{"_id":"592dd5444f1c1bfb6ebda77f","slug":"sirathoo-chc","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोंगरी कड़ा में बेकाबू हुआ डायरिया, चार गंभीर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोंगरी कड़ा में बेकाबू हुआ डायरिया, चार गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Wed, 31 May 2017 01:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीएचसी सिराथू के मोंगरी कड़ा में डायरिया घर-घर पहुंच चुका है। दस दिन से यहां यह बीमारी फैली है। 40 से ज्यादा लोग इसकी चपेट में हैं। डीएम के निरीक्षण के बाद भी चिकित्सक इस बीमारी पर काबू नहीं पा सके। मंगलवार भोर में एक ही परिवार के चार बच्चों की हालत गंभीर हो गई। इनको एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। मरीजों का इलाज चल रहा है।
मोंगरी कड़ा में डायरिया का प्रकोप है। जानकारी होने पर डीएम मनीष कुमार वर्मा चार दिन पहले गांव पहुंचे थे और पीड़ितों का हाल जाना था। डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने गांव में चिकित्सकों की टीम लगाकर मरीजों का इलाज कराया। साथ ही गांव में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी कराया। इसके बाद भी गांव में डायरिया कंट्रोल नहीं हो पा रहा है। गांव के अखिलेश कुमार के घर डायरिया ने दस्तक दिया और चार बच्चों को जद में ले लिया। रेशमा (11), संजय (7), चांदनी (4) और वर्षा डेढ़ वर्ष की हालत सोमवार की रात बिगड़ी। गांव में हुए इलाज से सुधार नहीं होने पर चारों बच्चों को मंगलवार की सुबह जिला अस्पताल लाया गया।
अस्पताल में एक भी चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। इस पर शिकायत डीएम मनीष कुमार वर्मा से हुई। डीएम की सख्ती पर अपने कमरों में सो रहे चिकित्सक लोवर व टीशर्ट में जिला अस्पताल पहुंचे। इलाज शुरू होने पर बच्चों के परिजनों ने राहत की सांस ली। उधर गांव में बीमारी से पीड़ित मरीजों की हालत में कुछ खास सुधार नहीं रहा है। बीमारी से निजात न मिलती देख ग्रामीण डरे-सहमे हुए हैं। मामले में सीएमओ एसके उपाध्याय का कहना है कि गांव में चिकित्सकों की टीम रोड भेजी जा रही है। बीमारी धीरे-धीरे कवर हो रही है। मामला बच्चों का होने की वजह से उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मोंगरी कड़ा में डायरिया का प्रकोप है। जानकारी होने पर डीएम मनीष कुमार वर्मा चार दिन पहले गांव पहुंचे थे और पीड़ितों का हाल जाना था। डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने गांव में चिकित्सकों की टीम लगाकर मरीजों का इलाज कराया। साथ ही गांव में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी कराया। इसके बाद भी गांव में डायरिया कंट्रोल नहीं हो पा रहा है। गांव के अखिलेश कुमार के घर डायरिया ने दस्तक दिया और चार बच्चों को जद में ले लिया। रेशमा (11), संजय (7), चांदनी (4) और वर्षा डेढ़ वर्ष की हालत सोमवार की रात बिगड़ी। गांव में हुए इलाज से सुधार नहीं होने पर चारों बच्चों को मंगलवार की सुबह जिला अस्पताल लाया गया।
विज्ञापन
अस्पताल में एक भी चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। इस पर शिकायत डीएम मनीष कुमार वर्मा से हुई। डीएम की सख्ती पर अपने कमरों में सो रहे चिकित्सक लोवर व टीशर्ट में जिला अस्पताल पहुंचे। इलाज शुरू होने पर बच्चों के परिजनों ने राहत की सांस ली। उधर गांव में बीमारी से पीड़ित मरीजों की हालत में कुछ खास सुधार नहीं रहा है। बीमारी से निजात न मिलती देख ग्रामीण डरे-सहमे हुए हैं। मामले में सीएमओ एसके उपाध्याय का कहना है कि गांव में चिकित्सकों की टीम रोड भेजी जा रही है। बीमारी धीरे-धीरे कवर हो रही है। मामला बच्चों का होने की वजह से उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन