कौशाम्बी : रोडवेज बसों की खड़खड़ाती खिड़कियों से आती है सनसनाती हवा
शासन के लाख दावे के बावजूद परिवहन निगम की बसें पुराने ही ढर्रे पर सड़क पर फर्राटा भर रही हैं। ठंड के मौसम में जब बस की खिड़की खडख़ड़ाने के साथ अंदर हाड़ कंपकपा देने वाली हवा घुसाती है तो यात्री बेहाल उठते हैं।
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कड़ाके की पड़ रही ठंड में जर्जर बसें मुसाफिरों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। परिवहन निगम ने ठंड से बचाव के लिए बसों की क्षतिग्रस्त खिड़कियों को दुरुस्त नहीं कराया है। खिड़की के रास्ते बर्फीली हवाओं से मुसाफिर परेशान हो रहे हैं। हालांकि, परिवहन निगम शत- प्रतिशत बसें ठीक कराने का दावा कर रहा है।
शासन के लाख दावे के बावजूद परिवहन निगम की बसें पुराने ही ढर्रे पर सड़क पर फर्राटा भर रही हैं। ठंड के मौसम में जब बस की खिड़की खडख़ड़ाने के साथ अंदर हाड़ कंपकपा देने वाली हवा घुसाती है तो यात्री बेहाल उठते हैं। ऐसी खटारा बसें प्रयागराज-कानपुर हाईवे पर दर्जनों की संख्या में चल रही हैं। हलांकि परिवहन निगम का दावा है कि उसकी एक भी बस यात्रियों को परेशान करने वाली नहीं है। सभी बसें दुरुस्त करा दी गई हैं। जबकि, फतेहपुर से प्रयागराज का नियमित सफर करने वाली शिक्षिका स्वाती तिवारी बताती हैं कि अक्सर ऐसा होता है कि बस की खिड़कियां सही से बंद नहीं होती हैं।
पॉलिथीन लगाकर किया गया है खिड़कियों को कवर
इससे ठंडी हवा अंदर आती रहती है। खिड़की सही भी हुई तो लाक नहीं होने से खाली जगह से हवा अंदर आती रहती है। देखा गया है कि अक्सर बस का मुख्य गेट भी ठीक से बंद नहीं होता है। उससे भी गेट के सामने बैठने वाले यात्री ठंड से बेहाल रहते हैं। सैनी के युवा व्यापारी विजय केशरवानी का कहना है कि वह भी नियमित प्रयागराज आते-जाते रहते हैं। परिवहन निगम की बसों में ठंड से बचाव के नाम पर सिर्फ हवा-हवाई दावा किया जा रहा है।
पिछले हफ्ते सफर के दौरान बस में ठंडी हवा लगने के कारण उन्हें बुखार आ गया। कमाबेस अधिकतर यात्रियों की बसों के लेकर ऐसी ही कुछ शिकायतें हैं। यात्रियों का कहना परिवहन निगम कमाई के चक्कर में खटारा बसें सड़क पर दौड़ा रहा है। कई बसें ऐसी भी सड़क पर चलती हैं, जिनकी क्षतिग्रस्त छत को पॉलीथिन लगाकर कवर कर दिया गया है।
ठंड से बचाव के लिए बसों को ठीक कराकर सड़क पर उतारा गया है। सड़क पर ऐसी कोई बस नहीं चल रही है, जिसके क्षतिग्रस्त शीशे से आने वाली हवा यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बने। किसी भी बस मेें ऐसी शिकायत है तो उन्हें अवगत कराया जाए। उसे तुरंत ठीक करा दिया जाएगा। -प्रेम कुमार-एआरएम, लीडर रोड बस डिपो