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वर्षों से पढ़ा रहे चारों तदर्थ शिक्षकों की सेवाएं अमान्य
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सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में वर्षोँ से पढ़ा रहे तदर्थ सहायक अध्यापकों की सेवाएं अमान्य हो गईं हैं। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) और प्रवक्ता (पीजीटी) 2021 की भर्ती परीक्षा में जिले के एक भी तदर्थ शिक्षक नहीं शामिल हुए थे। हालांकि, इनमें से एक शिक्षक का आने वाले मार्च में ही रिटायरमेंट है।
जिले में कुल 374 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। जिसमें 29 वित्तपोषित शामिल हैं। सहायता प्राप्त जगत नारायण करवरिया इंटर कॉलेज नारा, एसपी इंटर कॉलेज सैनी, नेशनल इंटर कॉलेज भरवारी तथा आदर्श इंटर कॉलेज सरायअकिल समेत चार विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है।
इसी का फायदा उठाते हुए विद्यालय प्रबंधक की ओर से तदर्थ शिक्षकों की तैनाती कर दी गई है। सुप्रीमकोर्ट के निर्देश पर इनको नियमित कराने के लिए पिछले दिनों परीक्षा आयोजित कराई गई थी। लेकिन जिले में कार्यरत चारों तदर्थ शिक्षक परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए।
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बताया जा रहा है कि सेवा काल के आखिरी दौर में परीक्षा आयोजित होने के कारण इन शिक्षकों ने प्रतिभाग करना मुनासिब नहीं समझा। जिला विद्यालय निरीक्षक एसके मिश्रा ने बताया कि चार तदर्थ शिक्षकों को वेतन दिया जा रहा है। लेकिन इनमें से एक ने भी परीक्षा नहीं दी। ऐसे में उनकी सेवाएं अमान्य हो गई हैं। हालांकि, अभी शासन की ओर से इस बाबत कोई आदेश नहीं आया है।
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जिले में कुल 374 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। जिसमें 29 वित्तपोषित शामिल हैं। सहायता प्राप्त जगत नारायण करवरिया इंटर कॉलेज नारा, एसपी इंटर कॉलेज सैनी, नेशनल इंटर कॉलेज भरवारी तथा आदर्श इंटर कॉलेज सरायअकिल समेत चार विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है।
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इसी का फायदा उठाते हुए विद्यालय प्रबंधक की ओर से तदर्थ शिक्षकों की तैनाती कर दी गई है। सुप्रीमकोर्ट के निर्देश पर इनको नियमित कराने के लिए पिछले दिनों परीक्षा आयोजित कराई गई थी। लेकिन जिले में कार्यरत चारों तदर्थ शिक्षक परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए।
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बताया जा रहा है कि सेवा काल के आखिरी दौर में परीक्षा आयोजित होने के कारण इन शिक्षकों ने प्रतिभाग करना मुनासिब नहीं समझा। जिला विद्यालय निरीक्षक एसके मिश्रा ने बताया कि चार तदर्थ शिक्षकों को वेतन दिया जा रहा है। लेकिन इनमें से एक ने भी परीक्षा नहीं दी। ऐसे में उनकी सेवाएं अमान्य हो गई हैं। हालांकि, अभी शासन की ओर से इस बाबत कोई आदेश नहीं आया है।