपनी आंखें मूंद रखी है।


पानी रोकने का नहीं किया गया इंतजाम
जिले में दर्जनों चेकडैम बनवाए गए, लेकिन मोंगरी ताल के पानी को सुरक्षित करने के लिए अब तक कोई इंतजाम नहीं किया गया। ऐसा नहीं कि इसको लेकर आवाज नहीं उठी, लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। प्रशासन की उदासीनता पर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। वह ताल को सुरक्षित न कराए जाने के लिए प्रशासन को ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
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