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छह साल से बीमार है न्यू पीएचसी फकीराबाद
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Tue, 18 Oct 2016 12:10 AM IST
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पीएचसी नेवादा अंतर्गत सरायअकिल कस्बे में छह साल पहले बना उप स्वास्थ्य केंद्र स्वयं बीमार है। निर्माण के बाद दो महीने तक यहां पर गर्भवती महिलाओं और शिशुओं का टीकाकरण किया गया। इसके बाद से आज तक केंद्र बीमार चला आ रहा है। यहां पर तैनात एएनएम कहां रहती हैं, इसका भी सुराग नहीं लग रहा है। इसे लेकर इलाकाई गर्भवती महिलाओं और नौनिहालों स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
सरायअकिल कस्बे के फकीराबाद मोहल्ले में उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण वर्ष 2008-09 में चार लाख की लागत से कराया गया था। निर्माण के दो माह बाद तक यहां पर तैनात एएनएम द्वारा गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच, टीकाकरण और बच्चों का टीकाकरण किया गया। इसके बाद से आज तक उप स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम नहीं बैठी। केंद्र न खुलने से गर्भवती महिलाओं और शिशुओं का टीकाकरण कराने के लिए लोगों को दूसरी अस्पतालों में जाना पड़ता है।
खास बात यह है कि अस्पताल न खुलने के बाद भी एएनएम द्वारा लगातार वेतन का भुगतान लिया जा रहा है। केंद्र बंद रहने से पूरा परिसर झाड़ियों और बड़ी-बड़ी घासों से पट चुका है। जिम्मेदार हैं कि उन्हें लाखों की लागत से बने भवन और बेहाल गर्भवती महिलाओं की सुविधाओं की फिक्र ही नहीं है। मामले में पीएचसी नेवादा के चिकित्सा प्रभारी डॉ. ललित सिंह का कहना है बिल्डिंग धसकने के कारण एएनएम संगीता सिंह केंद्र पर नहीं जाती। वह इलाके में डोर-टू-डोर चिकित्सा सुविधा का लाभ गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को पहुंचा रही हैं।
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सरायअकिल कस्बे के फकीराबाद मोहल्ले में उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण वर्ष 2008-09 में चार लाख की लागत से कराया गया था। निर्माण के दो माह बाद तक यहां पर तैनात एएनएम द्वारा गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच, टीकाकरण और बच्चों का टीकाकरण किया गया। इसके बाद से आज तक उप स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम नहीं बैठी। केंद्र न खुलने से गर्भवती महिलाओं और शिशुओं का टीकाकरण कराने के लिए लोगों को दूसरी अस्पतालों में जाना पड़ता है।
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खास बात यह है कि अस्पताल न खुलने के बाद भी एएनएम द्वारा लगातार वेतन का भुगतान लिया जा रहा है। केंद्र बंद रहने से पूरा परिसर झाड़ियों और बड़ी-बड़ी घासों से पट चुका है। जिम्मेदार हैं कि उन्हें लाखों की लागत से बने भवन और बेहाल गर्भवती महिलाओं की सुविधाओं की फिक्र ही नहीं है। मामले में पीएचसी नेवादा के चिकित्सा प्रभारी डॉ. ललित सिंह का कहना है बिल्डिंग धसकने के कारण एएनएम संगीता सिंह केंद्र पर नहीं जाती। वह इलाके में डोर-टू-डोर चिकित्सा सुविधा का लाभ गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को पहुंचा रही हैं।
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