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कलश स्थापना के साथ आज से सजेगा मां का दरबार

Sat, 17 Oct 2020 12:48 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 17 Oct 2020 12:48 AM IST
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Mother's court will be decorated from today with establishment of urn
Mother's court will be decorated from today with establishment of urn - फोटो : KAUSHAMBI
कलश स्थापना के साथ आज से सजेगा मां का दरबार
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तैयारियों को लेकर दिनभर जुटे रहे भक्त, गुलजार रहे बाजार
जयकारों के साथ पूजा पंडालों में पहुंची मां अम्बे की प्रतिमाएं
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। शारदीय नवरात्र का शुभारंभ शनिवार से कलश स्थापना के साथ होगा। इसके लिए देवीभक्त शुक्रवार को दिनभर तैयारियों में जुटे रहे। सुबह से देर रात जयकारों के बीच भक्त देवी प्रतिमाओं को लेकर पंडाल पहुंचते रहे। त्योहार को बाजारों में खरीदारों की भीड़ लगी रही। वहीं देवी मंदिरों, पूजा पंडालों को देर रात तक आकर्षक झालरों व फूलों से सजावट की जाती रही।
शारदीय नवरात्र शनिवार (प्रतिपदा) से प्रारंभ हो रहा है। पर्व की तैयारियों को लेकर मां के भक्त शुक्रवार को दिनभर जुटे रहे। भक्तों की टोली माता की प्रतिमाओं को बाजे-गाजे के साथ जयकारा लगाते हुए पूजा पंडाल तक ले गई। यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा। प्रतिमा पहुंचने के बाद भक्त पूजा पंडाल सजाने में लगे रहे। दूसरी ओर नौ दिन का व्रत रखने और घरों में कलश स्थापित कराने वाले श्रद्धालु भी तैयारियाें में जुटे रहे। व्रत में लगने वाले फलाहार, पूजन सामग्री, नारियल, बतासा, चुनरी आदि की खरीदारी करने वाले लोगों से बाजार गुलजार रहा। इसके अलावा पूजा पंडाल सजाने के लिए विद्युत झालरों, प्लास्टिक के फूलों की जमकर खरीदारी हुई। शनिवार सुबह से नौ दिन तक हवन, पूजन व भक्तिगीतों का कार्यक्रम जिले भर में जगह-जगह चलता रहेगा।
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घट गए तीन सौ पंडाल, सिर्फ 500 स्थानों पर सजेगा मां का दरबार
मंझनपुर। पिछले साल शारदीय नवरात्र में जिले के 810 स्थानों पर प्रतिमा पंडाल सजाया गया था। कोरोना के चक्कर में इस बार तीन सौ से ज्यादा पंडाल घट गए। दरअसल सरकार ने प्रतिमा पंडालों में कोविड नियमों का कड़ाई से अनुपालन करने का निर्देश दिया है। इसमें रोजाना हजारों का खर्च आ रहा है। चौराहे, सड़कअथवा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पंडाल सजाने पर पाबंदी लगाई गई है। नतीजतन तमाम पूजा कमेटियों ने इरादा बदल लिया। एडिशनल एसपी समर बहादुर सिंह ने बताया कि फिलहाल पांच सौ के करीब स्थानों पर प्रतिमा पंडाल सजाने की अनुमति दी गई है।
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फलाहार के दामों में आया उछाल
मंझनपुर। नवरात्र पर्व को लेकर फलों के दामों में अचानक उछाल आ गया है। बाजारों में अभी तक सेब100 रुपये किलो बिक रहा था। लेकिन, पर्व के एक दिन पूर्व इसकी कीमत उछलकर 100 से 120 रुपये किलो पहुंच गई है। यही हाल केले का भी है। बाजारों में केले की कीमत अभी तक 20 से 30 रुपये प्रति दर्जन थी। शनिवार की शाम एक दर्जन केले की कीमत 30 से 40 रुपये हो गई। इसी तरह सभी फलों के दाम बढ़ गए हैं। यही हाल सूखे मेवे मसलन मखाना, काजू, बादाम, किसमिस, छुहारा, कुट्टू, सिंघाड़े का आटा व रामदाना का है। बावजूद इसके शनिवार को लोगों ने व्रती सामानों की जमकर खरीदारी की।
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घोड़े पर सवार होकर आएंगी और भैंसे पर विदा होंगी मां जगदंबा
मंझनपुर। दुर्गा मां का वाहन सिंह है। लेकिन इस नवरात्र में उनका आगमन घोड़े पर होगा। हर साल नवरात्रि पर मां दुर्गा अलग-अलग वाहन से धरती पर आती हैं। नवरात्र की शुरुआत शनिवार से हो रही है। श्री दुर्गा देवी संस्कृत विद्यालय मंझनपुर के प्रधानाचार्य पं. रवींद्र शुक्ला ने बताया कि नवरात्र का पहला दिन शनिवार होने के कारण मां जगदंबा घोड़े की सवारी करते हुए पृथ्वी पर आएंगी। नवरात्र का आखिरी दिन रविवार होने से देवी भैंसे पर सवार होकर जाएंगी। उन्होंने बताया कि इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग में नवरात्र शुरू हो रही है। नवरात्र के पहले दिन घट स्थापना शुभ मुहूर्त में होगी। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को बेहद शुभ माना जाता है। जो पूजा उपासना में अभीष्ट सिद्धि देगा। दशहरे तक खरीदारी के लिए त्रिपुष्कर, सौभाग्य और रवि योग जैसे खास मुहूर्त भी रहेंगे। इन शुभ संयोग में प्रॉपर्टी, वाहन, फर्नीचर, भौतिक सुख-सुविधाओं के सामान और अन्य तरह की मांगलिक कार्यों के लिए खरीदारी करना शुभ रहेगा।
