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Kaushambi : माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि के खिलाफ पुलिस को नहीं मिले गवाह, फिर शुरू हुई विवेचना

Thu, 16 Mar 2023 08:22 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 16 Mar 2023 08:22 PM IST
सार

राजूपाल हत्याकांड के गवाह ओम प्रकाश पाल पर कातिलाना हमले के मामले में फरार माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि के खिलाफ पुलिस को एक भी गवाह नहीं मिल सका।

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Police did not find witnesses against Abdul Kavi, the shooter of Mafia Atiq, then the investigation started
Kaushambi : अब्दुल कवि। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मंझनपुर। राजूपाल हत्याकांड के गवाह ओम प्रकाश पाल पर कातिलाना हमले के मामले में फरार माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि के खिलाफ पुलिस को एक भी गवाह नहीं मिल सका। दो वर्ष तक मामले की विवेचना करने के बाद पुलिस ने फाइल को दाखिल दफ्तर कर कोर्ट में रिपोर्ट भेज दी। अदालत ने मामले को संज्ञान में लेकर खुद ओमप्रकाश पाल को गवाही के लिए तलब किया है। सरायअकिल कोतवाली के चकपिन्हा गांव निवासी ओमप्रकाश पाल भी चर्चित राजूपाल हत्याकांड में गवाह हैं।

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ओम प्रकाश का कहना था कि सितंबर 2020 को वह अपने खेत की तरफ गए थे। इस दौरान राजूपाल हत्याकांड में शामिल रहा माफिया अतीक का शूटर भखंदा गांव निवासी अब्दुल कवि अपने दो साथियों के साथ पहुंचा और सीबीआई कोर्ट में गवाही नहीं देने के लिए कहने लगा। विरोध करने पर अब्दुल कवि ने उस पर कमर में खोंसे तमंचे से फायर कर दिया। घटना में किसी तरह उसकी जान बच सकी।
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काफी प्रयास के बाद सरायअकिल पुलिस ने एक अक्तूबर 2020 को अब्दुल कवि व दो अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद भी अब्दुल कवि पकड़ा नहीं जा सका। पुलिस रिकार्ड की मानें तो अब्दुल कवि की गिरफ्तारी के काफी प्रयास किए गए, लेकिन वह पकड़ा नहीं जा सका। यहां तक कि जो दो अज्ञात लोग मुकदमे में थे, पुलिस उनका भी रिकार्ड में नाम नहीं खोल सकी। अप्रैल 2021 में हुए जिला पंचायत चुनाव में अब्दुल कवि ने अपने भाई की पत्नी फौजिया को वार्ड नंबर 23 से प्रत्याशी बनाया और कई दिनों तक उसका प्रचार भी इलाके में गांवों में करता रहा।

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24 फरवरी को राजूपाल हत्याकांड के गवाह रहे उमेश पाल व दो सरकारी गनर की हत्या के बाद अब्दुल कवि का नाम फिर सुर्खियों में आया। आईजी ने अब्दुल कवि की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार का इनाम भी घोषित किया। इस दौरान पुलिस ने राजूपाल हत्याकांड के ही गवाह रहे ओमप्रकाश की तरफ से दर्ज कराए गए मुकदमे की छानबीन की तो चौंकाने वाली जानकारी हासिल हुई। पता चला कि पुलिस ने मुकदमे में मौजूदा कनैली चौकी प्रभारी हनुमान प्रताप सिंह ने 17 अक्तूबर 2022 को एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगा दी है।

पुलिस ने अपने पर्चे में दावा किया कि अब्दुल कवि के खिलाफ कोई भी गवाह नही मिल सका है। इसके बाद पत्रावली 29 नवंबर 2022 को सीजेएम सौम्या गिरी की कोर्ट में प्रस्तुत कर दी गई। इस मामले में सीजेएम ने वादी मुकदमा ओमप्रकाश को नोटिस जारी कर तीन अप्रैल 2023 को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है। वहीं एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है मामला संज्ञान में है। प्रकरण की पुन: विवेचना कराई जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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