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60 फीसदी धान की फसल पर सूखे का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Fri, 25 Aug 2017 01:29 AM IST
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कौशाम्बी
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औसत से कम हुई बारिश और भादों माह में बूंदाबांदी भी न होने से धान की खेती पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। 60 फीसदी से ज्यादा धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच चुकी है। इससे किसान चिंतित हैं। शुरूआत में हुई झमाझम बारिश ने किसानों को राहत दी थी लेकिन मौसम बदले रुख ने उनकी बेचैनी बढ़ा रखी है। माइनरें सूख चुकी हैं। लो-वोल्टेज के कारण ट्यूबवेल भी ठप हैं। इससे किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है।
खरीफ की खेती में इस साल इंद्र भगवान किसानों को दगा दे गए। सावन के महीने में झमाझम बारिश होने प2र किसानों ने 80 हजार हेक्टेयेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई की। इसके बाद बचे हुए खेतों में अरहर, ज्वार, बाजरा, तिल, उरद, मूंग आदि की बुवाई की। सावन में अच्छी बारिश होने से किसान भरपूर पैदावार के सपने संजोने लगे थे लेकिन भादों के महीने में बारिश न होने से खेतों की नमी गायब हो गई है। सिंचाई के ऐन वक्त पर मौसम के साथ जिले की निचली रामगंगा कमांड, करारी माइनर, किशुनपुर पंप कैनाल की माइनरें दगा दे गईं। एक भी नहर में फसलों की सिंचाई के लिए पानी नहीं है। इस मौके पर बिजली भी किसानों का साथ छोड़ चली है।
कहने को ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है पर वोल्टेज इतना कम रहता है कि निजी नलकूप की मोटर घूं-घूं की आवाज कर फुंक जा रही हैं। पंप से पूरा पानी न निकलने पर एक बीघा खेत की सिंचाई दस से 12 घंटे में भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसान धान की फसलों को नहीं सींच पा रहा है अगियौना के किसान मंजर अब्बास ने दस बीघा व सगीर अहमद ने चार बीघा धान की फसल रोप रखी है। सिंचाई के अभाव में खेतों की फसल पीली पड़ने लगी है। इस किसानों को सूख रही फसलों को बचा पाने के लिए कोई तरकीब नहीं सूझ रही है।
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चिल्ला रहे किसान नहीं बढ़ रहा वोल्टेज
जिले में लो-वोल्टेज की समस्या पखवारे भर से बरकरार है। इसे लेकर किसान बिजली विभाग के जेई, एक्सईएन से आए दिन शिकायत कर रहे हैं। टीकरडीह के किसान गुड्डू यादव ने मुख्य अभियंता से शिकायत कर वोल्टेज बढ़ाए जाने की मांग की। बावजूद इसके वोल्टेज में सुधार नहीं हो रहा है, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
पंप लगाकर निकाला जा रहा तालाबों का पानी
सिंचाई की इतनी बदतर स्थिति हो चुकी है कि किसानों को किराए पर डीजल पंप सेट लगाकर तालाब से पानी निकालना पड़ रहा है। गुरुवार को कादीपुर के रामनरेश व दिनेश ने अपने धान के खेत सिंचाई के लिए डीजल पंप किराए पर लेकर आए और तालाब में उसे लगाकर अपने खेत की सिंचाई की। पूछने पर बताया कि वोल्टेज कम होने के कारण ट्यूबवेल नहीं काम कर रहा है। फसल बचाने के लिए कुछ तो इंतजाम करना ही पड़ेगा।
मौसम के दगा देने से सिंचाई की समस्या उत्पन्न हो गई है। लो वोल्टेज के लिए एक्सईएन हाईड्रिल व नहरों में पानी बढ़ाने के लिए एक्सईएन सिंचाई को पत्र लिखा गया है। मामला ट्रांसमिशन का होने की वजह से व्यवस्था सुधरने में समय लग रहा है। जल्द ही इसे ठीक कराया जाएगा।
डॉ. दिनेश कुमार सिंह, सीडीओ
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खरीफ की खेती में इस साल इंद्र भगवान किसानों को दगा दे गए। सावन के महीने में झमाझम बारिश होने प2र किसानों ने 80 हजार हेक्टेयेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई की। इसके बाद बचे हुए खेतों में अरहर, ज्वार, बाजरा, तिल, उरद, मूंग आदि की बुवाई की। सावन में अच्छी बारिश होने से किसान भरपूर पैदावार के सपने संजोने लगे थे लेकिन भादों के महीने में बारिश न होने से खेतों की नमी गायब हो गई है। सिंचाई के ऐन वक्त पर मौसम के साथ जिले की निचली रामगंगा कमांड, करारी माइनर, किशुनपुर पंप कैनाल की माइनरें दगा दे गईं। एक भी नहर में फसलों की सिंचाई के लिए पानी नहीं है। इस मौके पर बिजली भी किसानों का साथ छोड़ चली है।
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कहने को ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है पर वोल्टेज इतना कम रहता है कि निजी नलकूप की मोटर घूं-घूं की आवाज कर फुंक जा रही हैं। पंप से पूरा पानी न निकलने पर एक बीघा खेत की सिंचाई दस से 12 घंटे में भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसान धान की फसलों को नहीं सींच पा रहा है अगियौना के किसान मंजर अब्बास ने दस बीघा व सगीर अहमद ने चार बीघा धान की फसल रोप रखी है। सिंचाई के अभाव में खेतों की फसल पीली पड़ने लगी है। इस किसानों को सूख रही फसलों को बचा पाने के लिए कोई तरकीब नहीं सूझ रही है।
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चिल्ला रहे किसान नहीं बढ़ रहा वोल्टेज
जिले में लो-वोल्टेज की समस्या पखवारे भर से बरकरार है। इसे लेकर किसान बिजली विभाग के जेई, एक्सईएन से आए दिन शिकायत कर रहे हैं। टीकरडीह के किसान गुड्डू यादव ने मुख्य अभियंता से शिकायत कर वोल्टेज बढ़ाए जाने की मांग की। बावजूद इसके वोल्टेज में सुधार नहीं हो रहा है, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
पंप लगाकर निकाला जा रहा तालाबों का पानी
सिंचाई की इतनी बदतर स्थिति हो चुकी है कि किसानों को किराए पर डीजल पंप सेट लगाकर तालाब से पानी निकालना पड़ रहा है। गुरुवार को कादीपुर के रामनरेश व दिनेश ने अपने धान के खेत सिंचाई के लिए डीजल पंप किराए पर लेकर आए और तालाब में उसे लगाकर अपने खेत की सिंचाई की। पूछने पर बताया कि वोल्टेज कम होने के कारण ट्यूबवेल नहीं काम कर रहा है। फसल बचाने के लिए कुछ तो इंतजाम करना ही पड़ेगा।
मौसम के दगा देने से सिंचाई की समस्या उत्पन्न हो गई है। लो वोल्टेज के लिए एक्सईएन हाईड्रिल व नहरों में पानी बढ़ाने के लिए एक्सईएन सिंचाई को पत्र लिखा गया है। मामला ट्रांसमिशन का होने की वजह से व्यवस्था सुधरने में समय लग रहा है। जल्द ही इसे ठीक कराया जाएगा।
डॉ. दिनेश कुमार सिंह, सीडीओ