कौशाम्बी : मां व भ्रूण एक साथ, ससुर-दामाद अलग कब्रों में हुए दफन, मौत के घाट उतारी गई विवाहिता थी गर्भवती
पंडा चौराहे पर शुक्रवार तड़के हुए गोलीकांड में होरीलाल, उसकी बेटी बृजकली व दामाद शिवसरन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बृजकली की शादी दो साल पहले ही हुई थी। वह इन दिनों गर्भ से थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक ससुर-दामाद की तो गोली लगने से मौत हुई लेकिन गोली शरीर में नहीं मिली।
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संदीपन घाट कोतवाली के मोहीउद्दीनपुर गौस गांव के पंडा चौराहे पर शुक्रवार को तीन नहीं, बल्कि चार लोगों की हत्या हुई थी। पोस्टमार्टम में विवाहिता के गर्भ से करीब छह माह का भ्रूण भी निकला है। शनिवार को भ्रूण के साथ उसकी जननी व ससुर-दामाद को अलग-अलग कब्र में दफन किया गया।
पंडा चौराहे पर शुक्रवार तड़के हुए गोलीकांड में होरीलाल, उसकी बेटी बृजकली व दामाद शिवसरन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बृजकली की शादी दो साल पहले ही हुई थी। वह इन दिनों गर्भ से थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक ससुर-दामाद की तो गोली लगने से मौत हुई लेकिन गोली शरीर में नहीं मिली। जबकि बृजकली के गले के पास गोली लगकर उसके पेट में जा फंसी थी।
पोस्टमार्टम में उसके गर्भ से गोली के साथ करीब छह माह का भ्रूण भी निकला। चिकित्सकों ने शनिवार को सभी का शव पुलिस को सौंपा। छबिलवा के समीप ही उमरछा घाट पर पिता-पुत्री को दफन किया गया। यहां तीन कब्र खोदी गईं थी। लेकिन लाश सिर्फ दो में ही दफन की गई। बृजकली के साथ ही उसके अजन्मे बच्चे को भी दफन किया गया।
पास ही दूसरी कब्र में होरीलाल दफनाया गया। जबकि शिवसरन का अंतिम संस्कार उसके गांव कांकराबाद के समीप संदीपन स्थित गंगा घाट में किया गया। सीओ सिराथू अवधेश विश्वकर्मा ने बताया कि विवाहिता गर्भवती थी। भ्रूण को उसी के साथ दफन कराया गया है।
किसी का नहीं हुआ दाह संस्कार
होरीलाल, उसकी बेटी बृजकली व दामाद शिवसरन के शव तो दफना दिए गए, लेकिन किसी का दाह संस्कार नहीं हुआ। पुलिस ने आनन-फानन शवों का अंतिम संस्कार अपनी मौजूदगी में करा दिया।