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Kaushambi News: तेज हवा के साथ बारिश ने बढ़ाई किसानों की मुश्किल
Mon, 20 Mar 2023 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 20 Mar 2023 01:16 AM IST
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दोआबा में रविवार की शाम अचानक बदले मौसम ने किसानों को मुश्किलें बढ़ा दीं। तेज हवा के साथ आई बारिश ने जहां सरसों की कटाई और मड़ाई पर कुछ दिनों के लिए ब्रेक लगा दिया है, वहीं गेहूं की फसल पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बारिश के बाद तेज हवा से फसल के गिरने का डर है। इसे लेकर किसान परेशान हैं।
पिछले कई दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा था। रविवार देर शाम अचानक बादल छा गए और बारिश होने लगी। करीब आधे घंटे की बारिश में नगर की सड़कों में जलभराव और गलियों में कीचड़ हो गया। इससे जहां राहगीरों आवागमन में दिक्कत हुई, वहीं बारिश के बाद किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें आ गईं। दोआबा में इस बार 74,249 हेक्टेयर में गेहूं और 1,934 हेक्टेयर में सरसों की फसल लगाई है। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. अजय सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल में बालियां आ चुकी हैं। अब केवल फसल पकने का इंतजार है। ऐसे में हल्की बारिश फसल के लिए फायदेमंद होगी, लेकिन बारिश के बाद तेज हवा चली तो वह नुकसान पहुंचा सकती है। सरसों की फसल की कटाई और मड़ाई चल रही है। लगभग 50 फीसदी किसान अपनी उपज घर पहुंचा चुके हैं, जबकि 50 फीसदी किसानों की सरसों की फसल पक कर खेत में खड़ी है। इसकी कटाई अब कुछ दिन नहीं हो पाएगी। नुकसान उन किसानों का है जिनकी कटी फसल खुले आसमान के नीचे पड़ी है। हालांकि, यह समय चने की खेती का भी है, लेकिन इस पर बारिश का कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। जिले में भिंडी, नेरुआ, करेला, मिर्च, तरबूज, खीरा, ककड़ी, लौकी आदि नगदी फसलों की खेती भी बड़े पैमाने पर किसान करते हैं। इनके लिए बारिश फायदेमंद है।
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फिलहाल तीन दिनों के लिए रोक दें सिंचाई
कृषि वैज्ञानिक डॉ. अजय का कहना है कि मौसम विभाग की ओर से 22 मार्च तक मौसम खराब रहने की जानकारी दी गई है। इसमें बारिश के साथ तेज हवा भी चल सकती है। ऐसी दशा में किसान किसी भी फसल की सिंचाई करने से बचे। खासकर गेहूं की सिंचाई तो बिल्कुल न करें। जब तक मौसम साफ न हो तब तक के लिए सरसों की कटाई को रोक दें। उन्होंने कहा कि 22 मार्च के बाद मौसम खुलने के आसार हैं।
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गेंहू की फसल लगभग तैयार हो चुकी है। बालियों में दाने भी पड़ चुके हैं। ऐसे में तेज हवा और बरसात के कारण फसल गिरने की आशंका है। फसल गिरने से पैदावार में कमी आएगी।
राधेश्याम मिश्रा, सुरसेनी-- --
कुछ बीघे गेंहू की फसल में एक बार पानी की आवश्यकता है। बरसात होने से फसल को फायदा होगा, लेकिन तेज हवा चली तो नुकसान भी हो सकता है। हवा के झोंके से फसल गिर जाएगी, जिससे उत्पादन घट जाएगा।
विनय कुमार सिंह, नेवादा
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पिछले कई दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा था। रविवार देर शाम अचानक बादल छा गए और बारिश होने लगी। करीब आधे घंटे की बारिश में नगर की सड़कों में जलभराव और गलियों में कीचड़ हो गया। इससे जहां राहगीरों आवागमन में दिक्कत हुई, वहीं बारिश के बाद किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें आ गईं। दोआबा में इस बार 74,249 हेक्टेयर में गेहूं और 1,934 हेक्टेयर में सरसों की फसल लगाई है। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. अजय सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल में बालियां आ चुकी हैं। अब केवल फसल पकने का इंतजार है। ऐसे में हल्की बारिश फसल के लिए फायदेमंद होगी, लेकिन बारिश के बाद तेज हवा चली तो वह नुकसान पहुंचा सकती है। सरसों की फसल की कटाई और मड़ाई चल रही है। लगभग 50 फीसदी किसान अपनी उपज घर पहुंचा चुके हैं, जबकि 50 फीसदी किसानों की सरसों की फसल पक कर खेत में खड़ी है। इसकी कटाई अब कुछ दिन नहीं हो पाएगी। नुकसान उन किसानों का है जिनकी कटी फसल खुले आसमान के नीचे पड़ी है। हालांकि, यह समय चने की खेती का भी है, लेकिन इस पर बारिश का कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। जिले में भिंडी, नेरुआ, करेला, मिर्च, तरबूज, खीरा, ककड़ी, लौकी आदि नगदी फसलों की खेती भी बड़े पैमाने पर किसान करते हैं। इनके लिए बारिश फायदेमंद है।
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फिलहाल तीन दिनों के लिए रोक दें सिंचाई
कृषि वैज्ञानिक डॉ. अजय का कहना है कि मौसम विभाग की ओर से 22 मार्च तक मौसम खराब रहने की जानकारी दी गई है। इसमें बारिश के साथ तेज हवा भी चल सकती है। ऐसी दशा में किसान किसी भी फसल की सिंचाई करने से बचे। खासकर गेहूं की सिंचाई तो बिल्कुल न करें। जब तक मौसम साफ न हो तब तक के लिए सरसों की कटाई को रोक दें। उन्होंने कहा कि 22 मार्च के बाद मौसम खुलने के आसार हैं।
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गेंहू की फसल लगभग तैयार हो चुकी है। बालियों में दाने भी पड़ चुके हैं। ऐसे में तेज हवा और बरसात के कारण फसल गिरने की आशंका है। फसल गिरने से पैदावार में कमी आएगी।
राधेश्याम मिश्रा, सुरसेनी
कुछ बीघे गेंहू की फसल में एक बार पानी की आवश्यकता है। बरसात होने से फसल को फायदा होगा, लेकिन तेज हवा चली तो नुकसान भी हो सकता है। हवा के झोंके से फसल गिर जाएगी, जिससे उत्पादन घट जाएगा।
विनय कुमार सिंह, नेवादा