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एक-एक कर बंद हो गए 26 धान क्रय केंद्र, किसान परेशान
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ओसा मंडी में डंप धान
- फोटो : KAUSHAMBI
जिले में समय से पहले ही कई धान क्रय केंद्रों पर ताला लटकने लगा। जिले में 28 फरवरी तक धान खरीद होनी है। इस समय 44 में 26 क्रय केंद्र बंद हो चुके हैं। केवल खाद्य विभाग के 10 व एफसीआई के एक केंद्र पर ही खरीद हो रही है। अधिकांश केंद्रों के बंद होने से किसान परेशान हैं। बड़ी संख्या में किसान धान लेकर केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। जिले में अभी तक लक्ष्य के सापेक्ष 75 फीसदी खरीद ही हो सकी है।
जिले में शासन से 79 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य मिला है। एक नवंबर से धान खरीद चल रही है। अभी तक तकरीबन 60 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। धान खरीद के लिए कुल 37 केंद्र बनाए गए थे। इनमें से खाद्य विभाग के 10 व एफसीआई के एक समेत 11 केंद्रों को छोड़कर शेष 26 केंद्र एक-एक कर बंद कर दिए गए हैं।
शुरुआत में शासन ने पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन टोकन प्रक्रिया शुरू की थी। किसानों को खाद्य व रसद विभाग की वेबसाइट से ऑनलाइन टोकन लेना पड़ रहा था। सुबह दस बजे वेबसाइट खुलते ही ऑनलाइन स्लॉट बुक हो जाते थे। आठ जनवरी से ऑफलाइन खरीद शुरू की गई, लेकिन उसके बाद कई दिन मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। धान भीगने के कारण कई किसान धान नहीं बेच पाए। किसानों का कहना है कि केंद्र से टोकन नहीं मिल रहा है, तौल के लिए टरकाया जा रहा है।
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सिराथू ब्लॉक के गांव कोर्रों के किसान फूलचंद्र ने बताया कि उन्होंने धान क्रय के लिए अपना पंजीकरण कराया। मंडी समिति स्थित खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर कई चक्कर लगाए, लेकिन खरीद नहीं हुई। कौशाम्बी ब्लॉक के गांव कोसम खिराज निवासी किसान राकेश पाल ने बताया कि उन्होंने भी अपना पंजीकरण कराया था, लेकिन केंद्र पर उनके धान की तौल नहीं हो पा रही है।
28 फरवरी तक धान खरीद होनी है। शासन के निर्देश पर 26 केंद्र बंद किए गए हैं। जो केंद्र चालू हैं, वहां लगातार खरीद हो रही है। शासन की ओर से निर्धारित लक्ष्य 79 हजार एमटी के सापेक्ष अब तक 60 हजार एमटी धान की खरीद हो चुकी है।
अंशुमाली शंकर-डिप्टी आरएमओ
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जिले में शासन से 79 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य मिला है। एक नवंबर से धान खरीद चल रही है। अभी तक तकरीबन 60 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। धान खरीद के लिए कुल 37 केंद्र बनाए गए थे। इनमें से खाद्य विभाग के 10 व एफसीआई के एक समेत 11 केंद्रों को छोड़कर शेष 26 केंद्र एक-एक कर बंद कर दिए गए हैं।
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शुरुआत में शासन ने पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन टोकन प्रक्रिया शुरू की थी। किसानों को खाद्य व रसद विभाग की वेबसाइट से ऑनलाइन टोकन लेना पड़ रहा था। सुबह दस बजे वेबसाइट खुलते ही ऑनलाइन स्लॉट बुक हो जाते थे। आठ जनवरी से ऑफलाइन खरीद शुरू की गई, लेकिन उसके बाद कई दिन मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। धान भीगने के कारण कई किसान धान नहीं बेच पाए। किसानों का कहना है कि केंद्र से टोकन नहीं मिल रहा है, तौल के लिए टरकाया जा रहा है।
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सिराथू ब्लॉक के गांव कोर्रों के किसान फूलचंद्र ने बताया कि उन्होंने धान क्रय के लिए अपना पंजीकरण कराया। मंडी समिति स्थित खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर कई चक्कर लगाए, लेकिन खरीद नहीं हुई। कौशाम्बी ब्लॉक के गांव कोसम खिराज निवासी किसान राकेश पाल ने बताया कि उन्होंने भी अपना पंजीकरण कराया था, लेकिन केंद्र पर उनके धान की तौल नहीं हो पा रही है।
28 फरवरी तक धान खरीद होनी है। शासन के निर्देश पर 26 केंद्र बंद किए गए हैं। जो केंद्र चालू हैं, वहां लगातार खरीद हो रही है। शासन की ओर से निर्धारित लक्ष्य 79 हजार एमटी के सापेक्ष अब तक 60 हजार एमटी धान की खरीद हो चुकी है।
अंशुमाली शंकर-डिप्टी आरएमओ