फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   mining kaushambi rever

बालू के अवैध खनन की जांच शुरू, निशाने पर थानेदार

Sun, 05 Mar 2017 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी Updated Sun, 05 Mar 2017 11:48 PM IST
विज्ञापन
mining kaushambi rever
crime
प्रतिबंध के बावजूद इलाहाबाद-कौशाम्बी की सरहद पर स्थित असरावल घाट से बड़े पैमाने पर बालू की निकासी हो रही थी। इसके अलावा अन्य कई घाटों से चोरी-छिपे बालू बेची जा रही थी। इस खेल में पुलिस की भी संलिप्तता थी। रात में डंपर से बालू ढोया जा रहा था, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही थी। इस खबर को रविवार के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो एसपी ने जांच बैठा दी। जांच के दायरे में वह सभी थानेदार हैं, जिनके क्षेत्र में बालू घाट आते हैं। थानेदारों के अलावा कई चौकी प्रभारी भी अधिकारियों के निशाने पर आ गए हैं।
विज्ञापन


    असरावल घाट पर कई दिनों से बालू निकासी का काम एकदम से तेज हो गया था। असरावल घाट पर मजदूर संगठन करीब चार सौ नावों की मदद से बालू की निकासी कर रहे थे। मजदूरों से बालू खरीदने के बाद ठेकेदार कई गुना दाम में बेचते हैं। छह हजार की बालू 50 हजार रुपये में धड़ल्ले से बिक रही है। जिला मुख्यालय तक बालू आ रही थी। इसके अलावा अन्य कई घाटों से भी चोरी छिपे बालू निकल रही थी। सीबीआई के आने के बाद बालू निकासी पर करीब छह माह से प्रतिबंध लगा है। इसके बाद भी पुलिस की मदद से यह खेल हो रहा था। इस खबर को रविवार के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो एसपी वीके मिश्र ने मामले को गंभीरता से लिया। एसपी ने प्रकरण की जांच बैठा दी है। जांच के दायरे में वह सभी थानेदार हैं, जिनके क्षेत्र में बालू घाट आते हैं। चौकी प्रभारियों की भूमिका संदिग्ध है। जांच के लपेटे में वह भी हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि तीन दिन पहले सरायअकिल एसओ योगेंद्र प्रताप सिंह ने तीन डंपर व ट्रैक्टर तिल्हापुर चौकी के समीप पकड़े थे। इसको अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है।
विज्ञापन


गोपनीय जांच में खुलेगा रहस्य
एसपी वीके मिश्र का कहना है कि अवैध बालू खनन में पुलिस कर्मियों की भूमिका की गोपनीय जांच शुरू हो गई है। गोपनीय जांच में यह पता लगाया जाएगा कि बालू कारोबारियों से पुलिस कर्मियों के क्या संबंध है। अवैध कारोबार में पुलिस की क्या भूमिका है। जांच के बाद जो भी कर्मी लिप्त मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसकी भनक थाने के पुलिस कर्मियों को लग चुकी है। इससे उनके होश उड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मजदूरों पर कसा जाएगा शिकंजा
अवैध बालू खनन में मजदूरों की बड़ी भूमिका है। यमुना किनारे रहने वाले लोग बालू बेचकर ही अपनी रोजी रोटी चलाते हैं। प्रतिदिन एक बोट दो से तीन बार बालू ठेकेदार के चिह्नित स्थान पर उतारी जाती है। एक बोट बालू की कीमत फिलहाल ढाई हजार रुपये ली जा रही है। इसके बाद यही बालू दस गुना दाम में बेची जा रही है। मजदूर संगठनों का इस मामले में दखल बढ़ता जा रहा है। मजदूर संगठन हावी न होने पाए, इसके लिए पुलिस विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed