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Kaushambi :दो हत्यारोपियों ने जेल में ही तय किया बेटे-बेटी का रिश्ता, पैरोल पर जेल प्रशासन ने छोड़ा

Fri, 24 Feb 2023 06:24 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 24 Feb 2023 06:24 AM IST
सार

दोनों ने अपने बेटे-बेटी की शादी का रिश्ता तय कर लिया। इसके बाद सजा काट रहे वर-वधू के पिताओं ने जेल प्रशासन से विवाह का साक्षी बनने के लिए पैरोल की इजाजत मांगी।

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Kaushambi: Two murderers fixed son-daughter relationship in jail, jail administration released them on parole
शादी, विवाह - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

हत्या के अलग-अलग मामलों में सजा काट रहे दो लोग सलाखों के पीछे ही रिश्तेदार बन गए। दोनों ने अपने बेटे-बेटी की शादी का रिश्ता तय कर लिया। इसके बाद सजा काट रहे वर-वधू के पिताओं ने जेल प्रशासन से विवाह का साक्षी बनने के लिए पैरोल की इजाजत मांगी। जेल प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन ने पैरोल की अनुमति दे दी।

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पिपरी कोतवाली के कटहुला गांव निवासी सुमित तथा धारा सिंह हत्या के एक मामले में 10 साल की सजा काट कर रहे हैं। जेल में धारा सिंह की मुलाकात सरायअकिल कोतवाली के अतरसुइया निवासी अर्जुन सिंह से हुई जो हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।अर्जुन तथा धारा सिंह के बीच जेल में बीत रहे पल दोस्ती में बदल गए।

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दोस्ती टूटे नहीं, इसे लेकर दोनों ने आपस में रिश्तेदार बनने का फैसला लिया। धारा का बेटा सुमित जेल में सजा पूरी करके छूट चुका है। अर्जुन ने अपनी बेटी के वर के तौर पर सुमित को चुना।

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उसने यह बात धारा से बताई तो वह भी तैयार हो गया। शादी की सारी तैयारियां की गईं। इस पर सुमित के पिता धारा तथा बेटी के पिता अर्जुन ने पेरोल मांगी थी। पुलिस अभिरक्षा में वर-वधू के सजायाफ्ता पिता को पेरोल पर छोड़ा गया। बुधवार को धूमधाम से शादी की रस्में पूरी हुईं।

शासन की स्वीकृति मिलने के बाद विवाह की रस्म निभाने के लिए कैदी अर्जुन सिंह को 21 दिन तथा धारा सिंह को चार दिन का पेरोल दिया गया है। पैरोल खत्म होने के बाद उन्हें फिर से जेल में दाखिल करा दिया जाएगा।
- भूपेश सिहं, प्रभारी जेल अधीक्षक

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