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जीवित को मृत दर्शाकर बंद कर दी पेंशन
अमर उजाला ब्यूरो, काैश्ाांबी
Updated Fri, 05 Jun 2015 12:03 AM IST
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मंझनपुर (ब्यूरो)। ग्राम विकास अधिकारी और अन्य ब्लाक कर्मियों की लापरवाही का खामियाजा 6 महीने से बसोहनी गांव का एक वृद्ध भुगत रहा है। जीवित होने के बावजूद मृत दर्शाकर उसकी वृद्धावस्था पेंशन रोक दी गई है। बीडीओ और समाज कल्याण अधिकारी से शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। भुक्तभोगी ने बुधवार को इस मनमानी की शिकायत डीएम से की है।
सिराथू ब्लाक क्षेत्र के बसोहनी गांव निवासी छंगूलाल पुत्र स्व. रामसेवक गरीब वृद्ध है। निराश्रित होने के कारण उसे वृद्धावस्था पेंशन मिलती थी। पर, छह महीने से उसके खाते में पेंशन नहीं भेजी जा रही है। इससे वह आर्थिकतंगी का शिकार है। खाते में पेंशन नहीं आने की शिकायत उसने समाज कल्याण अधिकारी से करने के साथ ही समाज कल्याण विभाग के कार्यालय आकर जानकारी की तो पता चला उसे मृत दिखाकर पेंशन रोक दी गई है।
भुक्तभोगी का कहना है कि वह जिंदा है और खुद ही अपना घरेलू कामकाज भी कर लेता है। इसके बाद भी उसे मृत दर्शा दिया गया है। उसने गांव के ही कुछ लोगों की इसे साजिश करार दिया। आरोप है कि मृत दिखाकर पेंशन रोके जाने की शिकायत उसने ग्राम विकास अधिकारी और खंड विकास अधिकारी से की। इसके बाद भी सुनवाई नहीं की गई। पेंशन नहीं मिलने से परेशान वृद्ध ने बुधवार को कलेक्ट्रेट आकर डीएम से शिकायत की। जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी को प्रकरण की जांच कर प्रकरण निस्तारित करने का निर्देश दिया है।
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सिराथू ब्लाक क्षेत्र के बसोहनी गांव निवासी छंगूलाल पुत्र स्व. रामसेवक गरीब वृद्ध है। निराश्रित होने के कारण उसे वृद्धावस्था पेंशन मिलती थी। पर, छह महीने से उसके खाते में पेंशन नहीं भेजी जा रही है। इससे वह आर्थिकतंगी का शिकार है। खाते में पेंशन नहीं आने की शिकायत उसने समाज कल्याण अधिकारी से करने के साथ ही समाज कल्याण विभाग के कार्यालय आकर जानकारी की तो पता चला उसे मृत दिखाकर पेंशन रोक दी गई है।
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भुक्तभोगी का कहना है कि वह जिंदा है और खुद ही अपना घरेलू कामकाज भी कर लेता है। इसके बाद भी उसे मृत दर्शा दिया गया है। उसने गांव के ही कुछ लोगों की इसे साजिश करार दिया। आरोप है कि मृत दिखाकर पेंशन रोके जाने की शिकायत उसने ग्राम विकास अधिकारी और खंड विकास अधिकारी से की। इसके बाद भी सुनवाई नहीं की गई। पेंशन नहीं मिलने से परेशान वृद्ध ने बुधवार को कलेक्ट्रेट आकर डीएम से शिकायत की। जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी को प्रकरण की जांच कर प्रकरण निस्तारित करने का निर्देश दिया है।
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