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जनपद मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़के बदहाल तो गांवों का हाल होगा क्या?
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प्रदेश सरकार में डिप्टी सीएम व लोक निर्माण मंत्री केशव प्रसाद मौर्य के गृह जनपद की सड़कों का हाल बदहाल है। हालत यह है कि जिला मुख्यालय जोड़ने वाली मेन रोड को छोड़ दें तो लिंक मार्गों की हालत काफी खराब है। सड़कों की मरम्मत कराना तो दूर लोक निर्माण विभाग की तरफ से पैचिंग का भी काम नहीं कराया गया।
मंझनपुर के प्रमुख चौराहे से रोही बाई पास होते हुए नेशनल हाईवे के लिए सड़क बनाई गई है। मंझनपुर चौराहे से लेकर समदा के बीच में लगभग सारे जिला स्तरीय दफ्तर हैं। कलक्ट्रेट होने के कारण आए दिन यहां धरना प्रदर्शन होते रहते हैं। जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत के चुनाव के दौरान इस मार्ग को जाम भी करना पड़ता है। इसे लेकर मुख्यालय से सटे बरईन का पुरवा से होते हुए नहर मार्ग से समदा तक बाईपास बनाया गया है। मुख्यमार्ग पर आवागमन ज्यादा होने के कारण अक्सर निजी वाहन बाईपास के रास्ते ही प्रयागराज को जाते हैं। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं। बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाता है। इसकी वजह से छोटे चार पहिया वाहनों को निकलने में काफी दिक्कत होती है।
हालांकि, पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदारों का कहना है कि सड़क चौड़ी होनी है, टेंडर भी हो गया है। लेकिन निर्माण कब शुरू होगा, इसका सटीक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। इसी तरह नव निर्मित रोडवेज बस स्टॉप (नया पुरवा) के पास से एक बाईपास निकला है। यह मार्ग सीधा धाता होते हुए फतेहपुर जनपद को जोड़ता है। इस मार्ग की भी हालत काफी खराब है। इसके बाद भी सड़क का न तो चौड़ीकरण कराया गया और न ही मरम्मत। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़कों की हालत खराब हैं तो गांवों को जोड़ने वाली सड़कों की हालत क्या होगी?
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नव निर्मित रोडवेज बस डिपो से फतेहपुर जाने वाली बसें मंझनपुर बाजार के रास्ते से जानी हैं। नगर पालिका प्रशासन की तरफ से बाजार में सड़क का चौड़ीकरण कराने के लिए भवनों को गिरवाया जा चुका है। लेकिन चार महीने बीतने के बावजूद सड़क अब तक नहीं बनाई जा सकी है। इसकी वजह से लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में रोही, सयारा और सिराथू में रेलवे का ओवरब्रिज बनाया गया है। यहां तक जाने वाली सड़कों की भी हालत काफी खराब है। ब्रिज के ऊपर तो तेज रफ्तार से वाहन निकालना खतरे से खाली नहीं रहता। जिसकी वजह से आए दिन इन मार्गों पर हादसे होते रहते हैं।
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मंझनपुर के प्रमुख चौराहे से रोही बाई पास होते हुए नेशनल हाईवे के लिए सड़क बनाई गई है। मंझनपुर चौराहे से लेकर समदा के बीच में लगभग सारे जिला स्तरीय दफ्तर हैं। कलक्ट्रेट होने के कारण आए दिन यहां धरना प्रदर्शन होते रहते हैं। जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत के चुनाव के दौरान इस मार्ग को जाम भी करना पड़ता है। इसे लेकर मुख्यालय से सटे बरईन का पुरवा से होते हुए नहर मार्ग से समदा तक बाईपास बनाया गया है। मुख्यमार्ग पर आवागमन ज्यादा होने के कारण अक्सर निजी वाहन बाईपास के रास्ते ही प्रयागराज को जाते हैं। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं। बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाता है। इसकी वजह से छोटे चार पहिया वाहनों को निकलने में काफी दिक्कत होती है।
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हालांकि, पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदारों का कहना है कि सड़क चौड़ी होनी है, टेंडर भी हो गया है। लेकिन निर्माण कब शुरू होगा, इसका सटीक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। इसी तरह नव निर्मित रोडवेज बस स्टॉप (नया पुरवा) के पास से एक बाईपास निकला है। यह मार्ग सीधा धाता होते हुए फतेहपुर जनपद को जोड़ता है। इस मार्ग की भी हालत काफी खराब है। इसके बाद भी सड़क का न तो चौड़ीकरण कराया गया और न ही मरम्मत। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़कों की हालत खराब हैं तो गांवों को जोड़ने वाली सड़कों की हालत क्या होगी?
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नव निर्मित रोडवेज बस डिपो से फतेहपुर जाने वाली बसें मंझनपुर बाजार के रास्ते से जानी हैं। नगर पालिका प्रशासन की तरफ से बाजार में सड़क का चौड़ीकरण कराने के लिए भवनों को गिरवाया जा चुका है। लेकिन चार महीने बीतने के बावजूद सड़क अब तक नहीं बनाई जा सकी है। इसकी वजह से लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में रोही, सयारा और सिराथू में रेलवे का ओवरब्रिज बनाया गया है। यहां तक जाने वाली सड़कों की भी हालत काफी खराब है। ब्रिज के ऊपर तो तेज रफ्तार से वाहन निकालना खतरे से खाली नहीं रहता। जिसकी वजह से आए दिन इन मार्गों पर हादसे होते रहते हैं।