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जर्जर बसों पर सफर करते हैं स्कूली छात्र

Fri, 20 Jan 2017 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Fri, 20 Jan 2017 12:47 AM IST
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एटा में हुए हादसे के बाद जिले के स्कूल वाहनों पर अधिकारियों व अभिभावकाें की निगाह गड़ गई है। जनपद में लगभग 250 स्कूल वाहन हैं। इनमें बस व छोटे वाहन भी हैं। इनमें से 55 वाहन ऐसे हैं जो जर्जर हैं। इसके बावजूद स्कूल संचालकों की मनमानी की वजह से छात्र इनमें से सफर करने को मजबूर हैं। एटा हादसे के बाद अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
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   एटा में गुरुवार की सुबह एक हादसे में स्कूल बस में सवार दर्जनाें छात्रों की मौत हो गई थी। कई बच्चे घायल भी हो गए थे। इस घटना की लोगों को जानकारी हुई तो वह अपने बच्चों को लेकर चिंतित हो गए। बस में क्या-क्या सुविधाएं होनी चाहिए और बस में क्या नहीं है? वह इसका आकलन करने लगे। अधिकारी भी इस हादसे के बाद स्कूल वाहनों की फिटनेस को लेकर गंभीर दिखे। जनपद में करीब 250 स्कूल वाहन हैं। इनमें बस व चार पहिया वाहन हैं। फिटनेस प्रमाण पत्र बनवाने के लिए स्कूल संचालक खेल करते हैं। सुविधा शुल्क देकर वह फिटनेस प्रमाण पत्र हासिल कर लेते हैं। जर्जर बसों से सफर करने के लिए छात्र मजबूर हैं।
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चालक से लेकर खलासी तक लापरवाही करते हैं। बच्चे खुद ही चढ़ते व उतरते हैं। सड़क के पार घर होने पर कडंक्टर बच्चे को उतार देता है, लेकिन उसे सुरक्षित उस पर नहीं ले जाता है। इसके अलावा स्कूल वाहनों के चालक व कंडक्टर यूनिफार्म में नहीं रहते हैं। नामी स्कूलों के वाहनों का यही हाल है। क्षमता से अधिक छात्र स्कूल बसों में बैठाए जाते हैं। इसको लेकर कई बार चालान भी हो चुका है। जनपद में करीब 55 स्कूल वाहन ऐसे हैं, जो जर्जर हैं। इसके बाद छात्रों को ढोया जा रहा है। ये वाहन यातायात माह के दौरान ही चिह्नित किए गए थे। इनकी सूचना भी एआरटीओ विभाग को दी गई थी। इस मामले में एआरटीओ शिवजी सिंह का कहना है कि ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली थी। इसके बाद भी वह स्कूल वाहनों की नए सिरे से जांच कराएंगे।
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यातायात माह में 11 बसों का हुआ था चालान
नवबंर में खत्म हुए यातायात माह के दौरान टीआई नरेंद्र सिंह ने स्कूल बसों के भी खिलाफ अभियान चलाया था। इस दौरान उन्होंने 11 बसों का चालान किया था, जबकि आधा दर्जन स्कूल प्रबंधकों को नोटिस भेजी थी। इन बसों में तमाम खामियां थीं। अधिकांश बसों का फिटनेस प्रमाण पत्र ही नहीं था। इसीलिए इनका चालान किया गया था।


आज से चलेगा अभियान
एटा में हादसे के बाद जिले के अधिकारी स्कूल वाहनों के मानकों को लेकर गंभीर हो गए हैं। शासन के निर्देश पर जिले में शुक्रवार से अभियान चलाया जाएगा। टीआई नरेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार से सभी वाहनों की जांच की जाएगी। खामियां मिलने पर चालान करने के साथ ही स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी अफसरों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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