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अमावस्या पर भक्तों ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Mon, 24 Jul 2017 01:54 AM IST
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कौशाम्बी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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मंझनपुर। श्रावण माह की अमावस्या पर जिले के विभिन्न गंगा घाटों में हजारों भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई। शीतलाधाम कड़ा में गंगा स्नान के बाद भक्तों ने मां शीतला दरबार में माथा टेका। इस दौरान शीतलाधाम कड़ा मां के जयकारों से गूंजता रहा। गंगा घाटों पर सफाई व्यवस्था ठीक न होने से भक्तों को कीचड़ के बीच होकर घाट तक पहुंचना पड़ा।
रविवार को श्रावण मास की अमावस्था थी। मान्यता है कि श्रावण मास में गंगा स्नान करने और गंगाजल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने से भक्तों पर उनकी महती कृपा होती है। अमावस्या के महत्व को समझे हुए शीतलाधाम स्थित कुबरी, कालेश्वर, बाजार, हनुमान घाट पर भक्तों का रेला लगा रहा।
गंगा स्नान करने के बाद कालेश्वर मंदिर पहुंचकर भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का गंगाजल से जलाभिषेक किया। इसके अलावा भक्तों ने जिले के संदीपन, पल्हाना, शहजादपुर, फतेहपुर आदि गंगा घाटों पर पुण्य की डुबकी लगाई और गंगा का पवित्र जल रुद्राभिषेक के लिए लेकर शिव मंदिर पहुंचे। भगवान भोलेनाथ को गंगाजल चढ़ाकर भक्तों ने पुर्ण्याजन किया। यह सिलसिला जिले भर में पूरे दिन चलता रहा। उधर, मां शीतला के दरबार में माथा टेकने पहुंचे भक्तों ने प्रसाद, चुनरी चढ़ाकर पुण्य की कामना की। इस दौरान शीतलाधाम कड़ा मां के जयकारों से गुंजायमान रहा। स्नान के लिए घाटों पर पहुंचे भक्तों को कीचड़भरे रास्ते से आना-जाना पड़ा। इसे लेकर भक्तों में नाराजगी भी दिखी।
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रविवार को श्रावण मास की अमावस्था थी। मान्यता है कि श्रावण मास में गंगा स्नान करने और गंगाजल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने से भक्तों पर उनकी महती कृपा होती है। अमावस्या के महत्व को समझे हुए शीतलाधाम स्थित कुबरी, कालेश्वर, बाजार, हनुमान घाट पर भक्तों का रेला लगा रहा।
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गंगा स्नान करने के बाद कालेश्वर मंदिर पहुंचकर भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का गंगाजल से जलाभिषेक किया। इसके अलावा भक्तों ने जिले के संदीपन, पल्हाना, शहजादपुर, फतेहपुर आदि गंगा घाटों पर पुण्य की डुबकी लगाई और गंगा का पवित्र जल रुद्राभिषेक के लिए लेकर शिव मंदिर पहुंचे। भगवान भोलेनाथ को गंगाजल चढ़ाकर भक्तों ने पुर्ण्याजन किया। यह सिलसिला जिले भर में पूरे दिन चलता रहा। उधर, मां शीतला के दरबार में माथा टेकने पहुंचे भक्तों ने प्रसाद, चुनरी चढ़ाकर पुण्य की कामना की। इस दौरान शीतलाधाम कड़ा मां के जयकारों से गुंजायमान रहा। स्नान के लिए घाटों पर पहुंचे भक्तों को कीचड़भरे रास्ते से आना-जाना पड़ा। इसे लेकर भक्तों में नाराजगी भी दिखी।
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