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Kaushambi News: गड्ढायुक्त सड़क बता रही विकास की हकीकत
Mon, 03 Nov 2025 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 03 Nov 2025 01:20 AM IST
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मंझनपुर- टेवां से धाता मार्ग पर चक गांव के पास भरा पानी। संवाद
मंझनपुर टेवां से फतेहपुर के धाता जाने वाले मार्ग की सड़क जर्जर होकर गड्ढों में तब्दील हो गई है। चक गांव के पास बने गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों को आवागमन के अरमान टूट रहे हैं। सात वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 16 किलोमीटर मार्ग का निर्माण कराया गया था। निर्माण के दो साल बाद ही जिम्मेदारों के आंखें फेर लेने से सड़क बदहाल हो गई है।
मंझनपुर से टेवां होते हुए फतेहपुर के धाता को जोड़ने वाली यह सड़क दो जनपदों के बीच आवागमन का मुख्य मार्ग है। हाल यह है कि टेनशाह, आलमाबाद, देवरा, मडूकी, थाभां, चक, नारा, जुबरा और रंपुरवा गांवों के पास सड़क की ऊपरी सतह उखड़ चुकी है। इस पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। गिट्टियां बाहर निकल आई हैं। बारिश में तो इन गड्ढों में पानी भर जाने से आए दिन साइकिल और बाइक सवार फिसलकर गिरते हैं।
नारा गांव के मुन्नालाल, दिलीप मिश्रा और अनंत कुमार ने बताया कि सात साल पहले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनी सड़क की के निर्माण में केवल खानापूर्ति की गई थी।
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सहीदाबाद निवासी खुर्शीद अहमद ने बताया कि दो जनपदों को जोड़ने वाली इस सड़क से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं लेकिन मरम्मत कार्य के नाम पर सिर्फ औपचारिकता ही पूरी की जा रही है। सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे सफर करना मुश्किल हो गया है।
नारा के जीतलाल ने बताया कि सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के दावे किए जाते हैं लेकिन हकीकत में मार्गों की हालत बदतर है। सात साल पहले करोड़ों की लागत से बनी सड़क अब पूरी तरह गड्ढों से भरी पड़ी है, जिससे राहगीरों को हादसों का सामना करना पड़ता है।
मंझनपुर, टेवां- धाता मार्ग के नवीनीकरण के लिए एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। बजट स्वीकृत होने के बाद प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराया जाएगा। बारिश से बने गड्ढों को गिट्टी डालकर अस्थायी रूप से भरवाया जाएगा ताकि राहगीरों को कुछ राहत मिल सके। - एसके हरित, अधिशासी अभियंता, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
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मंझनपुर से टेवां होते हुए फतेहपुर के धाता को जोड़ने वाली यह सड़क दो जनपदों के बीच आवागमन का मुख्य मार्ग है। हाल यह है कि टेनशाह, आलमाबाद, देवरा, मडूकी, थाभां, चक, नारा, जुबरा और रंपुरवा गांवों के पास सड़क की ऊपरी सतह उखड़ चुकी है। इस पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। गिट्टियां बाहर निकल आई हैं। बारिश में तो इन गड्ढों में पानी भर जाने से आए दिन साइकिल और बाइक सवार फिसलकर गिरते हैं।
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नारा गांव के मुन्नालाल, दिलीप मिश्रा और अनंत कुमार ने बताया कि सात साल पहले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनी सड़क की के निर्माण में केवल खानापूर्ति की गई थी।
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सहीदाबाद निवासी खुर्शीद अहमद ने बताया कि दो जनपदों को जोड़ने वाली इस सड़क से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं लेकिन मरम्मत कार्य के नाम पर सिर्फ औपचारिकता ही पूरी की जा रही है। सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे सफर करना मुश्किल हो गया है।
नारा के जीतलाल ने बताया कि सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के दावे किए जाते हैं लेकिन हकीकत में मार्गों की हालत बदतर है। सात साल पहले करोड़ों की लागत से बनी सड़क अब पूरी तरह गड्ढों से भरी पड़ी है, जिससे राहगीरों को हादसों का सामना करना पड़ता है।
मंझनपुर, टेवां- धाता मार्ग के नवीनीकरण के लिए एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। बजट स्वीकृत होने के बाद प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराया जाएगा। बारिश से बने गड्ढों को गिट्टी डालकर अस्थायी रूप से भरवाया जाएगा ताकि राहगीरों को कुछ राहत मिल सके। - एसके हरित, अधिशासी अभियंता, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना