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धूमधाम से मनाई गई परशुराम जयंती, भक्तों की किया पूजन
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मंझनपुर/सिराथू। अक्षय तृतीया के अवसर पर मंगलवार को जिले के विभिन्न स्थानों में परशुराम जयंती मनाई गई। भक्तों ने परशुराम की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर पूजन - आरती किया।
वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया के नाम से जाना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान श्री नारायण ने अपने छठे अवतार में पृथ्वी लोक में ऋषि जगदंमिनी के घर में परशुराम के रूप में अवतार लिया था। इस दौरान उन्होंने अन्याय अत्याचार के खिलाफ अस्त्र-शस्त्र उठाकर 21 बार धरती से क्षत्रियों का संहार किया था। ब्राह्मणों के आराध्य भगवान परशुराम की जयंती मंगलवार को सिराथू कस्बे के सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में बड़े धूमधाम से मनाई गई। चित्र पर फूल माला के साथ धूप, दीप, नैवेद्य अर्पित कर हवन-पूजन किया। इस मौके पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए विद्यालय प्रबंधक ने कहा कि भगवान परशुराम के जीवन से अन्याय अत्याचार के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा मिलती है। जयंती अवसर पर आयोजित भंडारे में पहुंचे लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में स्कूल के प्रधानाचार्य फूलचंद मिश्र, जनक पांडेय, शिवम पांडेय, रूद्र मणि त्रिपाठी सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे। इसी तरह अखिल भारतीय ब्राह्मण परिषद की जिला इकाई की ओर से मंगलवार को कौशांबी ब्लॉक के जाठी स्थित हनुमान मंदिर में परशुराम जयंती मनाई गई। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने सिद्ध संत बाल ब्रह्मचारी शिव स्वरूप महाराज के साथ मिलकर पूजन-अर्चन किया। इस मौके पर परिषद के जिलाध्यक्ष सौरभ त्रिपाठी, अमित त्रिपाठी, हरीश द्विवेदी, शशिकांत त्रिपाठी ,अशोक मिश्र शिवबाबू मिश्र,अंकित त्रिपाठी,बेनीशरण,सोनू भार्गव,संतोष कुमार सहित हजारों की संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग उपस्थित रहे ।
सुरसेनी गांव में धूमधाम से मनाई गई परशुराम जयंती
नेवादा।चायल क्षेत्र के सुरसेनी गांव स्थित सिद्धबाबा मंदिर परिसर में मंगलवार को भगवान विष्णु के छठें अवतार भगवान परशुराम जी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कौशांबी सांसद विनोद कुमार सोनकर रहे। संयोजक प्रमुख प्रतिनिधि नेवादा संदीप मिश्रा रहे व अध्यक्षता पूर्व प्रमुख राधेश्याम मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने भगवान परशुराम की प्रतिमा का पूजन व दीप प्रज्जवलन किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं ने ब्राह्मण समाज के उत्थान के बारे में अपने अपने विचार व्यक्त किए।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि अक्षय तृतीया के दिन जन्म लेने के कारण ही भगवान परशुराम की शक्ति भी अक्षय थी। इतना ही नहीं, इनकी गिनती तो महर्षि वेदव्यास, अश्वस्थामा, राजा बलि, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य, ऋषि मार्कंडेय सहित उन आठ अमर किरदारों में होती है, जिन्हें कालांतर तक अमर माना जाता रहेगा। शास्त्रों में आठ चिरंजीव बताए गए हैं। परशुराम उन्हीं अष्टचिरंजीवियों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि पूरा ब्राह्मण समाज भगवान परशुराम के वंशज हैं। ब्राह्मण हमेशा से पूज्यनीय रहा है। इस मौके पर उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद सैकड़ों ब्राह्मणों को त्रिपुरा का अंगवस्त्र गमछा ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में शासकीय अधिवक्ता केडी द्विवेदी, प्रधान संघ अध्यक्ष दीप नारायण त्रिपाठी,दीपक पाण्डेय प्रधान चरवा, विश्व हिंदू परिषद के शिवपूजन राही ने ब्राह्मण समाज के उत्थान के बारे में अपने अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर सुधीर शुक्ला, विनय शुक्ला, दयाशंकर पांडेय,सोनू पांडेय,मनोज मिश्र,विवेक शुक्ला, शिवशंकर ओझा संतोष मिश्रा समेत तमाम ब्राह्मण समाज के लोग मौजूद रहे।
