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चार गांवों की बिजली गुल
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Wed, 23 Mar 2016 12:12 AM IST
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यमुना की तराई के करीब छह गांवों की बत्ती गुल है। इससे लोगों को तमाम दिक्कताें का सामना करना पड़ रहा है। लालटेने और मोमबत्ती की रोशनी में घरेलू कामकाज करने को लोग मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार समस्या से जेई को अवगत कराया गया, लेकिन ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा सका। चेताया कि यदि सप्ताह भर के बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
शाहपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े तराई के घोप का पुरवा, नौबस्ता, शाहपुर और महेवाघाट आदि गांव में बिजली आपूर्ति के लिए 63 केवीए के ट्रांसफार्मर लगाए गए है। गांव के रहने वाले लालमन, रामकेशन, शिवशंकर, दिलीप कुमार आदि का कहना है कि ट्रांसफार्मर फुंकने की सूचना दूसरे दिन उपकेन्द्र कर्मियों को दी गई। आरोप है कि ट्रांसफार्मर बदलने के लिए जेई व ठेकेदार धन की मांग करते हैं।
सुविधा शुल्क नहीं देने के कारण करीब दस माह से फुंका ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा सका। सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूली बच्चों को उठानी पड़ती है। फुंका ट्रांसफार्मर न बदले जाने से उपभोक्ताओं में जेई व ठेकेदार के प्रति नाराजगी है। मामले में अवर अभियंता जगरूप वर्मा का कहना है कि घोघ का पुरवा का ट्रांसफार्मर तकरीबन दस माह से फुंका है इसकी जानकारी नहीं है। जिन गांवों की जानकारी मिली है उनके इस्टीमेट बनाकर स्टोर को भेज दिए गए हैं। फुंके ट्रांसफार्मरों को जल्द बदलवा दिया जाएगा। सुविधा शुल्क मांगे जाने के आरोप बेबुनियाद हैं।
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शाहपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े तराई के घोप का पुरवा, नौबस्ता, शाहपुर और महेवाघाट आदि गांव में बिजली आपूर्ति के लिए 63 केवीए के ट्रांसफार्मर लगाए गए है। गांव के रहने वाले लालमन, रामकेशन, शिवशंकर, दिलीप कुमार आदि का कहना है कि ट्रांसफार्मर फुंकने की सूचना दूसरे दिन उपकेन्द्र कर्मियों को दी गई। आरोप है कि ट्रांसफार्मर बदलने के लिए जेई व ठेकेदार धन की मांग करते हैं।
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सुविधा शुल्क नहीं देने के कारण करीब दस माह से फुंका ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा सका। सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूली बच्चों को उठानी पड़ती है। फुंका ट्रांसफार्मर न बदले जाने से उपभोक्ताओं में जेई व ठेकेदार के प्रति नाराजगी है। मामले में अवर अभियंता जगरूप वर्मा का कहना है कि घोघ का पुरवा का ट्रांसफार्मर तकरीबन दस माह से फुंका है इसकी जानकारी नहीं है। जिन गांवों की जानकारी मिली है उनके इस्टीमेट बनाकर स्टोर को भेज दिए गए हैं। फुंके ट्रांसफार्मरों को जल्द बदलवा दिया जाएगा। सुविधा शुल्क मांगे जाने के आरोप बेबुनियाद हैं।
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