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चुनाव चिन्ह मिलते ही दम दिखाने लगे उम्मीदवार
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Mon, 05 Oct 2015 01:43 AM IST
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चुनाव चिन्ह का आवंटन होने के बाद पंचायत चुनाव के पहले चरण की सियासत में
तेजी आ गई है। चुनावी मैदान में उम्मीदवार अब अपने निशान के साथ कूद पड़े
हैं। मतदाताओं को रिझाने को वे हर संभव हथकंडा अपना रहे हैं। हालांकि
मतदाता अपने पत्ते खोलने को तैयार नहीं हैं। इसे लेकर प्रत्याशी परेशान
हैं। चुनाव भी काफी दिलचस्प हो गया है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में मंझनपुर और मूरतगंज ब्लाक क्षेत्र की आठ जिला पंचायत सदस्य और बीडीसी के 179 सीटों के लिए मतदान नौ अक्तूबर को होगा। उम्मीदवारों को वोट पड़ने से हफ्ते भर पहले शनिवार को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया गया। निशान मिलने और मतदान की नजदीकी को देखते हुए सभी उम्मीदवारों ने प्रचार-प्रसार में पूरी ताकत झोंक दी है। जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार तथा उनके समर्थक गांव-गांव जाकर एक-एक घर में दस्तक दे रहे हैं।
वह मतदाताओं को अपना चुनाव निशान दिखा-बताकर उनसे वोट की मांग कर रहे हैं। मत के बदले में मतदाताओं को तमाम तरह के प्रलोभन भी दिए जा रहे हैं। प्रत्याशियों ने चोरी-छिपे वोटरों के लिए मुर्गा, दारू आदि की व्यवस्था करना भी शुरु कर दिया है। इसके बाद भी मतदाता खुलने को तैयार नहीं हैं। वह हर उम्मीदवार को वोट देने का आश्वासन दे रहे हैं। ऐसे में कौन किसे वोट देगा ? इसका अंदाजा लगा पाना तो बेहद मुश्किल हो गया है। उधर, सभी उम्मीदवारों के पूरी ताकत के साथ मैदान में आ जाने से मुकाबले में अब दम नजर आने लगा है। चुनावी घमासान का गांवों के मतदाता भी पूरा लुफ्त उठा रहे हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य पद के लिए भाजपा और कांग्रेस ने अपने समर्थित उम्मीदवार उतारे हैं। इसके अलावा बाकी दलों ने प्रत्याशियों को खुलकर समर्थन नहीं दिया है। देखा जा रहा है कि समर्थित उम्मीदवारों की घोषणा किए जाने के बाद भी भाजपा-कांग्रेस समेत सभी दलों के एक-एक सीट से कई-कई लोग चुनाव लड़ रहे हैं। पोस्टर, बैनरों में इन उम्मीदवारों ने खुद को संबंधित पार्टी का समर्थित लिखा भी है। ऐसे में खासकर भाजपा-कांग्रेस के मतदाता समझ नहीं पा रहे हैं कि पार्टी का असली प्रत्याशी कौन है।
समय के साथ पंचायत चुनाव का भी नजारा बदल गया है। पहले घर-घर दस्तक देकर उम्मीदवार वोट मांगते थे। घर-घर दस्तक तो अब भी दी जा रही है। इसके अलावा अब प्रत्याशी मतदाताओं को रिझाने के लिए पोस्टर, बैनर, पम्फलेट्स आदि का भी सहारा लेने लगे हैं। घर-घर जाकर इसे बांटा भी जा रहा है। समय के इस बदलाव को भुनाने में बाजार भी पीछे नहीं है। तभी तो पंचायत चुनाव के पहले चरण के लिए उम्मीदवारों को जैसे ही चुनाव चिह्न का आवंटन हुआ। जिला मुख्यालय मंझनपुर और ब्लाक कार्यालयों के आसपास चुनाव चिह्न के पोस्टर, बैनर, हैंडबिल आदि बेचने वालों ने अपनी दुकानें सजा ली है्ं। इन दुकानों पर चुनाव चिन्ह छपे झंडे, टोपी, टीशर्ट, स्टीकर आदि भी मौजूद है। इसे उम्मीदवार खूब खरीद भी रहे हैं। इन्हीं से प्रचार सामग्री के साथ उम्मीदवार और उनके समर्थक चुनावी वैतरणी पार करने के लिए निकल पड़े हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के लिए बृहस्पतिवार और शनिवार को नेवादा तथा चायल ब्लाक