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जमीन एक इंच नहीं और खरीद ली 288 बोरी यूरिया

Fri, 21 Aug 2020 02:22 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2020 02:22 PM IST
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no land for agriculture and purchased the 288 bundle  of urea fertilizer
जिले के दो किसान ऐसे हैं जिनके खेती तो एक इंच नहीं है। फिर भी इन लोगों ने 288 और 205 बोरी यूरिया खरीद डाली। इनके अलावा तमाम किसान ऐसे हैं जिनके पास खेती महज एक-दो हेक्टेयर खेत है। लेकिन इन लोगों ने दो-दो सौ बोरी तक यूरिया की खरीद कर लिया। कृषि विभाग ने जब यूरिया की मांग किया तो शासन में बैठे उच्चाधिकारियों को गड़बड़ी की आशंका हुई। इस पर उन्होंने कौशाम्बी जिले की खेती योग्य जमीन के आधार पर खपत और बिक्त्रस्ी खंगाली तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। यहां के महज बीस किसानों ने ही 4213 बोरी यूरिया खरीद डाली। पीओएस मशीन के द्वारा ऑनलाइन यूरिया की बिक्त्रस्ी की फ ीडिंग शासन में बैठे उच्चाधिकारियों के होश उड़ गए।
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जिन्हें एक भी बोरी खाद नहीं उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी। उन्हें दो से चार सौ बोरी तक यूरिया दे दी गई। इसी तरह से जिन्हें अधिकतम दस बोरी उर्वरक देनी चाहिए थी उन्हें ढाई-तीन सौ बोरी तक उपलब्ध करा दी गई। शासन ने जिले के ऐसे 20 किसानों की सूची बनाकर कृषि विभाग को भेजी है। सूची के आधार पर सत्यापन के लिए जांच टीम गठित कर दी गई है। कृषि विभाग को आशंका है कि इस कार्य में माफि या किस्म के लोग शामिल हैं। वह किसानों को बहकाकर कालाबाजारी का नया फं डा अपनाया है। खाद माफि याओं की जड़ें कहां तक फैली हैं, इसे लेकर कृषि विभाग जांच में जुट गया है।
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पीओएस मशीन द्वारा अंगूठा लगाकर एक अप्रैल 2020 से 31 जुलाई 2020 तक जिन 20 किसानों ने जमकर यूरिया खरीदी है। उनमे भरसवां के महेंद्र कुमार का पहला नाम शामिल है। महेंद्र के पास खेती योग्य एक इंच जमीन नहीं है। फि र भी महेंद्र ने 288 बोरी यूरिया खरीद डाली। इसी तरह से करारी के भूमिहीन शंकर लाल ने भी 205 बोरी यूरिया की खरीद किया है। इनके अलावा दो हेक्टेयर भूमि के मालिक पश्चिमशरीरा निवासी पंचमलाल ने 390, तीन हेक्टेयर खेत के मालिक सरसवां निवासी सर्वेश मिश्रा ने 265 बोरी यूरिया खरीदी। इस क्रम में नेवादा के वसीम अहमद, सरसवां के रमेश रंजन, कौशाम्बी के शशिकांत, सरसवां के महेंद्र कुमार, नेवादा के वीरेंद्र कुमार, मंझनपुर के रामगोपाल आदि किसानों ने भी दो से तीन सौ बोरी के बीच यूरिया की खरीद किया है। जबकि इनके पास दो-तीन हेक्टेयर ही खेत है।
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जिला कृषि अधिकारी मनोज कुुमार गौतम ने बताया कि जनपद में अभी मानक के अनुरूप दो हेक्टेयर जमीन वाले किसान को 11 बोरी यूरिया की दी जाती है। अगर किसान इससे ज्यादा खरीदता है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। शासन ने जिले के 20 किसानों की सूची भेजी है। इन किसानों ने 4213 बोरी उर्वरक की खरीद किया है। इसकी जांच की जा रही है।
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