कौशाम्बी : मास्टर माइंड सिपाही ने बेटे को बचाया, भतीजों से दिलाया वारदात को अंजाम
एक रणनीति के तहत उसने बड़े भाई सुग्रीव के बेटे अनूप सिंह, अमर सिंह, अमित सिंह को साजिश का हिस्सा बनाते हुए हत्या के लिए उकसाया। इसके अलावा जाति-बिरादरी का भेद पैदा कर बस्ती के अन्य लोगों तो प्लान में शामिल किया। मकसद साफ था कि बुजुर्ग हो चुके ब़ड़े भाई सुग्रीव के बेटों को जेल हो जाएगी व उसका इकलौता बेटा पूरी जमीन का वारिस होगा।
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मोहीउद्दीनपुर गौस गांव के पंडा चौराहे पर आनुसूचित जाति के तीन लोगों के कत्लेआम का तानाबाना बुनने वाले पीएसी के सिपाही ने एक तीर से दो निशाना साधना चाहा। घटना से पूर्व उसने अपने परिवार को वारदात स्थल से दूर कर दिया, वहीं भतीजों से कत्ल करा दिया। सिपाही का मकसद था कि भतीजे जेल जाएंगे तो उनके नाम पर खरीदी गई जमीनों पर भी वह कब्जा कर लेगा। साथ ही वह ड्यूटी पर होने के कारण खुद बेदाग हो जाएगा।
तिहरे हत्याकांड के मुख्य सूत्रधार सिपाही सुरेश सिंह ने एक बढि़या प्लान तैयार किया था। दरअसल, सुरेश ने अपनी पत्नी सुमन व बड़े भाई सुग्रीव की पत्नी सोना देवी के नाम तमाम उन पट्टेधारकों की जमीन की रजिस्ट्री ले रखी थी, जिन्हें प्रशासन कब्जा नहीं दिला सका। सुरेश का मकसद सिर्फ यह था कि चकबंदी में प्रशासन उसे खुद ही जमीनों पर काबिज करा देगा।
एक रणनीति के तहत उसने बड़े भाई सुग्रीव के बेटे अनूप सिंह, अमर सिंह, अमित सिंह को साजिश का हिस्सा बनाते हुए हत्या के लिए उकसाया। इसके अलावा जाति-बिरादरी का भेद पैदा कर बस्ती के अन्य लोगों तो प्लान में शामिल किया। मकसद साफ था कि बुजुर्ग हो चुके ब़ड़े भाई सुग्रीव के बेटों को जेल हो जाएगी व उसका इकलौता बेटा पूरी जमीन का वारिस होगा।
सात सितंबर को ड्यूटी से अवकाश लेकर आए सिपाही सुरेश ने पूरा प्लान तैयार किया व घटना को अंजाम देने के लिए असलहों की व्यवस्था कराई। नौ सितंबर को वह ड्यूटी पर गया व यह कहकर गया कि जब मृतक शिवसरन के यहां कोई न हो तभी हत्या की जाए। इसकी रेकी के लिए उसने तीरथ निषाद को जिम्मेदारी दी। तीरथ सरायअकिल कोतवाली के नंदा का पुरवा गांव का रहने वाला था।
वह मृतक के घर के समीप ही एक घर बनवा रहा था। लेकिन सिपाही का सारा खेल पकड़े गए आरोपियों के बयान के बाद पलट गया। सिपाही मौजूदा समय जेल में है व माना जा रहा है कि जल्द ही उसे बर्खास्त भी कर दिया जाएगा। सिपाही के तीन बेटियां व एक बेटे हैं। उन्हें उसने इस साजिश से दूर रखा। यहां तक की भाई सुग्रीव के बेटों के साथ उसने वारदात का तानाबाना बुना लेकिन उसे (सुग्रीव) भनक तक नहीं लगने दी। इस बाबत सीओ चायल योगेंद्र कृष्ण नारायण का कहना है विवेचना जारी है। जांच में जिनकी भी भूमिका सामने आएगी उन्हें मुकदमे में शामिल कर जेल भेजा जाएगा।