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सूची में नाम न देख भड़कीं महिलाएं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 05 Dec 2014 11:25 PM IST
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मंझनपुर। समाजवादी पेंशन सूची से नाम गायब देख टेंवा गांव की महिलाओं का शुक्रवार को गुस्सा फूट पड़ा। ग्राम विकास अधिकारी पर मनमानी का आरोप लगाती हुई महिलाओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। डीएम को प्रार्थनापत्र देकर अपात्रों का नाम सूची से हटाकर गरीबों को योजना का लाभ दिलाने की मांग की। जिलाधिकारी ने बीडीओ को सूची के सत्यापन का निर्देश दिया है।
मंझनपुर ब्लाक क्षेत्र के टेंवा गांव की रहने वाली शंकुतला देवी, रीता देवी, सूरजकली, ब्रजरानी, कविता देवी, प्रीति देवी, कौशिल्या देवी, ऊषा देवी, शांति चौधरी, सोहनी चौधरी, लक्ष्मी देवी, सरोज कुमारी, सुमन देवी आदि ने बताया कि वे भूमिहीन गरीब महिलाएं हैं। मेहनत मजदूरी करती हैं।
महिलाओं की मानें तो पहले उन्हें महामाया पेंशन योजना के तहत पेंशन मिलती थी। बताया कि करीब दो महीने पहले ग्रामसभा की हुई बैठक में भी पेंशन के लिए उनके नाम का प्रस्ताव किया गया था। पर, सूची में उनके नाम गायब हैं, जबकि उन घरों की महिलाओं के नाम शामिल हैं, जिनके पास पक्का घर, खेत आदि मौजूद है। पेंशन सूची से नाम गायब देख महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा।
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शुक्रवार को गांव की दर्जनों महिलाएं नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट आई और हक दिलाने की मांग करते हुए अपनी आवाज बुलंद की। महिलाओं ने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर मामले की जांच कराने और गरीबों को समाजवादी पेंशन दिलवाने की मांग की। जिलाधिकारी ने बीडीओ मंझनपुर को सूची का सत्यापन कराकर तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।
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मंझनपुर ब्लाक क्षेत्र के टेंवा गांव की रहने वाली शंकुतला देवी, रीता देवी, सूरजकली, ब्रजरानी, कविता देवी, प्रीति देवी, कौशिल्या देवी, ऊषा देवी, शांति चौधरी, सोहनी चौधरी, लक्ष्मी देवी, सरोज कुमारी, सुमन देवी आदि ने बताया कि वे भूमिहीन गरीब महिलाएं हैं। मेहनत मजदूरी करती हैं।
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महिलाओं की मानें तो पहले उन्हें महामाया पेंशन योजना के तहत पेंशन मिलती थी। बताया कि करीब दो महीने पहले ग्रामसभा की हुई बैठक में भी पेंशन के लिए उनके नाम का प्रस्ताव किया गया था। पर, सूची में उनके नाम गायब हैं, जबकि उन घरों की महिलाओं के नाम शामिल हैं, जिनके पास पक्का घर, खेत आदि मौजूद है। पेंशन सूची से नाम गायब देख महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा।
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शुक्रवार को गांव की दर्जनों महिलाएं नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट आई और हक दिलाने की मांग करते हुए अपनी आवाज बुलंद की। महिलाओं ने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर मामले की जांच कराने और गरीबों को समाजवादी पेंशन दिलवाने की मांग की। जिलाधिकारी ने बीडीओ मंझनपुर को सूची का सत्यापन कराकर तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।