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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Sakshi Singh 's daughter turned headmistress

प्रधानाध्यापिका की बेटी ही निकली साक्षी सिंह

Sun, 22 Feb 2015 11:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी Updated Sun, 22 Feb 2015 11:46 PM IST
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मंझनपुर। कस्तूरबा गांधी बालिका इंटर कालेज भरवारी में इंटरमीडिएट बोर्ड की परीक्षा दे रही छात्रा साक्षी सिंह केंद्र व्यवस्थापिका और स्कूल की प्रधानाचार्य रेखा सिंह की ही बेटी है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआईओएस ने प्रधानाचार्य रेखा सिंह को केंद्र व्यवस्थापिका पद से हटा दिया है। उनके स्थान पर शीला श्रीवास्तव को नई केंद्र व्यवस्थापिका बनाया गया है।
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बता दें कि शनिवार को दूसरी पाली में इंटरमीडिएट हिंदी द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। डीएम को शिकायत मिली कि कस्तूरबा गांधी स्कूल भरवारी की प्रधानाचार्य और केंद्र व्यवस्थापिका रेखा सिंह की बेटी साक्षी सिंह भी कक्ष संख्या 19 में परीक्षा दे रही है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम जांच के लिए सीधे परीक्षा केंद्र पहुंच गए। जहां जांच के दौरान केंद्र व्यवस्थापिका ने साक्षी सिंह को अपनी बेटी होने से इंकार कर दिया। साथ ही बताया कि साक्षी सिंह 19 और 21 फरवरी को आयोजित हिंदी की परीक्षा में अनुपस्थित रही हैं।
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हालांकि प्रधानाचार्य डीएम को परीक्षा केंद्र का वेरीफिकेशन फार्म यह कहकर नहीं दिखाया कि फार्म बोर्ड से ही उपलब्ध नहीं कराया गया है। इससे भड़के जिलाधिकारी ने डीआईओएस को जांच का निर्देश दिया था। रविवार को डीआईओएस राजशेखर सिंह, बीएसए अशोक कुमार सिंह यादव और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लेखाधिकारी दिग्विजय सिंह जांच के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका स्कूल भरवारी गए।
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डीआईओएस ने बताया कि जांच में सामने आया कि साक्षी सिंह प्रधानाचार्य की ही बेटी हैं। साथ ही उसने हिंदी के दोनों प्रश्नपत्रों की परीक्षा भी दी है। डीआईओएस ने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को दे दी है। साथ ही इस मामले में कार्रवाई करते ही प्रधानाचार्य रेखा सिंह को केंद्र व्यवस्थापिका पद से हटा दिया है। उनके स्थान पर राजकीय हाईस्कूल मिश्रपुर डहिया की प्रधानाचार्य शीला श्रीवास्तव को नई केंद्र व्यस्थापिका बनाया गया है। डीआईओएस ने बताया कि किसी भी परीक्षा केंद्र में प्रधानाचार्य, शिक्षक अथवा केंद्र व्यवस्थापक के पाल्य परीक्षा नहीं दे सकते हैं।
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