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वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया के नाम से जाना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान श्री नारायण ने अपने छठे अवतार में पृथ्वी लोक में ऋषि जगदंमिनी के घर में परशुराम के रूप में अवतार लिया था। इस दौरान उन्होंने अन्याय अत्याचार के खिलाफ अस्त्र-शस्त्र उठाकर 21 बार धरती से क्षत्रियों का संहार किया था। ब्राह्मणों के आराध्य भगवान परशुराम की जयंती मंगलवार को सिराथू कस्बे के सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में बड़े धूमधाम से मनाई गई। चित्र पर फूल माला के साथ धूप, दीप, नैवेद्य अर्पित कर हवन-पूजन किया। इस मौके पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए विद्यालय प्रबंधक ने कहा कि भगवान परशुराम के जीवन से अन्याय अत्याचार के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा मिलती है। जयंती अवसर पर आयोजित भंडारे में पहुंचे लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में स्कूल के प्रधानाचार्य फूलचंद मिश्र, जनक पांडेय, शिवम पांडेय, रूद्र मणि त्रिपाठी सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे। इसी तरह अखिल भारतीय ब्राह्मण परिषद की जिला इकाई की ओर से मंगलवार को कौशांबी ब्लॉक के जाठी स्थित हनुमान मंदिर में परशुराम जयंती मनाई गई। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने सिद्ध संत बाल ब्रह्मचारी शिव स्वरूप महाराज के साथ मिलकर पूजन-अर्चन किया। इस मौके पर परिषद के जिलाध्यक्ष सौरभ त्रिपाठी, अमित त्रिपाठी, हरीश द्विवेदी, शशिकांत त्रिपाठी ,अशोक मिश्र शिवबाबू मिश्र,अंकित त्रिपाठी,बेनीशरण,सोनू भार्गव,संतोष कुमार सहित हजारों की संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग उपस्थित रहे ।
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सुरसेनी गांव में धूमधाम से मनाई गई परशुराम जयंती
नेवादा।चायल क्षेत्र के सुरसेनी गांव स्थित सिद्धबाबा मंदिर परिसर में मंगलवार को भगवान विष्णु के छठें अवतार भगवान परशुराम जी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कौशांबी सांसद विनोद कुमार सोनकर रहे। संयोजक प्रमुख प्रतिनिधि नेवादा संदीप मिश्रा रहे व अध्यक्षता पूर्व प्रमुख राधेश्याम मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने भगवान परशुराम की प्रतिमा का पूजन व दीप प्रज्जवलन किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं ने ब्राह्मण समाज के उत्थान के बारे में अपने अपने विचार व्यक्त किए।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि अक्षय तृतीया के दिन जन्म लेने के कारण ही भगवान परशुराम की शक्ति भी अक्षय थी। इतना ही नहीं, इनकी गिनती तो महर्षि वेदव्यास, अश्वस्थामा, राजा बलि, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य, ऋषि मार्कंडेय सहित उन आठ अमर किरदारों में होती है, जिन्हें कालांतर तक अमर माना जाता रहेगा। शास्त्रों में आठ चिरंजीव बताए गए हैं। परशुराम उन्हीं अष्टचिरंजीवियों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि पूरा ब्राह्मण समाज भगवान परशुराम के वंशज हैं। ब्राह्मण हमेशा से पूज्यनीय रहा है। इस मौके पर उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद सैकड़ों ब्राह्मणों को त्रिपुरा का अंगवस्त्र गमछा ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में शासकीय अधिवक्ता केडी द्विवेदी, प्रधान संघ अध्यक्ष दीप नारायण त्रिपाठी,दीपक पाण्डेय प्रधान चरवा, विश्व हिंदू परिषद के शिवपूजन राही ने ब्राह्मण समाज के उत्थान के बारे में अपने अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर सुधीर शुक्ला, विनय शुक्ला, दयाशंकर पांडेय,सोनू पांडेय,मनोज मिश्र,विवेक शुक्ला, शिवशंकर ओझा संतोष मिश्रा समेत तमाम ब्राह्मण समाज के लोग मौजूद रहे।