क्षेत्र से उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया। जिला पंचायत कार्यालय समेत दोनों ब्लाकों में रविवार को छुट्टी के दिन भी अफसरों, कर्मियों ने नामांकन पत्रों की जांच की। हालांकि जांच रिपोर्ट के बारे मेें अभी कोई भी अधिकारी, कर्मचारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में मंझनपुर और मूरतगंज ब्लाक क्षेत्र की आठ जिला पंचायत सदस्य और बीडीसी के 179 सीटों के लिए मतदान नौ अक्तूबर को होगा। उम्मीदवारों को वोट पड़ने से हफ्ते भर पहले शनिवार को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया गया। निशान मिलने और मतदान की नजदीकी को देखते हुए सभी उम्मीदवारों ने प्रचार-प्रसार में पूरी ताकत झोंक दी है। जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार तथा उनके समर्थक गांव-गांव जाकर एक-एक घर में दस्तक दे रहे हैं।
वह मतदाताओं को अपना चुनाव निशान दिखा-बताकर उनसे वोट की मांग कर रहे हैं। मत के बदले में मतदाताओं को तमाम तरह के प्रलोभन भी दिए जा रहे हैं। प्रत्याशियों ने चोरी-छिपे वोटरों के लिए मुर्गा, दारू आदि की व्यवस्था करना भी शुरु कर दिया है। इसके बाद भी मतदाता खुलने को तैयार नहीं हैं। वह हर उम्मीदवार को वोट देने का आश्वासन दे रहे हैं। ऐसे में कौन किसे वोट देगा ? इसका अंदाजा लगा पाना तो बेहद मुश्किल हो गया है। उधर, सभी उम्मीदवारों के पूरी ताकत के साथ मैदान में आ जाने से मुकाबले में अब दम नजर आने लगा है। चुनावी घमासान का गांवों के मतदाता भी पूरा लुफ्त उठा रहे हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य पद के लिए भाजपा और कांग्रेस ने अपने समर्थित उम्मीदवार उतारे हैं। इसके अलावा बाकी दलों ने प्रत्याशियों को खुलकर समर्थन नहीं दिया है। देखा जा रहा है कि समर्थित उम्मीदवारों की घोषणा किए जाने के बाद भी भाजपा-कांग्रेस समेत सभी दलों के एक-एक सीट से कई-कई लोग चुनाव लड़ रहे हैं। पोस्टर, बैनरों में इन उम्मीदवारों ने खुद को संबंधित पार्टी का समर्थित लिखा भी है। ऐसे में खासकर भाजपा-कांग्रेस के मतदाता समझ नहीं पा रहे हैं कि पार्टी का असली प्रत्याशी कौन है।
समय के साथ पंचायत चुनाव का भी नजारा बदल गया है। पहले घर-घर दस्तक देकर उम्मीदवार वोट मांगते थे। घर-घर दस्तक तो अब भी दी जा रही है। इसके अलावा अब प्रत्याशी मतदाताओं को रिझाने के लिए पोस्टर, बैनर, पम्फलेट्स आदि का भी सहारा लेने लगे हैं। घर-घर जाकर इसे बांटा भी जा रहा है। समय के इस बदलाव को भुनाने में बाजार भी पीछे नहीं है। तभी तो पंचायत चुनाव के पहले चरण के लिए उम्मीदवारों को जैसे ही चुनाव चिह्न का आवंटन हुआ। जिला मुख्यालय मंझनपुर और ब्लाक कार्यालयों के आसपास चुनाव चिह्न के पोस्टर, बैनर, हैंडबिल आदि बेचने वालों ने अपनी दुकानें सजा ली है्ं। इन दुकानों पर चुनाव चिन्ह छपे झंडे, टोपी, टीशर्ट, स्टीकर आदि भी मौजूद है। इसे उम्मीदवार खूब खरीद भी रहे हैं। इन्हीं से प्रचार सामग्री के साथ उम्मीदवार और उनके समर्थक चुनावी वैतरणी पार करने के लिए निकल पड़े हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के लिए बृहस्पतिवार और शनिवार को नेवादा तथा चायल ब्लाक क्षेत्र से उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया। जिला पंचायत कार्यालय समेत दोनों ब्लाकों में रविवार को छुट्टी के दिन भी अफसरों, कर्मियों ने नामांकन पत्रों की जांच की। हालांकि जांच रिपोर्ट के बारे मेें अभी कोई भी अधिकारी, कर्मचारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।