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मंझनपुर से इंद्रजीत को टिकट देकर सपा ने खेला बड़ा दांव
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SP played a big bet by giving ticket to Inderjit from Manjhanpur
समाजवादी पार्टी ने मंझनपुर (सु.) विधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज को चुनावी समर में उतारकर बड़ा दांव खेला है। वह बसपा के टिकट पर मंझनपुर से लगातार चार बार विधायक रह चुके हैं। मायावती सरकार में वह कैबिनेट मंत्री भी रहे। मंझनपुर सीट के मतदाताओं में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। माना जा रहा है कि वह पहले जैसा करिश्मा दोहराने में कामयाब होंगे।
इंद्रजीत सरोज वर्ष 1996 में पहली बार बसपा के टिकट से विधायक चुने गए थे। इसके बाद वह 2002, 2007 व 2012 के चुनाव में निर्वाचित हुए। तकरीबन दो दशक तक जिले की सियासत में इंद्रजीत का खासा दबदबा रहा। वह खुद चुनाव जीतने के साथ ही जिले की अन्य दोनों सीटों पर भी दखल रखते हैं।
यही वजह रही कि दोआबा को बसपा का अभेद्य दुर्ग कहा जाने लगा था। लेकिन 2017 के चुनाव में भाजपा ने बसपा के किले को ध्वस्त करते हुए जिले में क्लीन स्वीप कर किया। मोदी लहर में इंद्रजीत भी तकरीबन पांच हजार मतों के अंतर से चुनाव हार गए थे। विधानसभा चुनाव के बाद इंद्रजीत ने हाथी से उतरकर साइकिल की सवारी कर ली।
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सपा मुखिया अखिलेश यादव ने उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाने के साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव में कौशाम्बी संसदीय क्षेत्र से मैदान में उतारा। लेकिन वह चुनाव हार गए। मंगलवार की देर रात पार्टी की ओर से जारी सूची में उन्हें मंझनपुर की परंपरागत सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया।
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इंद्रजीत सरोज वर्ष 1996 में पहली बार बसपा के टिकट से विधायक चुने गए थे। इसके बाद वह 2002, 2007 व 2012 के चुनाव में निर्वाचित हुए। तकरीबन दो दशक तक जिले की सियासत में इंद्रजीत का खासा दबदबा रहा। वह खुद चुनाव जीतने के साथ ही जिले की अन्य दोनों सीटों पर भी दखल रखते हैं।
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यही वजह रही कि दोआबा को बसपा का अभेद्य दुर्ग कहा जाने लगा था। लेकिन 2017 के चुनाव में भाजपा ने बसपा के किले को ध्वस्त करते हुए जिले में क्लीन स्वीप कर किया। मोदी लहर में इंद्रजीत भी तकरीबन पांच हजार मतों के अंतर से चुनाव हार गए थे। विधानसभा चुनाव के बाद इंद्रजीत ने हाथी से उतरकर साइकिल की सवारी कर ली।
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सपा मुखिया अखिलेश यादव ने उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाने के साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव में कौशाम्बी संसदीय क्षेत्र से मैदान में उतारा। लेकिन वह चुनाव हार गए। मंगलवार की देर रात पार्टी की ओर से जारी सूची में उन्हें मंझनपुर की परंपरागत सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया।