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Kaushambi News: दोआबा में लहलहाएगी रागी की फसल, साढ़े तीन क्विंटल बीज विभाग को मिले
Sun, 07 May 2023 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 May 2023 01:15 AM IST
सार
दोआबा में इस बार मोटे अनाज रागी की फसल भी लहलहाएगी।शासन की ओर से कृषि विभाग को इसका साढ़े तीन क्विंटल बीज उपलब्ध कराया गया है। दो महीने बाद ज्वार बीज भी आएगा।
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रागी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दोआबा में इस बार मोटे अनाज रागी की फसल भी लहलहाएगी।शासन की ओर से कृषि विभाग को इसका साढ़े तीन क्विंटल बीज उपलब्ध कराया गया है। दो महीने बाद ज्वार बीज भी आएगा। यह बीज फॉर्मर प्रोड्यूशर ऑर्गेनाइजेशन के सहारे किसानों को नि:शुल्क वितरित कराया जाएगा।
ज्वार, बाजरा और रागी जैसे मोटे अनाज का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद होता है। पहले इसकी खेती भी बड़े पैमाने पर होती थी, लेकिन अब यह कहीं-कहीं दिखती है। खाने में इसका प्रयोग भी कम हो गया है। जिले में ही ज्वार और बाजरे की खेती महज दो से ढाई हजार हेक्टेयर में सीमित रह गई है। सरकार का ध्यान अब मोटे अनाज की तरफ है।
किसानों को इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है।
यह प्रयास दोआबा में भी हो रहा है। इसी के तहत साढ़े तीन क्विंटल रागी का बीज कृषि विभाग मुख्यालय की ओर से भेजा गया है। जिले के सभी आठ ब्लॉकों में 16 फॉर्मर प्रोड्यूशर ऑर्गेनाइजेशन हैं। इनसे जुड़े किसानों को यह बीज नि:शुल्क वितरित कराया जाएगा। इसके बाद जुलाई में ज्वार का बीज आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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जिला कृषि अधिकारी मनोज गौतम ने बताया कि जिले में 7500 हेक्टेयर में मोटे अनाज की खेती का लक्ष्य है। 500 हेक्टेयर में रागी की बोआई होगी। वहीं, सात हजार हेक्टेयर में ज्वार और बाजरा बोया जाएगा। रागी की बोआई का सीजन है। इसका बीज आ चुका है। जल्द ही वितरण शुरू होगा। जुलाई में ज्वार का बीज मिलने पर उसका भी वितरण होगा।
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ज्वार, बाजरा और रागी जैसे मोटे अनाज का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद होता है। पहले इसकी खेती भी बड़े पैमाने पर होती थी, लेकिन अब यह कहीं-कहीं दिखती है। खाने में इसका प्रयोग भी कम हो गया है। जिले में ही ज्वार और बाजरे की खेती महज दो से ढाई हजार हेक्टेयर में सीमित रह गई है। सरकार का ध्यान अब मोटे अनाज की तरफ है।
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किसानों को इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है।
यह प्रयास दोआबा में भी हो रहा है। इसी के तहत साढ़े तीन क्विंटल रागी का बीज कृषि विभाग मुख्यालय की ओर से भेजा गया है। जिले के सभी आठ ब्लॉकों में 16 फॉर्मर प्रोड्यूशर ऑर्गेनाइजेशन हैं। इनसे जुड़े किसानों को यह बीज नि:शुल्क वितरित कराया जाएगा। इसके बाद जुलाई में ज्वार का बीज आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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जिला कृषि अधिकारी मनोज गौतम ने बताया कि जिले में 7500 हेक्टेयर में मोटे अनाज की खेती का लक्ष्य है। 500 हेक्टेयर में रागी की बोआई होगी। वहीं, सात हजार हेक्टेयर में ज्वार और बाजरा बोया जाएगा। रागी की बोआई का सीजन है। इसका बीज आ चुका है। जल्द ही वितरण शुरू होगा। जुलाई में ज्वार का बीज मिलने पर उसका भी वितरण होगा।