फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   On the dancing wheel, potters are forging hope for light

Kaushambi News: नाचते चाक पर कुम्हार गढ़ रहे रोशनी की उम्मीद

Mon, 13 Oct 2025 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Mon, 13 Oct 2025 01:18 AM IST
विज्ञापन
On the dancing wheel, potters are forging hope for light
मुकीमपुर में दीवाली बनाते देशराज प्रजापति। संवाद
दीपावली चंद दिन ही बचे हैं। ऐसे में नाचते चाक पर कुम्हार रोशनी की उम्मीद गढ़ रहे हैं। मिट्टी के खिलौना से लेकर गणेश लक्ष्मी की मूर्ति व मिट्टी के दीये बनाने के काम ने रफ्तार पकड़ ली है।
विज्ञापन

नगर से लेकर गांव तक लोग दीपावली की तैयारी में जुटे हैं। घरों में साफ-सफाई के साथ रंगाई-पोताई का काम भी शुरू हो गया। लोगों के घरों को रोशन करने के लिए भैला मकदूमपुर, नेवारी, मुकीमपुर, गुवारा तैयबपुर आदि गांव में मिट्टी के बर्तन, दीये और खिलौने बनाने में कुम्हार परिवार जुट गए हैं।
विज्ञापन

मुकीमपुर के देशराज प्रजापति ने बताया कि दीपावली के साथ करारी व भरवारी का मेला भी लगता है। दीपावली पर गणेश-लक्ष्मी के साथ हनुमान जी की मूर्ति की मांग बढ़ जाती है। इसके अलावा मेले में खिलौने भी बिकते हैं। इसी कमाई से उनका परिवार चलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

समय के साथ हुआ बदलाव
समय के साथ मिट्टी के बने सामानों का प्रयोग काफी कम हो गया है। भैला मकदूमपुर के पृथ्वी प्रजापति और पप्पू प्रजापति ने बताया कि चार दशक पहले मिट्टी से बने सामान का काफी प्रयोग होता था। पहले ज्यादातर कच्चा घर होता था। खपरैल से छप्पर बनाया जाता था। अब घर पक्का बन गए हैं। अनाज भरने के लिए लोहे व प्लास्टिक के ड्रम आ गए हैं। घड़े में पानी की जगह फ्रीज का प्रयोग किया जा रहा है। इसी तरह दीये की जगह मोमबत्ती व विद्युत झालरों ने ले लिया है।

कुम्हारों को विभाग से सभी सहूलियत उपलब्ध कराई जाती है। इलेक्ट्रिक चाक, प्रदूषण रहित मिट्टी बर्तन पकाने की यूनिट पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। मिट्टी प्रचुर मात्रा में मिल सके इसके लिए शासन मई व जून में क्षेत्र के जलाशयों की सफाई व उपयोग लायक मिट्टी प्राप्त करने की सहूलियत उपलब्ध कराने की तैयारी है। इससे जल संचयन के लिए बारिश से पहले तालाब न सिर्फ बेहतर बनेंगे, बल्कि कुम्हारों के मिट्टी का बंदोबस्त भी हो सकेगा। - अशोक कुमार, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed