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Kaushambi News: क्रिप्टो ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 6.29 लाख की ठगी
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क्रिप्टो ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने करारी थाना क्षेत्र के रक्सवारा निवासी युवक से 6.29 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित मो. कैसर के मुताबिक 24 अगस्त को इंटरनेट मीडिया के माध्यम से दो अलग-अलग लोगों ने उससे संपर्क किया। आरोप है कि दोनों ने प्रीपेड टास्क और क्रिप्टो ट्रेडिंग के जरिये बेहतर मुनाफा कमाने का लालच दिया। इसके बाद उसे अलग-अलग इंस्टाग्राम और टेलीग्राम आईडी से जोड़ा गया। बातचीत के दौरान निवेश के नाम पर कई बार अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई।
उसने अपने और भाई के बैंक खातों से ऑनलाइन रकम भेजी। कुल 6 लाख 29 हजार 186 रुपये जमा करने के बाद भी जब मुनाफे की रकम नहीं मिली तो उसने आरोपियों से संपर्क करने का प्रयास किया। जिन मोबाइल नंबरों से बातचीत हुई थी, वे बाद में बंद मिले। इसके बाद उसे साइबर ठगी का एहसास हुआ।
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तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच
करारी थाना प्रभारी राजकुमार वाल्मीकि के मुताबिक मामले में एफआईआर दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। संबंधित बैंकों से समन्वय कर ठगी की रकम वापस कराने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए मोबाइल नंबर, बैंक खातों और ऑनलाइन लेनदेन की जानकारी खंगाल रही है।
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पीड़ित मो. कैसर के मुताबिक 24 अगस्त को इंटरनेट मीडिया के माध्यम से दो अलग-अलग लोगों ने उससे संपर्क किया। आरोप है कि दोनों ने प्रीपेड टास्क और क्रिप्टो ट्रेडिंग के जरिये बेहतर मुनाफा कमाने का लालच दिया। इसके बाद उसे अलग-अलग इंस्टाग्राम और टेलीग्राम आईडी से जोड़ा गया। बातचीत के दौरान निवेश के नाम पर कई बार अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई।
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उसने अपने और भाई के बैंक खातों से ऑनलाइन रकम भेजी। कुल 6 लाख 29 हजार 186 रुपये जमा करने के बाद भी जब मुनाफे की रकम नहीं मिली तो उसने आरोपियों से संपर्क करने का प्रयास किया। जिन मोबाइल नंबरों से बातचीत हुई थी, वे बाद में बंद मिले। इसके बाद उसे साइबर ठगी का एहसास हुआ।
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तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच
करारी थाना प्रभारी राजकुमार वाल्मीकि के मुताबिक मामले में एफआईआर दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। संबंधित बैंकों से समन्वय कर ठगी की रकम वापस कराने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए मोबाइल नंबर, बैंक खातों और ऑनलाइन लेनदेन की जानकारी खंगाल रही है।