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सपा में फूट, वरिष्ठ नेताओं ने पूर्व मंत्री व जिलाध्यक्ष के खिलाफ खोला मोर्चा
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लंबे समय से गुटबाजी की शिकार समाजवादी पार्टी की जिला कमेटी में इन दिनों जबर्दस्त रार चल रही है। जिला महासचिव मौलाबख्श की अगुवाई में दर्जन भर से ज्यादा वरिष्ठ नेताओं ने राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज और जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। करारी क्षेत्र में वरिष्ठ नेताओं की हुई बैठक में पार्टी मुखिया अखिलेश यादव को चिट्ठी लिखकर जिला कमेटी भंग करने के साथ ही राष्ट्रीय महासचिव की दखलंदाजी रोकने की मांग की है।
नेताओं का आरोप है कि इनके चलते जिले में पार्टी का ग्राफ लगातार गिर रहा है। पार्टी सुप्रीमो के नाम लिखी चिट्ठी बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया में वायरल हो गई।
जिले में समाजवादी पार्टी में गुटबाजी हावी है।
इसी के चलते को जिले में कभी भी अपेक्षित सफलता नहीं मिली। वर्ष 2012 की आंधी में भी पार्टी जिले की कोई भी विधानसभा सीट नहीं जीत सकी। वर्ष 2014-15 के दौरान सिराथू विधानसभा के उपचुनाव को छोड़ दें तो पार्टी हमेशा यहां दूसरे नंबर पर रही है। गुटबाजी के चलते मामूली अंतरों से पार्टी प्रत्याशी जीत की दहलीज पर आकर ठिठक जाते हैं।
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अब सभी दलों ने एक बार फिर से ताकत के साथ 2022 के विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, सपा जिला इकाई के नेताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
बुधवार को पार्टी के जिला महासचिव मौलाबख्श के आह्वान पर करारी क्षेत्र में वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। इसमें पूर्व जिलाध्यक्ष खड़ग सिंह पटेल, जिला महासचिव मौलाबख्श, जिला सचिव मुजाहिद हुसैन, शिवमूरत यादव, एजाज अहमद, बुधराम यादव, सयुस के प्रदेश सचिव शमशाद बख्श, ब्लाक प्रमुख कड़ा अनुज यादव, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी चंद्रबली पटेल, महबूब अहमद, अमर बहादुर यादव, कुंभकर्ण यादव, बचानी यादव, ऊधौश्याम यादव, मोज्जू रानीपुर, डॉ. असलम, सोहराब आदि नेता इकट्ठा हुए। इन नेताओं का कहना था कि हम सभी ने रात दिन एक कर जिले में संगठन को मजबूत किया और अब हमे ही उपेक्षित किया जा रहा है। आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष और राष्ट्रीय महासिचव के जनविरोधी कार्यों के कारण जिले में पार्टी लगातार कमजोर हो रही है।
ऐसे में तत्काल जिला कमेटी को भंग कर राष्ट्रीय महासचिव की जिला संगठन से दखलंदाजी बंद की जाए। बैठक में मौजूद नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को इस बाबत एक पत्र भी भेजा। भेजे गए पत्र में इन सभी आरोपों का जिक्र किया गया है। बृहस्पतिवार को यह पत्र सोशल मीडिया में भी वायरल हो गया।
पार्टी सुप्रीमो ने मुझे जिला महासिचव की जिम्मेदारी सौंपी है। मगर, राष्ट्रीय महासचिव की उपेक्षा के चलते मेरी भूमिका झाड़ू लगाने वाले कार्यकर्ता जैसी हो गई है। ये समस्या अकेले मेरे साथ ही नहीं बल्कि जिले के सभी वरिष्ठ नेताओं के सामने है। ऐसे में हम सभी ने आहत होकर राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखकर जिला कमेटी भंग करने के साथ ही राष्ट्रीय महासचिव की दखलंदाजी खत्म करने की मांग की है।
मौलाबख्श, जिला महासचिव सपा