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24 अक्तूबर को रहेगी अष्टमी और नवमी
मंझनपुर। पं. रवींद्र नाथ शुक्ला ने बताया कि 24 तारीख को सूर्योदय के वक्त अष्टमी और दोपहर में नवमी तिथि रहेगी। इसलिए धर्म सिंधु ग्रंथ के अनुसार अगले दिन शाम के समय यानी विजय मुहूर्त में दशमी तिथि होने से 25 अक्तूबर को दशहरा पर्व मनाया जाएगा।
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देवी मां को प्रसन्न करने के लिए किस दिन किसका लगाएं भोग
-17 अक्तूबर(प्रतिपदा)- मां शैलपुत्री की पूजा-घट स्थापना
इस दिन माता को गाय के शुद्ध देसी घी से बने व्यंजनों का भोग लगेगा। इससे सभी प्रकार के कष्टों और बीमारी से मुक्ति मिलती है।
18 अक्तूबर(द्वितीया)-मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
इस दिन माता को शक्कर सफेद मिठाई, फलो, मिश्री आदि का भोग लगाना चाहिए।
19 अक्तूबर(तृतीय)-मां चंद्रघंटा की पूजा
इस दिन माता को दूध से बने मिष्ठान, खीर आदि का भोग लगाया जाना चाहिए।
20 अक्तूबर(चतुर्थी) मां कुष्मांडा की पूजा
इस दिन देवी मां को मालपुआ का भोग लगाना अच्छा माना गया है।
21 अक्तूूबर (पंचमी) मां स्कंदमाता की पूजा
इस दिन अच्छी सेहत की कामना के लिए माता को केले का भोग लगाना चाहिए।
22 अक्तूूबर (षष्ठी) मां कात्यायनी की पूजा
इस दिन माता को शहद का भोग लगाने से जीवन में मधुरता आती है।
23 अक्तूूबर (सप्तमी) मां कालरात्रि की पूजा
इस दिन आने वाले संकटों से मुक्ति पाने के लिए मां कालरात्रि को गुड़ या इससे बनी मिठाई का भोग लगाया जाता है।
24 अक्तूूबर (अष्टमी) मां महागौरी की पूजा
माता के इस रूप को नारियल का भोग लगाना चाहिए।
25 अक्तूूबर (नवमी) मां सिद्धिदात्री की पूजा
नवरात्रि पारण, इस दिन देवी मां को धान की लाई का भोग लगेगा। इस दिन पूजा करने से चंद्र ग्रह की शांति होती है।
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शक्ति पीठ मां शीतला की दरबार में कोविड नियमों के बीच लगेगा नौ दिवसीय मेला
-थर्मल स्क्रीनिंग और मास्क लगाने के बाद ही मिलेंगे मां के दर्शन, नहीं बजा सकेंगे घंटा-घड़िय़ाल
कड़ा। 51 शक्ति पीठों में शामिल कड़ा स्थित मां शीतला के दरबार में शनिवार से नौ दिवसीय नवरात्र मेला प्रारंभ होगा। इस दौरान पूरे नौ दिन तक स्थानीय के साथ ही पड़ोसी जनपदों व राज्यों से हजारों की संख्या में भक्त मां की दरबार में माथा टेकने के लिए आएंगे। लेकिन कोरोना काल में पड़ रहे नवरात्र मेले में भक्तों को कोविड नियमों का पालन करना होगा। थर्मल स्क्रीनिंग कराने के साथ ही मास्क लगाने के बाद ही भक्त मां के दरबार में माथा टेक सकेंगे। इसमें भी परिसर के अंदर उन्हें घंटा-घड़ियाल नहीं बजाने दिया जाएगा।

पंडा समाज के अध्यक्ष आत्म प्रकाश उर्फ टिंकू पंडा ने बताया कि नवरात्र मेले में कोविड-19 के नियमों का पालन कराया जाएगा। संक्रमण से बचाव के लिए मंदिर परिसर का हर घंटे सैनिटाइजेशन कराया जाएगा। अंदर लगे सभी घंटों को पैक कर दिया गया है। भक्त माता का दर्शन करें और जयकारा लगाएं। पुरोहित और यजमान दोनों की थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद मास्क लगाकर ही अंदर प्रवेश कर सकेंगे। भक्तों के बीच दो गज की दूरी बनाए रखने के लिए एक बार में सिर्फ 20 लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा। मंदिर के तीनों कपाट खुलेंगे लेकिन दो से प्रवेश व तीसरे से निकास की व्यवस्था की गई है। सैनिटाइजर के लिए दो पंखे हर वक्त चलते रहेंगे। इन सभी व्यवस्थाओं के साथ ही मेले में आने वाले भक्तों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

Mother's court will be decorated from today with establishment of urn

Mother's court will be decorated from today with establishment of urn- फोटो : KAUSHAMBI

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