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महाशिवरात्रि: मंदिरों में गूंजा हर-हर, बम-बम
Tue, 05 Mar 2019 12:14 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Tue, 05 Mar 2019 12:14 AM IST
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कौशाम्बी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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मंझनपुर/कड़ा/करारी। दोआबा में महाशिवरात्रि धूमधाम से मनाई गई। सोमवार को दिनभर शिवालयों में हर-हर, बम-बम के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने नजदीक के घाटों पर डुबकी लगाकर जलाभिषेक किया।
महाशिवरात्रि हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है। मान्यता है कि सृष्टि का प्रारंभ इसी दिन से हुआ था। इसके अलावा इसी दिन भगवान शिव का विवाह देवी पार्वती के साथ हुआ था। साल में होने वाली 12 शिवरात्रियों में इस मास की महाशिवरात्रि को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। सोमवार को महाशिवरात्रि पर मंझनपुर, करारी, भरवारी, सरायअकिल, सिराथू, पश्चिमशरीरा समेत अन्य शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ दिखी। श्रद्धालुओं ने शिवालयों में दूध, शहद, भांग, धतूरा, बेलपत्र बेर, जौ की बाली, चना का होरा व आम के बौर शिवलिंग पर अर्पित कर विधि-विधान से पूजा की। कड़ा में महाकालेश्वर मंदिर में भगवान शंकर पर जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लाइन लगी रही। मंझनपुर स्थित बड़ा शिवाला में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। कड़ा में कुबरी, कालेश्वर पल्हाना, संदीपन, कांकराबाद, शहजादपुर, असदपुर एवं फतेहपुर आदि घाटों पर सुबह से ही स्नानार्थियों का तांता लगा रहा। तमाम श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद स्थानीय शिव मंदिरों में जलाभिषेक किया। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने घरों और मंदिरों में रुद्राभिषेक भी किया। टेंवा स्थित महेश बाबा के प्राचीन शिव मंदिर में हर साल की तरह इस बार भी मेले का आयोजन हुआ। यहां दूर-दराज से बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा करने के बाद मेले का आनंद लिया।
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महाशिवरात्रि हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है। मान्यता है कि सृष्टि का प्रारंभ इसी दिन से हुआ था। इसके अलावा इसी दिन भगवान शिव का विवाह देवी पार्वती के साथ हुआ था। साल में होने वाली 12 शिवरात्रियों में इस मास की महाशिवरात्रि को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। सोमवार को महाशिवरात्रि पर मंझनपुर, करारी, भरवारी, सरायअकिल, सिराथू, पश्चिमशरीरा समेत अन्य शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ दिखी। श्रद्धालुओं ने शिवालयों में दूध, शहद, भांग, धतूरा, बेलपत्र बेर, जौ की बाली, चना का होरा व आम के बौर शिवलिंग पर अर्पित कर विधि-विधान से पूजा की। कड़ा में महाकालेश्वर मंदिर में भगवान शंकर पर जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लाइन लगी रही। मंझनपुर स्थित बड़ा शिवाला में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। कड़ा में कुबरी, कालेश्वर पल्हाना, संदीपन, कांकराबाद, शहजादपुर, असदपुर एवं फतेहपुर आदि घाटों पर सुबह से ही स्नानार्थियों का तांता लगा रहा। तमाम श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद स्थानीय शिव मंदिरों में जलाभिषेक किया। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने घरों और मंदिरों में रुद्राभिषेक भी किया। टेंवा स्थित महेश बाबा के प्राचीन शिव मंदिर में हर साल की तरह इस बार भी मेले का आयोजन हुआ। यहां दूर-दराज से बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा करने के बाद मेले का आनंद लिया।
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