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Kaushambi : रद्दी के भाव कबाड़ी को बेच दीं परिषदीय स्कूल की एक क्विंटल किताबें

Mon, 10 Oct 2022 05:13 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 10 Oct 2022 05:13 AM IST
सार

कम्पोजिट विद्यालय अगियौना में मौजूदा समय 438 बच्चे पंजीकृत हैं। ग्राम प्रधान संदीप चौधरी ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली कि विद्यालय की सरकारी किताबें (कक्षा छह से आठ तक) कबाड़ी को बेच दी गई हैं।

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One quintal of school books sold to scrap at scrap price
Kaushambi : परिषदीय प्राथमिक विद्यालय की किताबें। - फोटो : social media

विस्तार

मंझनपुर ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय अगियौना की रसोइया ने एक क्विंटल किताबें कबाड़ी को बेच दीं। जानकारी होने पर ग्राम प्रधान ने कबाड़ी के घर से किताबें उठवाकर आलाधिकारियों को सूचना दी। रविवार को बीएसए प्रकाश सिंह ने गांव पहुंचकर जांच-पड़ताल की। उन्होंने मामले की जांच एबीएसए मंझनपुर को सौंपी है।  

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कम्पोजिट विद्यालय अगियौना में मौजूदा समय 438 बच्चे पंजीकृत हैं। ग्राम प्रधान संदीप चौधरी ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली कि विद्यालय की सरकारी किताबें (कक्षा छह से आठ तक) कबाड़ी को बेच दी गई हैं। इस पर वह ग्रामीणों के साथ कबाड़ी राजकुमार के घर पहुंचे। वहां उन्हें लगभग एक क्विंटल सरकारी किताबें मिलीं। 
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पिछले सत्र की इन किताबों को बच्चों में बांटने के बजाय अध्यापक पूरे साल रखे रहे। कबाड़ी ने प्रधान को बताया कि यह किताबें उसने स्कूल की रसोइया श्याम गुजारी से दस रुपये किलो के भाव से खरीदी हैं।  ग्राम प्रधान ने जब रसोइया से पूछताछ की तो उसने बताया कि प्रधानाध्यापक प्रेमलता के कहने पर उसने किताबें बेचीं। 

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बीएसए ने गांव पहुंचकर ग्राम प्रधान व कबाड़ी का बयान लिया। बीएसए ने जब प्रधान से किताबों को अपने कब्जे में लेने के लिए मांगा तो उन्होंने स्पष्ट मना कर दिया। प्रधान का कहना है कि वह किताबों को डीएम के सामने रखेंगे। इस बाबत प्रधानाध्यापक ने कहा कि रविवार का दिन होने के चलते वह स्कूल में नहीं हैं। स्कूल में बच्चों से वापस ली गईं पिछले सत्र की किताबें रखी थीं, संभवत: रसोइया ने वह किताबें ही बेची होंगी।  


स्कूल की किताबों को कबाड़ी को बेचने का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि तीन-चार दिन पहले सफाई के दौरान पुराने सत्र 2021-2022 की इन किताबों को प्रधानाध्यापक ने रसोइया से हटाने के लिए कहा था। किताबें कबाड़ी को क्यों बेची गईं, एबीएसए को इसकी विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -प्रकाश सिंह, बीएसए

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