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ससुराल में गोली लगने से होमगार्ड की मौत
कौशाम्बी ब्यूरो
Updated Sat, 04 Mar 2017 12:34 AM IST
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इलाहाबाद के राजरूपपुर इलाके में रहने वाले होमगार्ड जवान नीरज तिवारी (30) की बृहस्पतिवार रात कौशाम्बी में पश्चिम शरीरा स्थित ससुराल में गोली लगने से मौत हो गई। फायर उसके लाइसेंसी रिवॉल्वर से हुआ था। पत्नी समेत ससुरालियों का कहना है कि वह ननिहाल जाने के लिए घर से निकला तभी गोली चल गई थी। उसे पुलिस ने एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसने दम तोड़ दिया। पुलिस जांच कर रही है कि यह दुर्घटना है या कुछ और मामला है।
राजरूपपुर में साठ फुट रोड के पास रहने वाले अशोक तिवारी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। वह मूल रूप से प्रतापगढ़ में शुकुलपुर हथगवां निवासी हैं मगर बरसों पहले राजरूपपुर में बस गए। उनके तीन पुत्रों में दूसरे नंबर का नीरज होमगार्ड विभाग में था। उसका ब्याह सात साल पहले पश्चिम शरीरा (कौशाम्बी) में भोला का पुरवा निवासी केदारनाथ पांडेय की बेटी अनामिका से किया गया था। उसका एक पुत्र है, छह साल का छोटू। 23 फरवरी को उसकी शाली की शादी थी। तब से उसकी पत्नी अनामिका बेटे संग मायके में थी। शुक्रवार को वहां अखंड रामायण पाठ होना था। बृहस्पतिवार रात करीब दस बजे नीरज भी ससुराल पहुंच गया। पत्नी अनामिका के मुताबिक, नीरज नाश्ता करने के बाद यह कहकर बाहर निकल गया कि नागचौरी का पूरा में अपनी ननिहाल जा रहा है। उसे रोका भी गया लेकिन वह माना नहीं। बाहर जाने के कुछ ही सेकंड बाद गोली चलने की आवाज आई। पत्नी समेत ससुरालियों का कहना है कि बाहर बाइक के पास नीरज खून से लथपथ मिला।
वहीं उसका लाइसेंसी रिवॉल्वर पड़ा था। नीरज के सिर में गोली धंसी थी। फौरन पश्चिम शरीरा थाने को घटना की खबर दी गई।
पुलिस उसे पहले जिला अस्पताल ले गई। वहां से रेफर किए जाने पर उसे यहां एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। पिता अशोक समेत भाई पंकज और रोहित समेत रिश्तेदार पहुंच गए। इलाज के दौरान भोर में नीरज को मृत घोषित कर दिया गया। पत्नी अनामिका के हवाले से पुलिस ने इस घटना को हादसा माना है लेकिन घर से निकलते ही फायर होना संदेहास्पद है। ससुरालियों का कहना है कि बाहर अंधेरा था जहां नीरज चबूतरे से टकराकर गिरा तभी फायर हो गया। मौजूदा समय में नीरज को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया था। जानकारी मिली तो होमगार्ड विभाग के उसके कई साथी जवान और अधिकारी भी अस्पताल पहुंच गए थे।
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राजरूपपुर में साठ फुट रोड के पास रहने वाले अशोक तिवारी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। वह मूल रूप से प्रतापगढ़ में शुकुलपुर हथगवां निवासी हैं मगर बरसों पहले राजरूपपुर में बस गए। उनके तीन पुत्रों में दूसरे नंबर का नीरज होमगार्ड विभाग में था। उसका ब्याह सात साल पहले पश्चिम शरीरा (कौशाम्बी) में भोला का पुरवा निवासी केदारनाथ पांडेय की बेटी अनामिका से किया गया था। उसका एक पुत्र है, छह साल का छोटू। 23 फरवरी को उसकी शाली की शादी थी। तब से उसकी पत्नी अनामिका बेटे संग मायके में थी। शुक्रवार को वहां अखंड रामायण पाठ होना था। बृहस्पतिवार रात करीब दस बजे नीरज भी ससुराल पहुंच गया। पत्नी अनामिका के मुताबिक, नीरज नाश्ता करने के बाद यह कहकर बाहर निकल गया कि नागचौरी का पूरा में अपनी ननिहाल जा रहा है। उसे रोका भी गया लेकिन वह माना नहीं। बाहर जाने के कुछ ही सेकंड बाद गोली चलने की आवाज आई। पत्नी समेत ससुरालियों का कहना है कि बाहर बाइक के पास नीरज खून से लथपथ मिला।
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वहीं उसका लाइसेंसी रिवॉल्वर पड़ा था। नीरज के सिर में गोली धंसी थी। फौरन पश्चिम शरीरा थाने को घटना की खबर दी गई।
पुलिस उसे पहले जिला अस्पताल ले गई। वहां से रेफर किए जाने पर उसे यहां एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। पिता अशोक समेत भाई पंकज और रोहित समेत रिश्तेदार पहुंच गए। इलाज के दौरान भोर में नीरज को मृत घोषित कर दिया गया। पत्नी अनामिका के हवाले से पुलिस ने इस घटना को हादसा माना है लेकिन घर से निकलते ही फायर होना संदेहास्पद है। ससुरालियों का कहना है कि बाहर अंधेरा था जहां नीरज चबूतरे से टकराकर गिरा तभी फायर हो गया। मौजूदा समय में नीरज को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया था। जानकारी मिली तो होमगार्ड विभाग के उसके कई साथी जवान और अधिकारी भी अस्पताल पहुंच गए थे।
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