कुछ नेताओं द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र भेजने की जानकारी मिली है। पत्र में लगाए गए आरोप उन नेताओं के निजी विचार हैं। हालांकि सोशल मीडिया में वायरल पत्र में जिन नेताओं का जिक्र है उनमें से कई लोग बैठक में नहीं थे। उन लोगों ने खुद मुझे फोन करके बताया है।
दयाशंकर यादव-जिलाध्यक्ष
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नेताओं का आरोप है कि इनके चलते जिले में पार्टी का ग्राफ लगातार गिर रहा है। पार्टी सुप्रीमो के नाम लिखी चिट्ठी बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया में वायरल हो गई।
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जिले में समाजवादी पार्टी में गुटबाजी हावी है।
इसी के चलते को जिले में कभी भी अपेक्षित सफलता नहीं मिली। वर्ष 2012 की आंधी में भी पार्टी जिले की कोई भी विधानसभा सीट नहीं जीत सकी। वर्ष 2014-15 के दौरान सिराथू विधानसभा के उपचुनाव को छोड़ दें तो पार्टी हमेशा यहां दूसरे नंबर पर रही है। गुटबाजी के चलते मामूली अंतरों से पार्टी प्रत्याशी जीत की दहलीज पर आकर ठिठक जाते हैं।
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अब सभी दलों ने एक बार फिर से ताकत के साथ 2022 के विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, सपा जिला इकाई के नेताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
बुधवार को पार्टी के जिला महासचिव मौलाबख्श के आह्वान पर करारी क्षेत्र में वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। इसमें पूर्व जिलाध्यक्ष खड़ग सिंह पटेल, जिला महासचिव मौलाबख्श, जिला सचिव मुजाहिद हुसैन, शिवमूरत यादव, एजाज अहमद, बुधराम यादव, सयुस के प्रदेश सचिव शमशाद बख्श, ब्लाक प्रमुख कड़ा अनुज यादव, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी चंद्रबली पटेल, महबूब अहमद, अमर बहादुर यादव, कुंभकर्ण यादव, बचानी यादव, ऊधौश्याम यादव, मोज्जू रानीपुर, डॉ. असलम, सोहराब आदि नेता इकट्ठा हुए। इन नेताओं का कहना था कि हम सभी ने रात दिन एक कर जिले में संगठन को मजबूत किया और अब हमे ही उपेक्षित किया जा रहा है। आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष और राष्ट्रीय महासिचव के जनविरोधी कार्यों के कारण जिले में पार्टी लगातार कमजोर हो रही है।
ऐसे में तत्काल जिला कमेटी को भंग कर राष्ट्रीय महासचिव की जिला संगठन से दखलंदाजी बंद की जाए। बैठक में मौजूद नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को इस बाबत एक पत्र भी भेजा। भेजे गए पत्र में इन सभी आरोपों का जिक्र किया गया है। बृहस्पतिवार को यह पत्र सोशल मीडिया में भी वायरल हो गया।
पार्टी सुप्रीमो ने मुझे जिला महासिचव की जिम्मेदारी सौंपी है। मगर, राष्ट्रीय महासचिव की उपेक्षा के चलते मेरी भूमिका झाड़ू लगाने वाले कार्यकर्ता जैसी हो गई है। ये समस्या अकेले मेरे साथ ही नहीं बल्कि जिले के सभी वरिष्ठ नेताओं के सामने है। ऐसे में हम सभी ने आहत होकर राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखकर जिला कमेटी भंग करने के साथ ही राष्ट्रीय महासचिव की दखलंदाजी खत्म करने की मांग की है।
मौलाबख्श, जिला महासचिव सपा
कुछ नेताओं द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र भेजने की जानकारी मिली है। पत्र में लगाए गए आरोप उन नेताओं के निजी विचार हैं। हालांकि सोशल मीडिया में वायरल पत्र में जिन नेताओं का जिक्र है उनमें से कई लोग बैठक में नहीं थे। उन लोगों ने खुद मुझे फोन करके बताया है।
दयाशंकर यादव-जिलाध्यक्ष