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अब स्कूलों में जितने बच्चे, उतना बजट
Fri, 04 Jan 2019 12:27 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Fri, 04 Jan 2019 12:27 AM IST
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परिषदीय स्कूलों में अब जितने बच्चे, उतना बजट की व्यवस्था लागू की गई है। छात्र संख्या के आधार पर न्यूनतम साढ़े बारह हजार से लेकर अधिकतम एक लाख रुपये का बजट स्कूलों को दिया गया है। बजट की धनराशि का दस फीसदी स्वच्छता पर खर्च किया जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष में स्कूल कंपोजिट ग्रांट के नाम पर कौशाम्बी जिले को शासन से 2.82 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत पहले परिषदीय स्कूलों को विद्यालय विकास एवं मरम्मत अनुदान के नाम पर प्राइमरी को दस व जूनियर स्कूल को 14 हजार रुपये हर साल दिए जाते थे। इस बार शासन ने इसमें बदलाव किया है। नई व्यवस्था में दो मदों को एक करने के साथ ही छात्र संख्या के आधार पर स्कूल परफार्मेंस ग्रांट जारी की गई है। इसके तहत पांच श्रेणियों बनाई गई हैं। एक से 14 संख्या वाले स्कूलों को 12.5 हजार, 15 से 100 की संख्या वालों को 25, 101 से 250 की संख्या पर 50 हजार, 251 से 1000 पर 75 हजार तथा इससे अधिक छात्र संख्या वालों को एक लाख रुपये जारी किया है। विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में भेजी गई इस रकम को अध्यक्ष व प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा।
इस रकम से क्या होगी खरीद व व्यवस्थाएं
परफार्मेंस ग्रांट की दस फीसदी रकम स्कूल की साफ-सफाई मद (स्वच्छता) पर खर्च की जाएगी। इसमें हाथ धोने का साबुन, फिनायल, कूड़ा दान, झाड़ू, टॉयलेट ब्रश, क्लीनर आदि शामिल होगा। बाकी बची रकम से कुर्सी-मेज, दीवार की मरम्मत, टाट-पट्टी, विद्युत उपकरण की मरम्मत, एलईडी बल्ब, खुरपी, कुदाल, घंटा, तौलिया, फर्स्ट एंड बॉक्स की दवाएं, ब्लैकबोर्ड, रंगाई-पुताई व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए बांसुरी, ढोलक, मजीरा आदि की खरीदारी की जाएगी।
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शासन की ओर से स्कूल परफार्मेंस ग्रांट में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था में जिले को 2,82,84000 रुपये की धनराशि मिली थी। इसे छात्र संख्या के आधार पर स्कूलों को भेज दी गई है।
अरविंद कुमार-बीएसए
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत पहले परिषदीय स्कूलों को विद्यालय विकास एवं मरम्मत अनुदान के नाम पर प्राइमरी को दस व जूनियर स्कूल को 14 हजार रुपये हर साल दिए जाते थे। इस बार शासन ने इसमें बदलाव किया है। नई व्यवस्था में दो मदों को एक करने के साथ ही छात्र संख्या के आधार पर स्कूल परफार्मेंस ग्रांट जारी की गई है। इसके तहत पांच श्रेणियों बनाई गई हैं। एक से 14 संख्या वाले स्कूलों को 12.5 हजार, 15 से 100 की संख्या वालों को 25, 101 से 250 की संख्या पर 50 हजार, 251 से 1000 पर 75 हजार तथा इससे अधिक छात्र संख्या वालों को एक लाख रुपये जारी किया है। विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में भेजी गई इस रकम को अध्यक्ष व प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा।
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इस रकम से क्या होगी खरीद व व्यवस्थाएं
परफार्मेंस ग्रांट की दस फीसदी रकम स्कूल की साफ-सफाई मद (स्वच्छता) पर खर्च की जाएगी। इसमें हाथ धोने का साबुन, फिनायल, कूड़ा दान, झाड़ू, टॉयलेट ब्रश, क्लीनर आदि शामिल होगा। बाकी बची रकम से कुर्सी-मेज, दीवार की मरम्मत, टाट-पट्टी, विद्युत उपकरण की मरम्मत, एलईडी बल्ब, खुरपी, कुदाल, घंटा, तौलिया, फर्स्ट एंड बॉक्स की दवाएं, ब्लैकबोर्ड, रंगाई-पुताई व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए बांसुरी, ढोलक, मजीरा आदि की खरीदारी की जाएगी।
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शासन की ओर से स्कूल परफार्मेंस ग्रांट में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था में जिले को 2,82,84000 रुपये की धनराशि मिली थी। इसे छात्र संख्या के आधार पर स्कूलों को भेज दी गई है।
अरविंद कुमार-बीएसए