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Kaushambi News: बंदरों के आतंक से सहमे लोग, रोज 25 से अधिक पहुंच रहे अस्पताल
Sat, 13 Jun 2026 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 13 Jun 2026 12:28 AM IST
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दीपक सिंह बनपुकरा
नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों का बढ़ता आतंक लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। दो दिन पहले बंदर के हमले में घायल किसान की मौत के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। बंदरों के हमले में घायल होकर प्रतिदिन 25 से अधिक लोग एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।
सिराथू कस्बे के अलावा नगियामई, रामपुर धमावां, करनपुर सौरई, मधवाभी, कूरामुरीदन, सैनी और गरई गांवों में बंदरों का आतंक बढ़ गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिराथू के अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि बंदरों के हमले में घायल होकर प्रतिदिन 25 से अधिक लोग एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंचते हैं।
नगर पंचायत क्षेत्र में 500 से अधिक बंदर हैं। इनके कारण आए दिन लोग घायल हो रहे हैं। रेलवे स्टेशन और बस स्टॉप पर भी बंदरों की अधिक संख्या यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।- कृपा शंकर तिवारी, ग्रामीण
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गर्मी के दिनों में बंदर अधिक आक्रामक हो गए हैं। आए दिन लोग उनके हमले का शिकार हो रहे हैं, लेकिन समस्या के समाधान के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।- दीपक सिंह, ग्रामीण
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सिराथू कस्बे के अलावा नगियामई, रामपुर धमावां, करनपुर सौरई, मधवाभी, कूरामुरीदन, सैनी और गरई गांवों में बंदरों का आतंक बढ़ गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिराथू के अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि बंदरों के हमले में घायल होकर प्रतिदिन 25 से अधिक लोग एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंचते हैं।
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नगर पंचायत क्षेत्र में 500 से अधिक बंदर हैं। इनके कारण आए दिन लोग घायल हो रहे हैं। रेलवे स्टेशन और बस स्टॉप पर भी बंदरों की अधिक संख्या यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।- कृपा शंकर तिवारी, ग्रामीण
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गर्मी के दिनों में बंदर अधिक आक्रामक हो गए हैं। आए दिन लोग उनके हमले का शिकार हो रहे हैं, लेकिन समस्या के समाधान के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।- दीपक सिंह, ग्रामीण

दीपक सिंह बनपुकरा

दीपक सिंह बनपुकरा