कौशाम्बी : जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ सदस्यों ने खोला, शपथ पत्र दाखिल करने के लिए मिला एक सप्ताह का समय
जिले में तीन जुलाई 2021 को जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव हुआ था। भाजपा ने कल्पना सोनकर को अपना प्रत्याशी बनाया था। कल्पना सोनकर सपा की विजमा दिवाकर को हराकर अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचीं थीं।
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जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी एक साल बाद ही डगमगाने लगी है। अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सदस्यों ने अध्यक्ष की घेराबंदी शुरू कर दी है। सोमवार को 16 सदस्यों ने डीएम से मिलकर प्रार्थना पत्र दिया। सदस्यों ने अध्यक्ष कल्पना सोनकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। इस पर डीएम ने निश्चित प्रारूप में हफ्ते भर के भीतर हलफनामे के साथ अविश्वास दाखिल करने के लिए कहा। इसी के साथ जिले का राजनीतिक माहौल खासा गर्म हो गया है।
जिले में तीन जुलाई 2021 को जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव हुआ था। भाजपा ने कल्पना सोनकर को अपना प्रत्याशी बनाया था। कल्पना सोनकर सपा की विजमा दिवाकर को हराकर अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचीं थीं। उन्होंने 12 जुलाई को पद और गोपनीयता की शपथ ली। एक साल एक महीने बाद ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी हिलने लगी है। उनकी कार्यशैली पर सदस्यों की नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सोमवार को 26 सदस्यीय सदन के 16 सदस्य कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम सुजीत कुमार से मिले। सदस्यों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर अध्यक्ष पर विकास कार्यों में मनमानी बरतने का आरोप लगाते हुए अविश्वास जाहिर किया। सदस्यों ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की।
इस पर डीएम ने पंचायती राज एक्ट के तहत निश्चित प्रारूप में हफ्ते भर के भीतर हलफनामा सहित अविश्वास दाखिल करने का वक्त दिया। इस पर सदस्य वापस चले आए। सदस्यों ने गोपनीय बैठक कर आगे की रणनीति बनाई। डीएम से मिलने वालों में विजमा दिवाकर, सायमा बेगम, शेर मोहम्मद, अरुण चौधरी, सीमा देवी, अजय सोनी, नरेंद्र सरोज, कमला देवी, सुनीता देवी, साधना सिंह, शेर मोहम्मद, शायमा, राज गौतम, शीला द्विवेदी समेत 16 सदस्य शामिल रहे।
अविश्वास से सपा का किनारा, तेज हुई सियासी सरगर्मी
जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की सुगबुगाहट से जिले का सियासी पारा चढ़ गया है। सपा जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव ने मीडिया को बताया कि अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। ऐसे में यदि सपा से विजयी जिला पंचायत सदस्य अविश्वास में शामिल हुए तो उन्हें नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया जाएगा। बताते चलें कि अविश्वास प्रस्ताव की अगुवाई वार्ड नंबर एक से सदस्य विजमा दिवाकर कर रहीं हैं। विजमा पार्टी से जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी रहीं हैं और उन्होंने दो दिन पहले ही सपा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।