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रिकवरी की नोटिस से उड़े ग्रामीणों के होश
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Sat, 20 Dec 2014 12:26 AM IST
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मंझनपुर। सिराथू तहसील क्षेत्र के अफजलपुर वारी गांव के लोहिया आवास के 14 लाभार्थियों को अपात्र मिलने पर उन्हें रिकवरी की नोटिस जारी हुई है। इससे ग्रामीणों के होश उड़े हुए हैं। परेशान गांववालों ने शुक्रवार को इसके खिलाफ कलेक्ट्रेट में आकर प्रदर्शन किया। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर जांच की मांग की है।
बता दें कि सिराथू तहसील क्षेत्र के अफजलपुर वारी गांव के रहने वाली सविता देवी, सुनीता विश्वास, आशा देवी, मिश्रीलाल, दस्सी देवी, कलुई, किरन देवी, मैना देवी, कलावती, रामरति, सकीना आदि को लोहिया आवास का आवंटन किया गया था। इनके खाते में आवास निर्माण की रकम भी भेज दी गई थी। इसी बीच गांव के कुछ लोगों ने अपात्रों को आवास आवंटन होने की शिकायत डीएम और सीडीओ से की थी।
डीएम ने प्रकरण का गंभीरता से लेते हुए जिलास्तरीय तीन सदस्यीय टीम से जांच कराई थी। इसमें अपात्रों को आवास आवंटन होना पाया गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने गांव के 14 लाभार्थियों का आवास आवंटन रद्द करते हुए उनसे रिकबरी का आदेश परियोजना निदेशक डीआरडीए को दिया था। डीएमके आदेश पर परियोजना निदेशक ने सभी 14 लाभार्थियों को रिकबरी की नोटिस जारी कर दी है। नोटिस मिलते ही ग्रामीणों के होश उड़ गए। शुक्रवार को गांववालों ने कलेक्ट्रेट आकर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि गांव के कुछ विपक्षियों ने रंजिशवश झूठी शिकायत की है। ग्रामीणों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर दुबारा जांच की मांग की है। अनदेखी पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भी दी। मामले में जिलाधिकारी राजमणि यादव ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की गई है। यदि ग्रामीणों को लगता है कि उनके साथ कुछ गलत हुआ है, तो दुबारा जांच कराकर उन्हें संतुष्ट किया जाएगा।
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बता दें कि सिराथू तहसील क्षेत्र के अफजलपुर वारी गांव के रहने वाली सविता देवी, सुनीता विश्वास, आशा देवी, मिश्रीलाल, दस्सी देवी, कलुई, किरन देवी, मैना देवी, कलावती, रामरति, सकीना आदि को लोहिया आवास का आवंटन किया गया था। इनके खाते में आवास निर्माण की रकम भी भेज दी गई थी। इसी बीच गांव के कुछ लोगों ने अपात्रों को आवास आवंटन होने की शिकायत डीएम और सीडीओ से की थी।
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डीएम ने प्रकरण का गंभीरता से लेते हुए जिलास्तरीय तीन सदस्यीय टीम से जांच कराई थी। इसमें अपात्रों को आवास आवंटन होना पाया गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने गांव के 14 लाभार्थियों का आवास आवंटन रद्द करते हुए उनसे रिकबरी का आदेश परियोजना निदेशक डीआरडीए को दिया था। डीएमके आदेश पर परियोजना निदेशक ने सभी 14 लाभार्थियों को रिकबरी की नोटिस जारी कर दी है। नोटिस मिलते ही ग्रामीणों के होश उड़ गए। शुक्रवार को गांववालों ने कलेक्ट्रेट आकर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि गांव के कुछ विपक्षियों ने रंजिशवश झूठी शिकायत की है। ग्रामीणों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर दुबारा जांच की मांग की है। अनदेखी पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भी दी। मामले में जिलाधिकारी राजमणि यादव ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की गई है। यदि ग्रामीणों को लगता है कि उनके साथ कुछ गलत हुआ है, तो दुबारा जांच कराकर उन्हें संतुष्ट किया जाएगा।
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