{"_id":"65b2daf1fd9cc998440dca14","slug":"mason-dies-after-touching-rebar-with-high-tension-wire-kaushambi-news-c-261-1-sald1002-107771-2024-01-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: हाइटेंशन तार से सरिया छू जाने पर राजगीर की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: हाइटेंशन तार से सरिया छू जाने पर राजगीर की मौत
Fri, 26 Jan 2024 03:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 26 Jan 2024 03:34 AM IST
विज्ञापन
उमरवल गांव में राजगीर मिथलेश की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन। संवाद
पिपरी कोतवाली के उमरवल गांव में बृहस्पतिवार दोपहर निर्माणाधीन मकान के लिए सीधी की जा रही सरिया हाइटेंशन तार के संपर्क में आ गई। हादसे में राजगीर की मौत हो गई। घटना के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम है।
उमरवल गांव निवासी मिथलेश कुमार (30) पुत्र रामसजीवन राजगीर का काम करता था।इन दिनों वह गांव के वीरेंद्र सिंह का मकान ठेका लेकर बना रहा था। निर्माणाधीन मकान के सामने से ही नलकूप की सप्लाई के लिए 11 हजार का हाइटेंशन तार गुजरा है।
पत्नी गुड्डी देवी ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर उसके पति निर्माणाधीन मकान की बीम बनाने के लिए सरिया सीधा कर रहे थे। इसी बीच अचानक धोखे से सरिया ऊपर से गुजरे हाइटेंशन लाइन की तार से छू गया। वह करंट की चपेट में आ गए। साथी मजदूरों ने किसी तरह सूखे बांस-बल्ली की मदद से उन्हें करंट के संपर्क से अलग किया।
विज्ञापन
आननफानन में निजी वाहन से मिथलेश को सरायअकिल के निजी अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। राजगीर की मौत से परिजन रोने-बिलखने लगे। मामले में इंस्पेक्टर दिनेश सिंह परिहार ने बताया कि फिलहाल परिजनों ने किसी तरह का आरोप नहीं लगाया है।
विज्ञापन
उमरवल गांव निवासी मिथलेश कुमार (30) पुत्र रामसजीवन राजगीर का काम करता था।इन दिनों वह गांव के वीरेंद्र सिंह का मकान ठेका लेकर बना रहा था। निर्माणाधीन मकान के सामने से ही नलकूप की सप्लाई के लिए 11 हजार का हाइटेंशन तार गुजरा है।
विज्ञापन
पत्नी गुड्डी देवी ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर उसके पति निर्माणाधीन मकान की बीम बनाने के लिए सरिया सीधा कर रहे थे। इसी बीच अचानक धोखे से सरिया ऊपर से गुजरे हाइटेंशन लाइन की तार से छू गया। वह करंट की चपेट में आ गए। साथी मजदूरों ने किसी तरह सूखे बांस-बल्ली की मदद से उन्हें करंट के संपर्क से अलग किया।
विज्ञापन
आननफानन में निजी वाहन से मिथलेश को सरायअकिल के निजी अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। राजगीर की मौत से परिजन रोने-बिलखने लगे। मामले में इंस्पेक्टर दिनेश सिंह परिहार ने बताया कि फिलहाल परिजनों ने किसी तरह का आरोप नहीं लगाया है।

उमरवल गांव में राजगीर मिथलेश की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन। संवाद